गंगा में नाव पर क्यों नहीं कर सकते इफ्तार?, वाराणसी में हुई गिरफ्तारियों पर अखिलेश ने उठाए सवाल
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इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर 14 मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार कर लिया

"गंगा में नाव पर क्यों नहीं कर सकते इफ्तार?", वाराणसी में हुई गिरफ्तारियों पर अखिलेश ने उठाए सवाल

वाराणसी में गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी करने पर एफआईआर और गिरफ्तारियों को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि युवकों ने DM-SP की हथेली गरम नहीं की होगी, इसलिए कार्रवाई हुई।


वाराणसी में गंगा नदी में नाव पर रोज़ा इफ्तार करने वाले मुस्लिम युवकों की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या गंगा में इफ्तार करना गलत है? उन्होंने तंज करते हुए कहा कि प्रशासन को कार्रवाई करने के बजाय इफ्तार करानी चाहिए थी। साथ ही इशारों-इशारों में उन्होंने पुलिस पर रिश्वतखोरी का आरोप भी लगाया।

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने भी यूपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यूपी पुलिस कानून के दुरुपयोग में नया रिकॉर्ड बनाना चाहती है। वहीं, भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने इस घटना को गंगा की पवित्रता से जोड़ते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं।

दरअसल, सोमवार (16 मार्च) को वाराणसी में गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी आयोजित की गई थी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर 14 मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, इफ्तार में फल और मेवों के साथ चिकन बिरयानी भी परोसी गई थी।

इस मुद्दे पर अखिलेश यादव ने लखनऊ में एक इफ्तार कार्यक्रम के दौरान कहा कि ऐसी कार्रवाइयों से समाज में दूरी बढ़ाई जा रही है और प्रशासन सरकार को खुश करने के लिए कदम उठा रहा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि गंगा में प्रदूषण फैलाने वाले बड़े मामलों जैसे महंगे जहाजों से गंदगी गिरने पर क्या कार्रवाई हुई।

इमरान प्रतापगढ़ी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कुछ युवाओं द्वारा नाव में बैठकर इफ्तार करने से किसी छोटे नेता की भावना आहत हो गई और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर दी। उन्होंने इसे कानून के गलत इस्तेमाल का उदाहरण बताया और सरकार के “सबका साथ, सबका विकास” नारे पर भी सवाल उठाया।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गंगा की पवित्रता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है, लेकिन नालों के जरिए हो रहे प्रदूषण पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि गंगा सनातन परंपरा में मां के रूप में पूजनीय है, इसलिए उसकी पवित्रता बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इफ्तार जैसे आयोजन के लिए उपयुक्त स्थान होना चाहिए, क्योंकि इसमें शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह का भोजन शामिल होता है।

इफ्तार में चिकन परोसे जाने की खबर के बाद भाजपा और अन्य हिंदू संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई। केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और ऐसी गतिविधियां भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं के खिलाफ हैं।

पुलिस कार्रवाई के अनुसार, भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेता रजत जायसवाल की शिकायत पर कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया। शिकायत के महज 8 घंटे के भीतर पुलिस ने 14 युवकों को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपी 19 से 25 वर्ष के बीच के हैं और मदनपुरा के ताड़तल्ला क्षेत्र के एक ही परिवार से जुड़े बताए गए हैं।

इस मामले पर अंजुमन इंतजामिया मसाजिद के संयुक्त सचिव एस.एम. यासीन ने भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि नाव पर इफ्तार करना इस्लामिक परंपरा के अनुरूप नहीं है और इसे धार्मिक गतिविधि के बजाय पिकनिक बना दिया गया। उन्होंने इसे इस्लाम की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला कृत्य बताया।

वाराणसी पुलिस के एसीपी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है और अब तक 14 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं—298, 299, 196(1)(b), 270, 279, 223(b)—के तहत केस दर्ज किया है। इसके अलावा जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1974 की धारा 24 भी लगाई गई है।

इन धाराओं में धार्मिक भावनाएं आहत करने, पूजा स्थल या पवित्र वस्तु को नुकसान पहुंचाने, समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने, सार्वजनिक असुविधा पैदा करने, जल स्रोत को प्रदूषित करने और सरकारी आदेश की अवहेलना जैसे आरोप शामिल हैं।

कुल मिलाकर, यह मामला न केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा बन गया है, बल्कि धार्मिक भावनाओं, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और सामाजिक संवेदनशीलता से जुड़ा एक बड़ा विवाद भी बन चुका है।

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