
इंदौर दूषित पानी: प्रशासन पर सवाल, अफसरों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या की याचिका
Indore: भागीरथपुरा निवासियों ने दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर अदालत में याचिका दायर की है। उनका कहना है कि इलाके में दो साल से गंदा पानी सप्लाई हो रहा था।
Bhagirathpura contaminated water: भागीरथपुरा का नाम अब सिर्फ इलाके के लिए नहीं, बल्कि भयंकर जल संकट और मौत के डर के लिए भी लिया जाने लगा है। पानी की जो बूंदें, जो हमारी जिंदगी का आधार होती हैं, यहां 20 लोगों की जान ले चुकी हैं और सैकड़ों को अस्पताल तक पहुंचा दिया है। लेकिन इस हादसे के बाद भी क्या अब प्रशासन समय पर जागेगा या लोगों को और खतरे से जूझना होगा?
भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग बीमार पड़े हुए हैं। शुक्रवार तक भी 10 मरीज ICU में भर्ती रहे और उनका इलाज जारी है। अब तक कुल 446 मरीज अस्पताल पहुंच चुके हैं, जिनमें से 50 अभी भी भर्ती हैं। 29 दिसंबर को मामला सामने आने के बाद से पूरे इलाके में डर का माहौल है। लोग अब बोरिंग और आरओ का पानी भी उबालकर और छानकर इस्तेमाल कर रहे हैं। इलाके में ड्रेनेज लाइन का काम चल रहा है, जिसका असर स्थानीय कारोबार पर भी पड़ा है।
पूरे प्रदेश में चलेगा शुद्ध पेयजल अभियान
इस घटना के बाद राज्य सरकार हरकत में आई है। अतिरिक्त मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने कहा कि मुख्यमंत्री शुक्रवार से पूरे प्रदेश में शुद्ध पेयजल अभियान शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा के वे बोरिंग, जो मुख्य जल लाइन से जुड़े थे, काट दिए गए हैं। इलाके के सभी नगर निगम बोरिंग सील किए जाएंगे। 12 जनवरी से नर्मदा जल की सप्लाई शुरू होगी। पानी की दोबारा जांच और सैंपल टेस्टिंग की जाएगी। पूरे शहर में जल आपूर्ति की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम बनाया जाएगा। मंडलोई ने बताया कि डायरिया के मामलों में अब कमी आई है, लेकिन जांच में ई-कोलाई जैसे बैक्टीरिया पाए गए हैं।
राहत कार्य तेज, घर-घर पहुंच रहा राशन
गुरुवार को आकाश विजयवर्गीय, महामंडलेश्वर रामगोपालदास महाराज और विधायक रमेश मेंदोला की मौजूदगी में घर-घर राशन किट बांटी गई। जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए जनजागरूकता अभियान भी शुरू किया गया। राशन किट में आटा, दाल-चावल, तेल और मसाले थे। खास बात यह रही कि किराएदारों और एक ही मकान में रहने वाले अलग-अलग परिवारों को भी अलग किट दी गई। विजयवर्गीय ने बताया कि यह व्यवस्था*एक बड़े व्यापारी के सहयोग से की गई है।
मलेरिया विभाग भी अलर्ट
20 मौतों के बाद मलेरिया विभाग की टीम भी इलाके में पहुंची। टीम ने जांच की कि कहीं पानी जमा तो नहीं है और मच्छर तो नहीं पनप रहे। फिलहाल ऐसी स्थिति नहीं मिली। लोगों को सलाह दी गई कि पीने का पानी लंबे समय तक जमा न रखें, पानी को ढककर रखें और पानी में गंदगी न जाने दें। नगर निगम की गाड़ियां लगातार इलाके में मुनादी कर रही हैं।
सरकारी बोरवेल की जियो-ट्रैकिंग पूरी
नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के निर्देश पर विशेष अभियान चलाया गया। इसके तहत 2250 से अधिक सरकारी बोरवेल की जियो-ट्रैकिंग पूरी की गई। क्लोरीनेशन पर विशेष ध्यान दिया गया और पानी की गुणवत्ता जांच के लिए 50 से ज्यादा सैंपल लिए गए। इससे भविष्य में जल स्रोतों की बेहतर निगरानी संभव हो सकेगी।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
सांवेर में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर कलेक्टर के RSS कार्यालय जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को राजनीतिक या वैचारिक संगठनों के दफ्तरों में नहीं जाना चाहिए। पटवारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अधिकारी राजनीतिक तरीके से काम करेंगे तो कांग्रेस इसका विरोध करना जानती है।
अधिकारियों पर गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज कराने की मांग
भागीरथपुरा निवासियों ने दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर अदालत में याचिका दायर की है। उनके वकील ने कहा कि इलाके में दो साल से गंदा पानी सप्लाई हो रहा था। 2024 में एक युवती की मौत भी दूषित पानी से हुई थी। नर्मदा पाइपलाइन बदलने के टेंडर जानबूझकर रोके गए। याचिका में मांग की गई है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया जाए और जांच पूरी होने तक उन्हें पद से हटाया जाए। कोर्ट ने 24 जनवरी तक जांच रिपोर्ट पेश करने के आदेश बाणगंगा थाना प्रभारी को दिए हैं।

