अपने तीन विधायकों को कांग्रेस ने दी क्रॉस वोटिंग की सज़ा, तीनों निलंबित, विधायकी छिनेगी
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कांग्रेस का कहना है कि क्रॉस वोटिंग करने वाले अपने तीन विधायकों को संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत अयोग्य ठहराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

अपने तीन विधायकों को कांग्रेस ने दी क्रॉस वोटिंग की सज़ा, तीनों निलंबित, विधायकी छिनेगी

सोमवार को हुए राज्यसभा चुनाव में पार्टी की हिदायत के बाद भी दिलीप रे के समर्थन में वोट दिया था। इन लोगों के निलंबन की जानकारी देते हुए ओडिशा कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'कांग्रेस को धोखा देने वालों ने देश के साथ विश्वासघात किया है।'


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ओडिशा में राज्यसभा चुनाव के दौरान हुई क्रॉस वोटिंग के बाद कांग्रेस ने सख्त रुख अपनाते हुए बागी विधायकों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। पार्टी ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप रे के पक्ष में मतदान करने वाले तीन विधायकों, सनाखेमुंडी के रमेश चंद्र जेना, मोहाना के दसरथी गोमांगो और कटक की सोफिया फिरदौस को निलंबित कर दिया है। इन विधायकों ने पार्टी के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद सोमवार को हुए मतदान में अलग रुख अपनाया।

ओडिशा कांग्रेस ने इस कार्रवाई की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए देते हुए कड़ा संदेश दिया और कहा कि “कांग्रेस को धोखा देने वालों ने देश के साथ विश्वासघात किया है।”

पार्टी के मीडिया सेल प्रभारी अरबिंद दास के अनुसार, यह फैसला पूरी प्रक्रिया की समीक्षा के बाद लिया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित विधायकों ने पार्टी हितों के खिलाफ काम किया, जबकि पहले ही स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे। अब कांग्रेस उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त कराने की दिशा में भी कदम उठाएगी और जल्द ही स्पीकर को नोटिस भेजा जाएगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि इन विधायकों से ऐसी उम्मीद नहीं थी। उन्होंने इसे पार्टी के साथ गद्दारी बताते हुए कहा कि संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत उन्हें अयोग्य ठहराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

पार्टी नेतृत्व ने इस कार्रवाई को जरूरी बताते हुए हाईकमान के समर्थन की भी बात कही है। गौरतलब है कि केवल कांग्रेस ही नहीं, बल्कि मुख्य विपक्षी दल बीजेडी के आठ विधायकों ने भी क्रॉस वोटिंग की, जिसके चलते साझा विपक्षी उम्मीदवार दत्तेश्वर होता को हार का सामना करना पड़ा। हालांकि होता को बीजेडी ने मैदान में उतारा था और कांग्रेस ने भी उनका समर्थन किया था।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस इस तरह की कार्रवाई बिहार और हरियाणा जैसे राज्यों में भी कर सकती है, जहां हालिया चुनावों में पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा है।

हरियाणा में कांग्रेस किसी तरह अपने उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्ध को जिताने में सफल रही, लेकिन पार्टी के भीतर असंतोष साफ नजर आया। पांच विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, जबकि चार वोट अवैध घोषित कर दिए गए। 37 विधायकों वाली कांग्रेस को महज 28 वोट ही मिल पाए।

अब कांग्रेस हरियाणा और बिहार में भी यह पता लगाने में जुटी है कि किन नेताओं ने पार्टी लाइन से हटकर मतदान किया, ताकि उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सके।

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