पवन खेड़ा को तमिलनाडु से राज्यसभा भेजने की जुगत में है कांग्रेस, स्टालिन से बातचीत जारी
x
कहा जा रहा है कि पवन खेड़ा के नाम पर डीएमके को शायद ही कोई ऐतराज हो

पवन खेड़ा को तमिलनाडु से राज्यसभा भेजने की जुगत में है कांग्रेस, स्टालिन से बातचीत जारी

कहा जा रहा है कि डीएमके को अपनी सहयोगी कांग्रेस की इस मांग पर आपत्ति नहीं हो सकती कि पवन खेड़ा को राज्यसभा भेजा जाए। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे पर चर्चा अगले दौर में होने की उम्मीद है।


Click the Play button to hear this message in audio format

कांग्रेस के तेज-तर्रार प्रवक्ता माने जाने वाले पवन खेड़ा का राज्यसभा के रास्ते संसद पहुंचने का मार्ग खुल सकता है। कांग्रेस की इस सिलसिले में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके चीफ एम.के. स्टालिन से बातचीत चल रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स बता रही हैं कि रविवार रात जब कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन के अलवरपेट स्थित आवास पहुंचे, तो राजनीतिक हलकों में इसे तनातनी बढ़ने के संकेत के तौर पर देखा गया। लेकिन बैठक के भीतर का माहौल अलग रहा। शीर्ष डीएमके और तमिलनाडु कांग्रेस सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि हाल के हफ्तों में विवाद की वजह बनी सत्ता-साझेदारी की मांग पर जोर देने के बजाय वेणुगोपाल ने राज्यसभा सीट पर ध्यान केंद्रित किया, विशेष रूप से कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के लिए, जो तमिलनाडु से बाहर के नेता हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स में एक वरिष्ठ डीएमके सूत्र के हवाले से कहा गया, “डीएमके नेतृत्व के सामने इस तरह की मांग अक्सर नहीं आती। लेकिन नेतृत्व को इससे विशेष आपत्ति नहीं हो सकती।” इसका मतलब ये है कि पवन खेड़ा के नाम पर डीएमके को शायद ही कोई ऐतराज हो।

सत्ता-साझेदारी का मुद्दा बैठक में नहीं उठा

पिछले कुछ हफ्तों से तमिलनाडु कांग्रेस के एक वर्ग ने भविष्य की डीएमके-नीत सरकार में सत्ता-साझेदारी की सार्वजनिक मांग की थी और इस संबंध में प्रस्ताव भी पारित किए थे। राज्यसभा सीट की मांग ऐसे समय आई है जब नामांकन की तारीखें नजदीक हैं, जिससे कांग्रेस की ओर से तत्परता दिखाई दी।

हालांकि, राज्य मंत्रिमंडल में सत्ता-साझेदारी का विवादित प्रश्न. जिसे स्टालिन सार्वजनिक रूप से खारिज कर चुके हैं, रविवार की अहम बैठक में उठाया ही नहीं गया। सूत्रों के अनुसार, विधानसभा सीटों की सटीक संख्या पर भी सहमति नहीं बनी और इसे अगले दौर की बातचीत के लिए छोड़ दिया गया।

बदला हुआ राजनीतिक रुख

हाल के हफ्तों में कांग्रेस के दो नेताओं, विरुधुनगर सांसद मणिक्कम टैगोर और ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस के अध्यक्ष प्रवीण चक्रवर्ती ने न केवल अधिक विधानसभा सीटों बल्कि सरकार में हिस्सेदारी की मांग को लेकर बयानबाजी तेज कर दी थी।

इसके जवाब में स्टालिन ने स्पष्ट रूप से सत्ता-साझेदारी से इनकार कर दिया था। रविवार की बैठक से संकेत मिलता है कि कांग्रेस नेतृत्व औपचारिक स्तर पर अधिक संतुलित रुख अपना रहा है।

कांग्रेस के एक सूत्र के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यह चर्चा का पहला दौर था। हमने राज्यभर के कार्यकर्ताओं की चिंताओं और मुद्दों को सामने रखा है। अब हम उनके जवाब का इंतजार कर रहे हैं।

एक अन्य कांग्रेस सूत्र ने स्पष्ट किया कि सत्ता-साझेदारी का अर्थ केवल मंत्रिमंडल में हिस्सेदारी नहीं है। “जब हम सत्ता-साझेदारी की बात करते हैं, तो इसका मतलब केवल राज्य सरकार में पद नहीं है। पार्टी ने समितियों और जमीनी स्तर की अन्य संस्थाओं में भी हिस्सेदारी का मुद्दा उठाया है। राज्यभर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की शासन प्रक्रिया में भागीदारी होनी चाहिए,” उन्होंने कहा।

स्थानीय निकाय चुनाव भी एजेंडे में

कांग्रेस ने अगले साल होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों में सीट बंटवारे का मुद्दा भी उठाया, जिसे जमीनी संगठन को मजबूत करने के लिए अहम माना जा रहा है।

वेणुगोपाल के साथ तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (टीएनसीसी) के अध्यक्ष के. सेल्वापेरुन्थगई और एआईसीसी प्रभारी गिरीश चोडनकर भी मौजूद थे। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक मुख्य चर्चा वेणुगोपाल और स्टालिन के बीच ही हुई। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी का एक सीलबंद पत्र भी सौंपा, जिससे बैठक को शीर्ष नेतृत्व का महत्व मिला।

पृष्ठभूमि और आगे की राह

डीएमके ने मूल रूप से कांग्रेस की सीट-बंटवारा समिति को सप्ताह के अंत में बातचीत के लिए आमंत्रित किया था। वेणुगोपाल का पहले पहुंचना दोनों दलों के नेताओं के बीच सार्वजनिक बयानबाजी के बाद माहौल को संतुलित करने की कोशिश के रूप में देखा गया।

डीएमके सूत्रों का कहना है कि पार्टी औपचारिक सत्ता-साझेदारी के खिलाफ अपने रुख पर कायम है। हालांकि, वह कांग्रेस को 2021 के 25 सीटों की तुलना में 27 या 28 विधानसभा सीटें देने पर विचार कर सकती है।

Read More
Next Story