
FSL रिपोर्ट के बाद कपिल मिश्रा का तंज, आतिशी पर सियासी घमासान
दिल्ली विधानसभा वीडियो पर FSL ने छेड़छाड़ से इनकार किया। स्पीकर ने आतिशी से माफी मांगी। BJP ने घेरा, AAP ने रिपोर्ट को फर्जी बताते हुए कोर्ट की बात कही।
दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने गुरुओं को लेकर की गई टिप्पणी के मामले में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी से जुड़े वीडियो की फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी है। स्पीकर ने कहा कि जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि वीडियो में किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं की गई है। उन्होंने इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा है।
FSL रिपोर्ट सामने आने के बाद दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “सत्यमेव जयते। आज दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है।
आतिशी के वीडियो पर सियासी घमासान तेज
इस मामले को लेकर दिल्ली की मुख्य विपक्षी पार्टी आम आदमी पार्टी (AAP) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने FSL रिपोर्ट को झूठा और फर्जीवाड़े का पुलिंदा बताया। उन्होंने दावा किया कि जालंधर कोर्ट ने सच्चाई सामने रख दी है। भारद्वाज ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर विधानसभा अध्यक्ष में हिम्मत है तो इस रिपोर्ट को कोर्ट में पेश करें।
क्या है पूरा मामला
पूरा विवाद हाल ही में संपन्न दिल्ली विधानसभा सत्र से जुड़ा है। सत्र के दौरान आतिशी जब सदन में अपनी बात रख रही थीं, उसी समय एक वीडियो को लेकर यह दावा किया गया कि उसमें गुरुओं को लेकर टिप्पणी की गई है। इस आरोप के बाद विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी, दोनों ने अलग-अलग स्तर पर जांच की मांग की।
शनिवार सुबह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि विपक्ष की मांग पर सदन की रिकॉर्डिंग को FSL भेजा गया था और अब उसकी रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है।
FSL रिपोर्ट में क्या निकला
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि FSL रिपोर्ट के अनुसार ऑडियो और वीडियो पूरी तरह से प्रामाणिक हैं और उनमें किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की गई है। उन्होंने 6 जनवरी को हुई विधानसभा कार्यवाही का ट्रांसक्रिप्ट भी साझा किया।स्पीकर ने यह भी कहा कि जब वीडियो को जांच के लिए FSL भेजा गया था, तभी 9 जनवरी को अचानक यह खबर सामने आई कि पंजाब सरकार ने पहले ही वीडियो की जांच करवा ली है, रिपोर्ट भी आ गई है और एफआईआर भी दर्ज कर दी गई है। उन्होंने इसे “नाटकीय घटनाक्रम” करार दिया।
पंजाब में जांच को लेकर उठे सवाल
विधानसभा अध्यक्ष ने पंजाब में कराई गई फॉरेंसिक जांच पर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि किस एजेंसी ने यह जांच की और क्या वह पंजाब सरकार के अधीन थी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या एक कॉन्स्टेबल एआई टूल के जरिए वीडियो की फॉरेंसिक जांच कर सकता है। स्पीकर ने कहा कि पंजाब की फॉरेंसिक रिपोर्ट की विस्तृत जानकारी तक सामने नहीं आई है।विजेंद्र गुप्ता ने घोषणा की कि वह पंजाब सरकार द्वारा कराई गई जांच की CBI जांच की सिफारिश करेंगे।
‘वीडियो में गुरु शब्द का स्पष्ट उल्लेख’
स्पीकर ने कहा कि FSL रिपोर्ट से यह साफ है कि वीडियो में ‘गुरु’ शब्द का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गुरुओं पर की गई टिप्पणी से बचने के लिए विपक्ष राजनीतिक हथकंडे अपना रहा है। उन्होंने कहा कि जब आतिशी के पास जवाब देने का कोई रास्ता नहीं बचा, तो राज्य की एजेंसियों का इस्तेमाल किया गया।
कपिल मिश्रा का हमला
FSL रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद मंत्री कपिल मिश्रा ने आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आतिशी ने सदन में जो कहा, वह अब सत्यापित हो चुका है। मिश्रा ने आरोप लगाया कि गुरुओं का अपमान करने वाली आतिशी को बचाने के लिए पंजाब पुलिस का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने कहा, सत्य को कभी प्रमाण की जरूरत नहीं होती।
आम आदमी पार्टी का पलटवार
AAP की दिल्ली यूनिट के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि बीजेपी सरकार की फॉरेंसिक रिपोर्ट सामने आ गई है, लेकिन खोदा पहाड़, निकली चुहिया। उन्होंने दोहराया कि यह रिपोर्ट झूठ और फर्जीवाड़े से भरी है और जालंधर कोर्ट पहले ही सच्चाई सामने रख चुका है। उन्होंने कहा कि अगर हिम्मत है तो इस रिपोर्ट को अदालत में पेश किया जाए।

