
दिल्ली में नलों से टपक रही 'मौत' ! पानी पर देवेंद्र यादव का हल्ला बोल
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव का दिल्ली की भाजपा सरकार पर हमला. यादव ने दावा किया कि 25 में से मात्र 2 लैब ही मानक पर खरी, जल बोर्ड कर रहा है 'सरकारी हत्या' की साजिश।
Driniking Water In Delhi : देश की राजधानी इस वक्त पानी की बूंद-बूंद के लिए नहीं, बल्कि साफ पानी के लिए तरस रही है। ये दावा है दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव का, जिन्होंने भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार पर 'चौतरफा घेराबंदी' करते हुए बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के नलों में जो पानी आ रहा है, वो जीवन नहीं बल्कि मौत बांट रहा है। शहर के अलग-अलग इलाकों से लिए गए पानी के सैंपलों की रिपोर्ट ने प्रशासन के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं।
इंदौर की आग दिल्ली की दहलीज पर !
देवेन्द्र यादव ने इंदौर की घटना का जिक्र कर दिल्ली की जनता की नींद उड़ा दी है। उन्होंने कहा, "इंदौर में दूषित पानी ने 15 घर उजाड़ दिए, 200 लोग अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं, लेकिन भाजपा नेता 'कुंभकरणी नींद' में डूबे हैं। क्या रेखा गुप्ता सरकार दिल्ली में भी वैसी ही लाशें बिछने का इंतजार कर रही है?" उन्होंने साफ कहा कि जनकपुरी, भलस्वा और अशोक नगर जैसे इलाकों में गंदे पानी की सप्लाई अब कोई तकनीकी खामी नहीं, बल्कि एक 'खुला अपराध' है।
लैब का 'डिब्बा गोल', जनता की सेहत दांव पर
दिल्ली जल बोर्ड की पोल खोलते हुए यादव ने बताया कि दिल्ली में पानी के टेस्ट के लिए 25 टेस्टिंग लैब होने के बावजूद सिर्फ 2 लैब (हैदरपुर और वजीराबाद) ही ग्लोबल स्टैंडर्ड की हैं। यानी दिल्ली की 3 करोड़ आबादी के स्वास्थ्य की निगरानी मात्र 8 प्रतिशत क्षमता पर चल रही है। बाकी की 23 लैब अपनी मान्यता (Accreditation) खो चुकी हैं। यादव ने तंज कसते हुए कहा कि जहां असम, हरियाणा और यूपी जैसे राज्य पानी की शुद्धता में दिल्ली से कोसों आगे हैं, वहीं राजधानी 'सिस्टम के फेल्योर' का शिकार हो गई है।
यमुना में जहर और कागजी दावों पर कांग्रेस देवेन्द्र यादव ने हमला जारी रखते हुए कहा कि पिछले 12 सालों में दिल्ली का इन्फ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह बदहाल हो चुका है। दिल्ली के 37 में से 28 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) मानकों पर पूरी तरह फेल हैं। यमुना में अनुपचारित कचरा सीधे गिर रहा है, लेकिन दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी (DPCC) आंकड़ों की 'जादूगरी' दिखाकर जनता की आंखों में धूल झोंक रही है। फेकल कॉलीफार्म जैसे खतरनाक पैरामीटर फेल होने के बाद भी अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
NGT के आदेश भी 'ठंडे बस्ते' में
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के बार-बार टोकने के बावजूद जल बोर्ड के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। देवेन्द्र यादव ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार एक तरफ 'जल जीवन मिशन' का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं उसकी नाक के नीचे दिल्ली वाले 'जहरीला पानी' पीने को मजबूर हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि कांग्रेस इस 'सरकारी संवेदनहीनता' के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी और जनता के हक के लिए सड़कों पर उतरकर भाजपा सरकार को जगाने का काम करेगी।
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