
तूफान ‘डिट्वाह’ का खतरा, तमिलनाडु में रेड अलर्ट, तैयारी शुरू
चक्रवात डिट्वाह तमिलनाडु तट की ओर बढ़ रहा है। IMD ने दक्षिण और डेल्टा जिलों में भारी बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया। सरकार ने SDRF-NDRF तैनात कर तैयारियां तेज कीं।
मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात ‘डिट्वाह’ धीरे-धीरे तमिलनाडु तट की ओर बढ़ रहा है और आगामी दो दिनों में राज्य के कई जिलों में भारी वर्षा ला सकता है। इस संभावित खतरे को देखते हुए तमिलनाडु सरकार ने अपनी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की है।
IMD की चेतावनी: दक्षिण और डेल्टा जिलों में भारी वर्षा की संभावना
मौसम विभाग ने शुक्रवार (29 नवंबर) को चेतावनी जारी करते हुए कहा कि 29 और 30 नवंबर के बीच राज्य के दक्षिणी हिस्सों और कावेरी डेल्टा जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। ‘डिट्वाह’ नाम यमन द्वारा प्रस्तावित है, जिसका अर्थ लैगून (झीलनुमा खाड़ी) होता है। माना जा रहा है कि इसका नाम यमन के सोकोट्रा द्वीप पर स्थित प्रसिद्ध ‘डेट्वाह लैगून’ से लिया गया है।
IMD के बुलेटिन के अनुसार चक्रवात ‘डिट्वाह’ श्रीलंका तट और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के पास धीमी गति (7 किमी/घंटा) से उत्तर दिशा में बढ़ रहा है। शुक्रवार शाम 5:30 बजे यह कराईकल से 270 किमी, पुदुचेरी से 380 किमी और चेन्नई से 490 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में स्थित था।
पिछले महीने आए ‘मोंथा’ के बाद फिर खतरा
पिछले महीने आए चक्रवात ‘मोंथा’ ने राज्य के उत्तरी जिलों में भारी बारिश करवाई थी। अब एक बार फिर मौसम बिगड़ने की आशंका है। मुख्यमंत्री स्टालिन ने किया निरीक्षण: “दक्षिण और डेल्टा जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र में तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा दक्षिण और डेल्टा जिलों में 24 घंटे में 20 सेमी से अधिक वर्षा की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। मैंने संबंधित जिलों के कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की है और सभी को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
स्टालिन ने बताया कि सभी संवेदनशील जिलों में वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया गया है और वे अपने क्षेत्रों में पहुंच चुके हैं। उन्हें विशेष रूप से उन स्थानों पर निगरानी रखने को कहा गया है, जो पहले भी चक्रवातों से बुरी तरह प्रभावित रहे हैं।
चक्रवात की संभावित दिशा
IMD के अनुसार यह चक्रवात बहुत संभव है कि उत्तर-उत्तरी-पश्चिम दिशा में श्रीलंका तट पार करते हुए दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से उत्तर तमिलनाडु, पुदुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश तट के पास 30 नवंबर की सुबह पहुंचे।”
SDRF और NDRF की टीमें तैनात
मुख्यमंत्री ने बताया कि 16 SDRF टीमें, 12 NDRF टीमों को भारी बारिश की आशंका वाले जिलों में पहले ही तैनात कर दी गई हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे समन्वय बनाकर काम करें और भोजन, दूध व आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित रखें। स्टालिन ने चेन्नई में भी भारी बारिश की चेतावनी दी और कहा कि निचले इलाकों से लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के आदेश दिए जा चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां
स्वास्थ्य मंत्री मा. सुब्रमणियन ने बताया कि सभी सरकारी अस्पतालों में 24×7 मेडिकल टीमें तैयार रहेंगी। बिजली कटौती से निपटने के लिए बैकअप व्यवस्था मजबूत की गई है।
मछुआरों को चेतावनी
मौसम विभाग ने कहा कि समुद्र की स्थिति बेहद खराब है। 30 नवंबर तक समुद्र बहुत ज्यादा उग्र रहेगा। 1 दिसंबर से स्थिति धीरे-धीरे सुधरने की उम्मीद है।
इंडिगो ने रद्द की कई उड़ानें
चक्रवात के असर के कारण इंडिगो एयरलाइंस ने 29 नवंबर को जाफना,पुदुचेरी, तूतीकोरिन, तिरुचिरापल्ली जाने और आने वाली कई उड़ानें रद्द कर दीं।एयरलाइन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जांच लें। कई घरेलू रूटों की उड़ानें भी प्रभावित हुई हैं।
पंबन ब्रिज पर हवा की रफ्तार बढ़ी, ट्रेनें रद्द
तेज हवाओं (58 किमी/घंटा) के कारण रामेश्वरम–ओखा एक्सप्रेस शुक्रवार रात रद्द कर दी गई। अगले दो दिनों में रमेश्वरम–चेन्नई रूट की 11 ट्रेनों का प्रारंभिक स्टेशन बदला गया, जिन्हें अब मंडपम, रामनाथपुरम और उच्छिपुलि से चलाया जाएगा।

