
50 साल बाद तुर्कमान गेट में फिर गरजे बुलडोजर, इतिहास ने खुद को दोहराया
Delhi Encroachment Drive: तुर्कमान गेट में हाईकोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान हिंसा भड़क गई। पथराव के बाद पुलिस ने आंसू गैस छोड़कर हालात काबू में किए।
Turkman Gate Clash: दिल्ली के रामलीला मैदान के पास मस्जिद और कब्रिस्तान से सटी जमीन पर 6 जनवरी की देर रात करीब एक बजे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम दिल्ली (MCD) ने 17 बुलडोजरों की मदद से इलाके में बने बारात घर, डायग्नोस्टिक सेंटर और कई दुकानों को ध्वस्त कर दिया।
यह कार्रवाई तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद (Faiz e Ilahi Mosque) के पास की जा रही थी। अतिक्रमण हटाने के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए, जिससे इलाके में तनाव पैदा हो गया। भीड़ ने एमसीडी कर्मचारियों और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया और बैरिकेडिंग तोड़कर कार्रवाई रोकने की कोशिश की। हालात बिगड़ते देख पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर कर गलियों में खदेड़ा गया।
सेंट्रल रेंज के जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस मधुर वर्मा ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके को 9 जोन में बांटा गया है और प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी एडीसीपी स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है। संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि वीडियो फुटेज के आधार पर पथराव में शामिल लोगों की पहचान की जाएगी।
डीसीपी निधिन वलसन ने बताया कि यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के तहत एमसीडी द्वारा की जा रही है और फिलहाल जारी है। पथराव के दौरान 4 से 5 पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आई हैं।
कार्रवाई के बाद ध्वस्त किए गए ढांचों का मलबा ट्रकों में भरकर इलाके से हटाया जा रहा है, ताकि जमीन को पूरी तरह खाली कराया जा सके। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने का काम किया जा रहा है और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
क्या है पूरा मामला
फैज-ए-इलाही मस्जिद की प्रबंधन समिति ने एमसीडी के 22 दिसंबर 2025 के आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। एमसीडी के आदेश में कहा गया था कि मस्जिद के बाहर स्थित 0.195 एकड़ जमीन पर बने ढांचे अवैध हैं और उन्हें हटाया जाना चाहिए। निगम का कहना है कि इस अतिरिक्त जमीन पर मालिकाना हक या वैध कब्जे से संबंधित कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं।
एमसीडी का यह आदेश 12 नवंबर 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के निर्देशों के आधार पर जारी किया गया था। डिवीजन बेंच ने तुर्कमान गेट के पास रामलीला मैदान क्षेत्र में लगभग 38,940 वर्ग फुट जमीन से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था। इस क्षेत्र में सड़क, फुटपाथ, बारात घर, पार्किंग और एक निजी क्लिनिक शामिल हैं।
मस्जिद प्रबंधन समिति का कहना है कि यह जमीन वक्फ संपत्ति है और इसके लिए दिल्ली वक्फ बोर्ड को लीज किराया दिया जाता है। समिति ने स्पष्ट किया है कि उन्हें अतिक्रमण हटाने पर कोई आपत्ति नहीं है और बारात घर तथा क्लिनिक का संचालन पहले ही बंद किया जा चुका है। हालांकि, समिति की मुख्य आपत्ति कब्रिस्तान से जुड़ी जमीन को लेकर है।
6 जनवरी को हाईकोर्ट का नोटिस
6 जनवरी को ही दिल्ली हाईकोर्ट ने मस्जिद और कब्रिस्तान से सटी जमीन से अतिक्रमण हटाने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया था। अदालत ने नगर निगम दिल्ली, शहरी विकास मंत्रालय, दिल्ली विकास प्राधिकरण और दिल्ली वक्फ बोर्ड समेत अन्य संबंधित विभागों से जवाब मांगा है।
जस्टिस अमित बंसल ने कहा था कि मामला सुनवाई योग्य है और सभी पक्षों को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। इस मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को निर्धारित की गई है।

