
इंदौर में दूषित पानी संकट: 110 मरीज भर्ती, 17 मौतें, 3 याचिकाओं पर हाई कोर्ट में सुनवाई
Bhagirathpura के मामले ने साफ कर दिया है कि साफ पानी की आपूर्ति और निगरानी में बड़ी कमी थी। प्रशासन ने अब सुधार के कदम उठाए हैं, लेकिन स्थानीय लोगों के साथ हाई कोर्ट की भी निगरानी जारी है।
Indore Contaminated water: इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से पैदा हुआ स्वास्थ्य संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। दूषित पानी ने अब तक 17 लोगों की जान ले ली है और 110 से अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। यह केवल बीमारी नहीं, बल्कि प्रशासन और न्याय की चुनौती भी बन चुका है। हर दिन नए मरीज सामने आ रहे हैं, हाई कोर्ट में सुनवाई हो रही है और प्रशासन राहत पहुंचाने में जुटा है। क्या इंदौर के लोग अब सुरक्षित पानी की उम्मीद कर पाएंगे, यह सवाल सभी के सिर पर मंडरा रहा है।
नए मामले और अस्पताल की स्थिति
भागीरथपुरा में सोमवार को उल्टी-दस्त के 38 नए मामले सामने आए। इनमें से 6 मरीजों को अरबिंदो हॉस्पिटल में रेफर किया गया। अब तक कुल 421 मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया जा चुका है, जिनमें से 311 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं। वर्तमान में 15 मरीज आईसीयू* में हैं।
हाई कोर्ट में सुनवाई
इस मामले को लेकर एमपी हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में मंगलवार को तीन अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई होगी। पहली याचिका हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रितेश इनानी की ओर से दाखिल की गई है। वहीं, दूसरी याचिका पूर्व पार्षद प्रमोद द्विवेदी की ओर से वकील मनीष यादव द्वारा और तीसरी भागीरथपुरा के वरुण गायकवाड़ की ओर से एडवोकेट अभिनव धनोतर द्वारा दाखिल की गई है। पहली और दूसरी याचिका में प्रभावित लोगों का मुफ्त इलाज और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की गई है, जबकि तीसरी याचिका में मीडिया रिपोर्टिंग पर बैन की मांग शामिल है।
प्रशासन की कार्रवाई
इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने टैंकरों से पानी की सप्लाई, लाइन लीकेज सुधार और दवा वितरण का निरीक्षण किया। नगर निगम का कहना है कि 30 दिसंबर को 36, 31 दिसंबर को 34 और 1 जनवरी को 33 टैंकरों से स्वच्छ पानी सप्लाई किया गया। प्रभावित इलाकों में 200 टीमें घर-घर सर्वे कर रही हैं। अब तक 2,745 घरों में लगभग 14 हजार लोगों से संपर्क किया जा चुका है।
अधिकारियों पर सख्ती
इस मामले में जोन-4 के जोनल अधिकारी और असिस्टेंट इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि सब इंजीनियर की सेवाएं खत्म कर दी गई हैं।
17वीं मौत का मामला
69 वर्षीय रिटायर्ड पुलिसकर्मी ओमप्रकाश शर्मा की सोमवार को मौत हुई। वह अपने बेटे से मिलने इंदौर आए थे। 1 जनवरी को उल्टी-दस्त के कारण उन्हें प्राइवेट अस्पताल में भर्ती किया गया। जांच में उनकी किडनी खराब पाई गई और हालत बिगड़ने पर 2 जनवरी को ICU में ले जाया गया। दो दिन बाद उनकी मौत हो गई।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
कांग्रेस ने शहर के सभी 85 वार्डों में कैंडल मार्च निकाला और प्रदर्शन किया। साथ ही प्रभावित लोगों की मदद और जलापूर्ति को लेकर दबाव बनाया।

