दिल्ली पुलिस के 33 वीरों को मेडल, हिजबुल के काल को वीरता सम्मान
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दिल्ली पुलिस के 33 वीरों को मेडल, हिजबुल के 'काल' को वीरता सम्मान

26 जनवरी पर 33 पुलिसकर्मियों को मेडल। आतंकी मट्टू को पकड़ने वाले प्रमोद कुशवाह को वीरता पुरस्कार। देखें पूरी लिस्ट।


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Republic Day Medals : गणतंत्र दिवस 2026 का मौका दिल्ली पुलिस के लिए बेहद खास बन गया है। कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड से पहले खुशियों की खबर आई है। राष्ट्रपति ने दिल्ली पुलिस के जांबाजों के लिए पुरस्कारों की घोषणा की है। इस बार कुल 33 अधिकारियों और जवानों को मेडल से नवाजा गया है। इनमें वीरता, विशिष्ट सेवा और सराहनीय सेवा पदक शामिल हैं। सबसे ज्यादा चर्चा स्पेशल सेल के उन अधिकारियों की हो रही है। जिन्होंने अपनी जान पर खेलकर खूंखार आतंकी को पकड़ा था। राजधानी की सुरक्षा में तैनात इन प्रहरियों का सम्मान पूरी दिल्ली का सम्मान है। इन 33 वीरों की कहानियों ने पुलिस विभाग का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है। आइए जानते हैं किन-किन को मिला है यह सर्वोच्च सम्मान।


हिजबुल आतंकी को पकड़ने वालों को वीरता पदक
इस साल 14 पुलिसकर्मियों को वीरता पदक (Gallantry Medal) दिया गया है। इसमें सबसे अहम नाम स्पेशल सेल के एडिशनल सीपी प्रमोद सिंह कुशवाह का है। उनके साथ एसआई राजीव कुमार और एसआई शिबू आर.एस. को भी यह सम्मान मिला है। इन जांबाजों ने जनवरी 2024 में एक बड़ा ऑपरेशन अंजाम दिया था। उन्होंने हिजबुल मुजाहिदीन के खूंखार आतंकी जावेद अहमद मट्टू को गिरफ्तार किया था। मट्टू A++ कैटेगरी का आतंकी था। उस पर सरकार ने 10 लाख रुपये का इनाम रखा था।

इन शूरवीरों को भी मिला गैलेंट्री अवार्ड
वीरता पुरस्कार पाने वालों की लिस्ट लंबी है। इसमें इंस्पेक्टर अमित नारा और एसआई ब्रजपाल सिंह कुशवाह का नाम शामिल है। एसआई सतीश कुमार और एसआई उधम सिंह को भी उनकी बहादुरी के लिए चुना गया। इंस्पेक्टर निशांत दहिया और इंस्पेक्टर मंजीत जागलान ने भी मेडल हासिल किया। एसआई अमित भाटी, इंस्पेक्टर मनोज कुमार और एसआई अंशू चौधरी भी सम्मानित हुए। हेड कॉन्स्टेबल अलीम अहमद और इंस्पेक्टर किशन कुमार को भी उनकी दिलेरी का इनाम मिला।

दो दिग्गजों को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक
विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक (PPM) बहुत कम लोगों को मिलता है। इस बार यह सम्मान सिर्फ दो अधिकारियों को मिला है। इसमें रिटायर्ड एसआई ज्ञानेंद्र सिंह राणा और महिला एसआई नवल कुमारी शामिल हैं। एसआई राणा का करियर बेदाग और शानदार रहा है। वे 1986 में बतौर कॉन्स्टेबल भर्ती हुए थे। फिंगर प्रिंट ब्यूरो में रहते हुए उन्होंने बड़ा काम किया। 1989 के चर्चित एयर-होस्टेस मर्डर केस को सुलझाने में उनकी भूमिका अहम थी।

महिला शक्ति का सम्मान
महिला एसआई नवल कुमारी की कहानी भी प्रेरणादायक है। वह 1988 में दिल्ली पुलिस का हिस्सा बनी थीं। उन्होंने 12 साल तक महिलाओं को आत्मरक्षा (Self-defense) की ट्रेनिंग दी। यह काम उन्होंने नई दिल्ली जिले के CAW सेल में किया। इसके बाद वह तीन साल सीबीआई (CBI) में भी रहीं। वहां उन्होंने कई रेड और जांच में सक्रिय भूमिका निभाई। उनकी इसी निष्ठा को देखते हुए राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक दिया गया है।

17 अधिकारियों को सराहनीय सेवा पदक
पुलिस विभाग में लंबी और बेदाग नौकरी करने वालों को भी सराहा गया है। कुल 17 पुलिसकर्मियों को 'सराहनीय सेवा पदक' (Meritorious Service Medal) मिला। इसमें संयुक्त सीपी (IPS) मिलिंद महादेव डुंबरे का नाम सबसे ऊपर है। एसीपी कृष्ण कुमार, एसीपी विमल चड्ढा और एसीपी निशा दीक्षित भी सम्मानित हुए। इंस्पेक्टर रैंक में रामपाल बिधूड़ी, सुरेश कुमार और लाखन लाल मीणा को मेडल मिला। इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह को भी उनकी सेवाओं के लिए पुरस्कार मिला।

निचले स्तर के कर्मचारियों का भी बढ़ा मान
सराहनीय सेवा पदक पाने वालों में सब-इंस्पेक्टर और एएसआई भी शामिल हैं। महिला एसआई खिलोनी देवी और एसआई विक्रम सिंह को मेडल मिला। महिला एसआई काला जोशी और एसआई राकेश कुमार वर्मा भी लिस्ट में हैं। एसआई कृष्ण कुमार जी, एएसआई राजबीर सिंह और एएसआई राजेश कुमार यादव सम्मानित हुए। एएसआई चंद्रजीत यादव और एसएसआई सतीश कुमार यादव को भी यह गौरव प्राप्त हुआ। इन सभी ने अपने करियर में अनुशासन की मिसाल पेश की है।


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