बाहर आएगा दिल्ली आबकारी नीति का काला सच? PAC 3 महीने में देगी CAG ऑडिट की रिपोर्ट
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बाहर आएगा दिल्ली आबकारी नीति का काला सच? PAC 3 महीने में देगी CAG ऑडिट की रिपोर्ट

Delhi liquor policy: दिल्ली विधान सभा की लोक लेखा समिति द्वारा इस रिपोर्ट की गहन जांच की जाएगी. यह समिति तीन महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट सदन को प्रस्तुत करेगी.


Delhi PAC investigate CAG report: दिल्ली विधानसभा का सत्र का गुरुवार का तीसरा दिन है. सदन में केजरीवाल सरकार के समय की सीएजी रिपोर्ट को लेकर गरमा-गर्म बहस देखने को मिली. इस दौरान सत्ता पक्ष के विधायकों ने आम आदमी पार्टी पर कई आरोप लगाए. वहीं, दिल्ली विधानसभा ने शराब नीति पर आई सीएजी रिपोर्ट को लेकर लोक लेखा समिति (PAC) का गठन किया. स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि 1 महीने के अंदर आबकारी विभाग एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करे.

दिल्ली विधानसभा स्पीकर ने कहा कि यह पूरी तरह साफ हो चुका है कि रद्द की गई दिल्ली शराब नीति से संबंधित सीएजी की ऑडिट रिपोर्ट ने आम आदमी पार्टी सरकार की गंभीर अनियमितताओं को उजागर किया है. रिपोर्ट में यह विस्तार से बताया गया है कि किस प्रकार सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया गया, ताकि निजी कंपनियां सरकारी खर्च पर अवैध रूप से लाभ कमा सकें. यह ऑडिट साल 2017-2021 के दौरान किया गया था. सीएजी ने नई आबकारी नीति के लागू होने से पहले की अवधि में भी गंभीर अनियमितताओं की ओर इशारा किया है:-

- लाइसेंस देने में अनियमितता

- IMFL मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता की कमी

- अपर्याप्त गुणवत्ता नियंत्रण

- कमजोर नियामक कार्यप्रणाली

- प्रवर्तन गतिविधियों का खराब क्रियान्वयन

वहीं, सीएजी ने गणना की है कि नई नीति में 2002 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा हुआ. यह घाटा निम्नलिखित वजहों से हुआ:-

- सरेंडर किए गए लाइसेंसों का फिर से टेंडर करने में विफलता के कारण 890 करोड़

- छूट के कारण 941 करोड़

- लाइसेंस फीस की माफी के कारण 144 करोड़

- सिक्योरिटी राशि के गलत कलेक्शन के कारण 27 करोड़.

विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सदन इस बात पर सहमत है कि इस मामले की जल्द से जल्द जांच की जानी चाहिए और मामले के निष्कर्ष पर पहुंचा जाना चाहिए, ताकि दोषियों को दंडित किया जा सके. स्थापित संसदीय प्रक्रिया के अनुसार, दिल्ली विधान सभा की लोक लेखा समिति द्वारा इस रिपोर्ट की गहन जांच की जाएगी. यह समिति तीन महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट सदन को प्रस्तुत करेगी. पहली कार्यवाही के रूप में, मैंने विधानसभा सचिवालय को यह निर्देश दिया है कि रिपोर्ट को तुरंत संबंधित विभागों को टिप्पणी प्राप्त करने के लिए भेजा जाए तथा आबकारी विभाग की टिप्पणियां और कार्रवाई नोट अनिवार्य रूप से एक महीने के भीतर प्रस्तुत किए जाएं.

बता दें कि पहले विधानसभा का यह सत्र तीन दिन चलना था. लेकिन अब इस सत्र को 3 मार्च तक के लिए बढ़ा दिया गया है. 25 फरवरी को सदन में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शराब नीति पर CAG की रिपोर्ट पेश की थी. इस पर स्पीकर ने विरेंद्र गुप्ता ने कहा था कि इस रिपोर्ट को पिछली सरकार ने काफी देर तक रोककर रखा था.

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