
दिल्ली में भाजपा सरकार के एक साल को आप ने बताया 'फर्जीवाड़े' का काल
मनीष सिसोदिया ने रेखा गुप्ता सरकार के एक साल को दिल्ली वालों के साथ बड़ा धोखा बताया, महिलाओं की पेंशन से लेकर प्रदूषण और शिक्षा पर 'रिपोर्ट कार्ड' जारी कर घेरा।
AAP On Delhi's Rekha Gupta Government's One Year : भारतीय जनता पार्टी की रेखा गुप्ता सरकार के दिल्ली में एक साल पूरे होने पर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने तीखा हमला बोला है। दिल्ली सरकार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आप के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार के पिछले एक साल के कार्यकाल को 'फर्जीवाड़े का साल' करार दिया। उन्होंने कहा कि 20 फरवरी 2025 को बनी इस सरकार ने दिल्ली की जनता को केवल बड़े सपने दिखाए और फिर उन्हें धोखा दिया। सिसोदिया ने जोर देकर कहा कि हम यह नहीं कहते कि एक साल में सब कुछ बदल जाना चाहिए था। लेकिन पिछले एक साल में दिल्ली के लोगों ने जो फर्जीवाड़ा देखा है, उसे एक्सपोज करना बेहद जरूरी है।
आधी आबादी के साथ मोदी की गारंटी का फर्जीवाड़ा
सिसोदिया ने सबसे पहला प्रहार दिल्ली की महिलाओं से किए गए वादों पर किया। उन्होंने याद दिलाया कि चुनाव से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली की महिलाओं को एक बड़ी गारंटी दी थी। उन्होंने अपनी रैलियों में वादा किया था कि 8 मार्च 2025 से हर महिला के खाते में 2500 रुपये आने लगेंगे। प्रधानमंत्री ने खुद कहा था कि यह 'मोदी की गारंटी' है और वह 8 मार्च को 9 मार्च नहीं होने देंगे। लेकिन आज अप्रैल, मई और जून बीतते हुए पूरा साल निकल गया है। रेखा गुप्ता की सरकार के मुंह से इस गारंटी पर एक शब्द नहीं निकल रहा है। दिल्ली की महिलाएं आज भी अपने खातों में पैसे आने का इंतजार कर रही हैं।
प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर डेटा में हेराफेरी
दिल्ली के पर्यावरण और प्रदूषण के मुद्दे पर भी सिसोदिया ने सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार के समय डस्ट और फायर कंट्रोल के लिए सख्त कदम उठाए जाते थे। ऑड-ईवन जैसे प्रयोगों से प्रदूषण को नियंत्रित किया जाता था। लेकिन भाजपा सरकार इस बार हाथ पर हाथ रखकर बैठी रही। दिल्ली के लोगों ने इस साल दुनिया का सबसे खराब एक्यूआई (AQI) झेला है। जब जनता ने शोर मचाना शुरू किया तो सरकार ने डेटा में फर्जीवाड़ा शुरू कर दिया। कई एक्यूआई सेंटर्स को बंद कर दिया गया या उन्हें हरे-भरे जंगलों में शिफ्ट कर दिया गया। सेंटर्स के आसपास पानी छिड़ककर कृत्रिम रूप से डेटा कम दिखाने की कोशिश की गई।
मिडिल क्लास की पीठ में छुरा और शिक्षा का विनाश
शिक्षा के क्षेत्र में सिसोदिया ने दिल्ली के मध्यम वर्ग के साथ हुए धोखे का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार बनते ही निजी स्कूलों ने मनमाने ढंग से फीस बढ़ा दी। कई स्कूलों ने 80 फीसदी तक फीस बढ़ा दी और सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। फीस न दे पाने वाले बच्चों को कमरों में कैद किया गया और उन्हें परीक्षा से रोका गया। सरकारी स्कूलों की स्थिति भी दयनीय कर दी गई है। केजरीवाल सरकार द्वारा बनाए गए 'स्कूल ऑफ एक्सीलेंस' का बजट काट दिया गया। बाबा साहब अंबेडकर के नाम पर बने स्कूलों का नाम बदलकर सीएम श्री कर दिया गया। हैप्पीनेस और एंटरप्रेन्योरशिप जैसे क्रांतिकारी करिकुलम को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
बेरोजगारी और स्वास्थ्य सेवाओं का पतन
सिसोदिया ने आरोप लगाया कि रेखा गुप्ता सरकार युवाओं को बेरोजगार करने वाली सरकार बन गई है। पिछले एक साल में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों से निकाला गया है। बस मार्शल, मोहल्ला क्लिनिक के डॉक्टर्स, नर्सेस और डेटा एंट्री ऑपरेटर्स को सड़कों पर ला दिया गया। स्वास्थ्य सेवाओं का हाल यह है कि अस्पतालों में मुफ्त दवाइयां और टेस्ट बंद हो गए हैं। केजरीवाल सरकार ने जो 24 नए अस्पताल बनवाए थे, उनका काम रोककर उन्हें निजी हाथों में सौंपने की तैयारी है। दिल्ली की जनता आज बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।
यमुना सफाई और कानून व्यवस्था पर सवाल
यमुना की सफाई को लेकर भी सिसोदिया ने सरकार को आईना दिखाया। उन्होंने कहा कि पिछली छठ पूजा पर नकली यमुना बनाकर मीडिया में प्रचार किया गया। हकीकत में यमुना आज भी उतनी ही मैली है जितनी पहले थी। इसके अलावा दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई है। मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जनवरी के केवल 15 दिनों में 800 लोग गायब या हत्या का शिकार हुए हैं। सड़कों पर गड्ढों के कारण हादसे हो रहे हैं और मुख्यमंत्री जश्न मनाने में व्यस्त हैं। सिसोदिया ने अंत में कहा कि आज दिल्ली का हर नागरिक केजरीवाल को याद कर रहा है।
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