
पुरानी पाइपलाइनें, रिसाव और गंदा पानी: दिल्ली की बीजेपी सरकार पर उठते सवाल
Delhi water crisis: प्रवेश वर्मा ने विधानसभा में कहा कि दिल्ली सरकार हर घर तक साफ पानी पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। हालांकि, सवाल यह है कि ये परियोजनाएं कब तक धरातल पर उतर पाएंगी?
Delhi water problem: राजधानी के नल से बहता पानी अब सिर्फ घरों तक नहीं पहुंचता, बल्कि सवाल भी उठाता है। पुरानी और टूटती पाइपलाइनें, रिसाव और लगातार बढ़ते जल प्रदूषण के बीच सवाल यह है कि क्या दिल्ली की बीजेपी सरकार समस्याओं को सच में सुलझाने की कोशिश कर रही है या फिर इसका ठीकरा पिछली आम आदमी पार्टी की सरकार पर फोड़ने की कोशिश कर रही है। राजधानी के 16,000 किलोमीटर लंबे जल नेटवर्क में से 5,200 किलोमीटर पाइपलाइन 30 साल से ज्यादा पुरानी हैं, लेकिन जिम्मेदारी लेने की गति अभी भी धीमी नजर आती है।
दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने विधानसभा में बताया कि राजधानी के जल ढांचे में सुधार के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में लगभग 16,000 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन नेटवर्क में से करीब 5,200 किलोमीटर पाइपलाइन 30 साल से ज्यादा पुरानी है और 2,700 किलोमीटर पाइपलाइन 20 से 30 साल पुरानी है। इन पुरानी और टूटी-पाईपलाइन के कारण पानी में रिसाव, फटने और प्रदूषण जैसी समस्याएं लगातार बनी रहती हैं। जल मंत्री ने साफ किया कि ये समस्याएं पिछली सरकार से विरासत में मिली हैं। उनका कहना था कि हमने ये समस्याएं पैदा नहीं कीं, लेकिन समाधान पेश कर रहे हैं। हम दिल्ली के हर घर में स्वच्छ और निरंतर पानी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
बड़े प्रोजेक्ट
प्रवेश वर्मा ने कहा कि 7000 किलोमीटर पुरानी पाइपलाइन अगले दो-तीन वर्षों में बदल दी जाएगी। इसके अलावा दिल्ली सरकार ने पिछले 11 महीनों में 7,212 करोड़ रुपये के जल विभाग संबंधी विकास कार्य शुरू किए हैं। दिल्ली सरकार उत्तर प्रदेश और हरियाणा से पानी लेने की योजना पर काम कर रही है। इसके बदले दोनों राज्यों को सिंचाई के लिए ट्रीटेड पानी दिया जाएगा। इससे दिल्ली में रोजाना 3 करोड़ गैलन पानी की अतिरिक्त आपूर्ति हो सकेगी।
चंद्रावल और वजीराबाद परियोजनाएं दोबारा शुरू
दिल्ली सरकार ने दो प्रमुख जल परियोजनाओं चंद्रावल और वजीराबाद को पुनर्जीवित किया है। 2,406 करोड़ रुपये की लागत वाली चंद्रावल परियोजना में 1,044 किलोमीटर नई पाइपलाइन और 21 भूमिगत जलाशय बनाए जाएंगे। यह 9 विधानसभा क्षेत्रों को लाभ पहुंचाएगी। वही 3,715 करोड़ रुपये की वजीराबाद परियोजना में 1,697 किलोमीटर नई पाइपलाइन और 14 भूमिगत जलाशय बनेंगे। यह 11 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगी। इन परियोजनाओं के जरिए दिल्ली में जल आपूर्ति में सुधार और 24x7 पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी।
मानिक नहर और सीवर सिस्टम सुधार
जल मंत्री ने कहा कि मानिक नहर से होने वाला पानी का नुकसान अगले दो वर्षों में 5% तक घट जाएगा। इसके लिए विशेष योजना शुरू की गई है। साथ ही, सीवर लाइनों की सफाई के लिए 170 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। सरकार 300 ट्रक किराए पर लेकर घरों से सीवेज को ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाएगी।
दिल्ली को 6 जोन में बांटकर बड़े सुधार
प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली को छह जोन में बांटा गया है– ईस्ट, नॉर्थ ईस्ट, नॉर्थ वेस्ट, वेस्ट, साउथ और साउथ वेस्ट। नई योजनाओं के तहत 4,200 किलोमीटर नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। 54 नए भूमिगत जलाशय (UGR) बनाए जाएंगे। 1,340 नए DMA (District Metered Area) बनाए जाएंगे। सभी कामों का लक्ष्य 24x7 पानी की सप्लाई और NRW (नॉन रेवेन्यू वाटर) कम करना है। जल मंत्री ने आश्वासन दिया कि आने वाले दो-तीन सालों में 16,000 किलोमीटर पाइपलाइन में से 7,000 किलोमीटर पाइपलाइन को बदलकर नई पाइपलाइन डाली जाएगी।

