कोटद्वार में मुस्लिम दुकानदार के पक्ष में खड़े होने की कीमत चुका रहे हैं मोहम्मद दीपक, जिम में घटे सदस्य
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दीपक कुमार (बाएं) 26 जनवरी को तब बजरंग दल के सदस्यों से भिड़ गए थे जब वो वकील अहमद (दाएं) से दुकान का नाम बदलवाने का दबाव डाल रहे थे

कोटद्वार में मुस्लिम दुकानदार के पक्ष में खड़े होने की कीमत चुका रहे हैं 'मोहम्मद दीपक', जिम में घटे सदस्य

26 जनवरी को 38 वर्षीय दीपक बजरंग दल से जुड़े लोगों से टकरा गए थे, जोकि पार्किंसन रोग से पीड़ित 70 वर्षीय मुस्लिम दुकानदार पर उसकी दुकान के नाम से 'बाबा' शब्द हटाने का दबाव बना रहे थे


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70 साल के एक मुस्लिम दुकानदार के खिलाफ हो रहे उत्पीड़न का विरोध करना खुद दीपक कुमार को भारी पड़ता दिख रहा है। उत्तराखण्ड के पौड़ी गढ़वाल ज़िले के कोटद्वार में स्थित उनके 'हल्क जिम' के अधिकांश सदस्य अब जिम छोड़ चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स बता रही हैं कि एक किराए की इमारत में चलने वाला दीपक कुमार का जिम, जहां कभी रोज़ाना 150 सदस्य आते थे, अब घटकर सिर्फ 15 लोगों तक सिमट गया है।

26 जनवरी को 38 वर्षीय दीपक बजरंग दल से जुड़े लोगों से टकरा गए थे, जोकि पार्किंसन रोग से पीड़ित 70 वर्षीय मुस्लिम दुकानदार पर उसकी दुकान के नाम से 'बाबा' शब्द हटाने का दबाव बना रहे थे। टकराव के दौरान जब दीपक से उनका नाम पूछा गया, तो उन्होंने खुद को 'मोहम्मद दीपक' बताया।

इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे दीपक अचानक सुर्खियों में आ गए, लेकिन इसके साथ ही उन्हें विरोध और दबाव का भी सामना करना पड़ा। 31 जनवरी को बजरंग दल के कई सदस्य दीपक से भिड़ने के लिए पहुंचे, हालांकि पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाल लिया।

घटना के एक हफ्ते बाद कोटद्वार का माहौल बंटा हुआ नजर आता है। एक वर्ग दीपक के समर्थन में खड़ा है, जबकि दूसरा उनकी इस पहल से नाराज़ दिखता है। दीपक कहते हैं, “शहर का आधा हिस्सा मेरे साथ है, लेकिन अच्छे कामों के लिए लोग तालियां नहीं बजाते। ईमानदारी की कीमत चुकानी पड़ सकती है।”

इसका सीधा असर उनके जिम पर पड़ा है। मीडिया रिपोर्ट्स में दीपक के हवाले से कहा गया है, “लोग डरे हुए हैं और मैं उनकी स्थिति समझता हूं। लेकिन जिम पूरे एक फ्लोर में चलता है, जिसका मासिक किराया 40,000 रुपये है। हमारे परिवार की आमदनी का सिर्फ एक ही स्रोत है। मैंने हाल ही में घर बनवाया है और हर महीने 16,000 रुपये की किस्त भी चुकानी पड़ रही है।”

उन्होंने बताया कि जो सदस्य अभी भी जिम से जुड़े हुए हैं, उन्होंने भरोसा दिलाया है कि वे साथ नहीं छोड़ेंगे। दीपक कहते हैं, “जिम में सदस्यों का आना-जाना आम बात है, लेकिन एक बार कोई सदस्य चला जाए तो उसे दोबारा वापस लाना आसान नहीं होता।”

रविवार को राज्यसभा में सीपीआई(एम) के संसदीय दल के नेता और सांसद जॉन ब्रिटास ने बाबा ड्रेस के मालिक वकील अहमद और दीपक कुमार से मुलाकात की। सीपीआई(एम) ने ट्वीट कर बताया कि ब्रिटास ने जिम का दौरा किया और उसकी सदस्यता ली।

पार्टी के अनुसार, जॉन ब्रिटास ने कोटद्वार पुलिस थाने में भी कड़ा विरोध दर्ज कराया। पार्टी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने दंगाइयों को बचाते हुए दीपक के खिलाफ मामला दर्ज किया। ट्वीट में कहा गया कि ब्रिटास ने ‘मोहम्मद’ दीपक को फासीवादी तत्वों के खिलाफ निडर होकर खड़े होने के लिए बधाई दी और कहा कि ऐसे लोग ही देश की असली उम्मीद और ताकत हैं।

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