
दिल्ली में रातभर गड्ढे में फंसा रहा बाइक सवार, सुबह मिली मौत की खबर
दिल्ली के जनकपुरी में DJB के खुले गड्ढे में गिरकर बाइक सवार कमल की मौत हो गई। दफ्तर से लौटते वक्त हादसा हुआ, सुबह पुलिस ने परिजनों को सूचना दी।
नोएडा के युवराज मेहता केस की तरह दिल्ली के जनकपुरी इलाके में एक शख्स दिल्ली जल बोर्ड के खोदे गए गड्ढे में गिरने से मौत हो गई। बाइक सवार का नाम कमल है जो दिल्ली के ही कैलाशपुरी का रहने वाला था। जानकारी के मुताबिक रात को रोहिणी स्थित दफ्तर से घर लौट रहा था। जब वो दफ्तर से निकला तो कमल की उसके घर वालों से बात हुई थी। लेकिन जब वो देर रात तक घर नहीं पहुंचा तो घर वाले उसे ढूंढने निकले। लगातार तलाशने के बाद कमल का कुछ पता नही चला। घर वालों का कहना है कि शुक्रवार सुबह करीब 7:30 बजे के पुलिस का कॉल आया इसके बाद इस घटना के बारे में पता चला। परिजनों का कहना है कि जब वो मौके पर पहुंचे को कमल अपनी बाइक के साथ गड्ढे में गिरा मिला।
दिल्ली आम आदमी पार्टी के संयोजक सौरभ भारद्वाज ने एक्स पर लिखा कि सड़क में गहरे गड्ढे में एक मासूम बाइक सवार गिर कर फंस गया, रात भर पड़ा रहा और मर गया। नोएडा की घटना से दिल्ली की भाजपा सरकार ने कुछ नहीं सीखा। बस रोज़ झूठ बोला जाता है। सौरभ भारद्वाज के ट्वीट पर सोशल मीडिया रेखा गुप्ता सरकार की लानत मलानत कर रहा है।
मृतक कमल के दोस्त ने क्या बताया
मृतक कमल के दोस्त ने बताया कि उसने कल रात उससे बात की थी जब वह डिस्ट्रिक्ट सेंटर पहुंचा था। वह घर से सिर्फ़ 15 मिनट की दूरी पर था... एक घंटे बाद, जब वह घर नहीं पहुंचा, तो हम डिस्ट्रिक्ट सेंटर आए। वह हमारा फ़ोन नहीं उठा रहा था। उसकी बाइक कहीं नहीं दिख रही थी। जब हम शिकायत दर्ज कराने पुलिस स्टेशन गए, तो हमें बताया गया कि हमारी शिकायत सुबह 11 बजे से पहले दर्ज नहीं की जाएगी... पुलिस ने मेरे दोस्त की लोकेशन ढूंढने में हमारी मदद की और हमसे उसे यहां 200 मीटर के दायरे में ढूंढने के लिए कहा। 7 लोग आधी रात से सुबह 7 बजे तक उसे ढूंढ रहे थे, लेकिन हम उसे नहीं ढूंढ पाए।
रात 1 बजे, जब हमने गड्ढे में देखा, तो वह वहां नहीं था। हम हर समय इसी सड़क पर थे, लेकिन हमें समझ नहीं आ रहा कि हमारे चेक करने के बाद वह यहां कैसे पहुंचा। जब हम सुबह 7 बजे घर वापस गए, तो मेरे दोस्त के फ़ोन से हमें एक कॉल आया, और पुलिस ने हमें बताया कि वह यहां गड्ढे में है। रात में पुलिस उसके फ़ोन को क्यों ट्रेस नहीं कर पाई? हमें शक है कि उसकी हत्या की गई है उसके माता-पिता पर क्या बीत रही होगी। हमने अभी तक उसकी मां को नहीं बताया है वह 25 साल का था और रोहिणी सेक्टर 10 में HDFC बैंक के कॉल सेंटर में काम करता था। अब पुलिस तैनात कर दी गई है और गड्ढे के चारों ओर बैरिकेड लगा दिए गए हैं। वे यह पहले क्यों नहीं कर पाए? मेरे दोस्त की जान बच सकती थी।
सोशल मीडिया पर सरकार की खिंचाई
गौरव सिंह नाम के एक यूजर कहते हैं कि बेशर्म सरकार ।सुबह शाम झूठ बोलना, लोगों को मूर्ख बनाना और आता है इन्हें बस टैक्स और टोल की वसूली करो और टैक्स देने वाले को गड्ढे में गिराकर मार दो । हाए रे विकास, विश्वगुरु और विकसित भारत।
प्रीत अहरू नाम के शख्स लिखते हैं कि रात भर गड्ढे में फंसा रहा ये सोचकर ही रूह कांप जाती है। ये हादसा नहीं, प्रशासनिक अपराध है। पीड़ित परिवार को न्याय और दोषियों को सज़ा मिले। इसके साथ ही भूपेंद्र सिंह नाम के शख्स कहते हैं कि अबकी बार कोई बचाने नहीं आया। लोगो को पता है कि अगर मदद करो तो पुलिस वाले जीने नहीं देंगे। मोहिंदर का ही देख लो। दीपक पे तो FIR भी हो गई।

