
क्या है I-PAC? ममता बनर्जी की TMC से इसका क्या है कनेक्शन!
I-PAC की स्थापना प्रसिद्ध चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले की थी। इसकी शुरुआत 2013 में Citizens for Accountable Governance के रूप में हुई थी।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को कथित करोड़ों रुपये के कोयला चोरी (कोल पिलफरेज) घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) के कोलकाता स्थित ऑफिस और उसके निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी की। ईडी की यह कार्रवाई कोलकाता के साल्ट लेक स्थित I-PAC ऑफिस और लाउडन स्ट्रीट स्थित प्रतीक जैन के घर सहित करीब 10 ठिकानों पर की जा रही है। इनमें से चार ठिकाने दिल्ली में भी शामिल हैं। छापेमारी के दौरान केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की टीमें भी मौजूद रहीं।
हवाला और कैश ट्रांजैक्शन से जुड़े हैं आरोप
प्रतीक जैन के खिलाफ कोयला घोटाले से जुड़े हवाला लेन-देन और नकद सौदों के संबंध में “ठोस और विशेष सबूत” मिले हैं। इसी आधार पर ईडी ने उन्हें जांच के दायरे में लिया है। प्रतीक जैन, I-PAC के सह-संस्थापक और निदेशक हैं और IIT बॉम्बे के पूर्व छात्र भी हैं। इसके अलावा वे पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आईटी सेल प्रमुख भी हैं।
छापेमारी के बीच प्रतीक जैन के घर पहुंचीं ममता बनर्जी
ईडी की कार्रवाई के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अचानक प्रतीक जैन के आवास पर पहुंचीं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसी TMC के आंतरिक दस्तावेज, हार्ड डिस्क और चुनावी रणनीति से जुड़ा संवेदनशील डेटा जब्त करने की कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया।
क्या है I-PAC?
I-PAC की स्थापना प्रसिद्ध चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले की थी। इसकी शुरुआत 2013 में Citizens for Accountable Governance (CAG) के रूप में हुई थी। I-PAC के निदेशकों में प्रतीक जैन (IIT बॉम्बे), ऋषि राज सिंह (IIT कानपुर) और विनेश चंदेल (NLIU भोपाल) शामिल हैं। कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक, I-PAC “दूरदर्शी नेताओं” के साथ काम करती है और जन-केंद्रित एजेंडा तैयार करने से लेकर उसे जमीन तक पहुंचाने में मदद करती है।
TMC और ममता बनर्जी के साथ I-PAC का काम
I-PAC ने अपनी वेबसाइट पर बताया है कि उसने पश्चिम बंगाल, दिल्ली, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में काम किया है। 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में I-PAC ने ‘दीदी-आर 10 अंगीकार’ अभियान पर काम किया। 2024 के आम चुनावों के लिए ‘दीदीर शपथ – 2024’ अभियान में भी भूमिका निभाई। I-PAC के मुताबिक, 8 विशेष मॉड्यूल्स के जरिए 9 करोड़ से अधिक लोगों से सीधा संवाद किया गया, जिसके बाद ममता बनर्जी बंगाल की आवाज बनकर उभरीं और TMC ने 42 में से 29 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जनादेश हासिल किया।
चुनावी रणनीति से लेकर नीति निर्माण तक दावा
I-PAC का दावा है कि उसने विभिन्न शैक्षणिक और पेशेवर पृष्ठभूमि से आए बेहतरीन दिमागों को एक मंच दिया है और उन्हें भारत की चुनावी प्रक्रिया और नीति निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर प्रदान किया है।

