Ghaziabad Sisters Suicide: पोस्टमार्टम में हैमरेज की पुष्टि, मोबाइल बना जांच का केंद्र
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Ghaziabad Sisters Suicide: पोस्टमार्टम में हैमरेज की पुष्टि, मोबाइल बना जांच का केंद्र

गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की खुदकुशी पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है। 80 फीट गिरने से हैमरेज मौत की वजह बनी, ऑनलाइन गेम और कोरियन कनेक्शन पर सस्पेंस कायम है।


Ghaziabad Triple suicide Case: यूपी के गाजियाबाद में तीन बहनों की खुदकुशी का मामला इस समय चर्चा के केंद्र में है। गाजियाबाद पुलिस भी किसी ठोस नतीजे पर अभी तक नहीं पहुंच सकी है कि खुदकुशी की वजह ऑनलाइन गेम था या कोई और कारण है। इन सबके बीच मृतक नाबालिग बहनों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक तीनों बहनें करीब 80 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरी थीं। इतनी ऊंचाई से गिरने के कारण उनकी सभी पसलियां टूट गई थीं। हृदय, लिवर, गुर्दे सहित लगभग सभी आंतरिक अंग फट गए थे।

इस हादसे में केवल दूसरी बहन प्राची के सिर की हड्डी सुरक्षित पाई गई है। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी लड़की के शरीर पर पुरानी चोट या जख्म का कोई निशान नहीं मिला।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मिले अहम सुराग

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, बड़ी बहन के पेट में मात्र 50 ग्राम भोजन पाया गया जिससे पता चलता है कि दोपहर के बाद उसने कुछ नहीं खाया था। वहीं, दूसरी और तीसरी के पेट में 250 से 300 ग्राम तक भोजन मिला जिससे स्पष्ट होता है कि दोनों ने रात में खाना खाया था। मौत के कारण स्पष्ट होने के चलते विसरा सुरक्षित नहीं रखा गया है।

हैमरेज बना मौत की वजह

तीनों बहनों का पोस्टमार्टम एसीएमओ डॉ. अमित विक्रम, पीएससी के डॉ. नीरज और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. संगीता की तीन सदस्यीय टीम ने किया। डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटील का कहना है कि नीचे गिरने से शरीर के अंगों को गंभीर क्षति पहुंची, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। इसी हैमरेज के कारण तीनों बहनों की मौत हो गई।

कोरियन दोस्तों से संपर्क की गुत्थी

घटनास्थल से मिले आठ पन्नों के सुसाइड नोट में लिखा गया है कि मृतक तीनों बहनें अपनी सबसे छोटी चौथी बहन की कोरियन दोस्तों से बात कराती थीं। लेकिन पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि तीनों बहनों ने कोरियन दोस्त कैसे बनाए और किस सोशल मीडिया या डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए उनसे संपर्क में थीं।

मोबाइल फोन जांच में जुटी पुलिस

किशोरियों की मां के मोबाइल फोन की शुरुआती जांच में साइबर टीम को कोई कोरियन एप या गेम नहीं मिला है। ऑनलाइन कोरियन टास्क गेम से जुड़ा कोई सबूत भी सामने नहीं आया है। ऐसे में पुलिस अब मृतक बहनों से छीने गए और बाद में बेचे गए मोबाइल फोन की तलाश कर रही है जिनसे इस कोरियन कनेक्शन की गुत्थी सुलझने की उम्मीद है।

तीनों बहनों ने जिस कमरे की खिड़की से छलांग लगाई थी वहीं से फॉरेंसिक टीम को उनकी मां का मोबाइल फोन मिला था। इस फोन की प्रारंभिक जांच में भी किसी कोरियन एप या गेम की पुष्टि नहीं हुई है।

छीने गए मोबाइल फोन का सुराग

जांच में सामने आया है कि करीब छह महीने पहले पिता चेतन ने दूसरी और तीसरी बेटी को एक-एक मोबाइल फोन दिलवाया था। बाद में उन्होंने घटना से तीन महीने पहले एक मोबाइल फोन और करीब 10 दिन पहले दूसरा मोबाइल फोन बेटियों से छीनकर बेच दिया था। अधिकारियों के मुताबिक बेचे गए दोनों मोबाइल फोन के आईएमईआई नंबर सर्विलांस टीम के जरिए ट्रेस किए जा रहे हैं। साथ ही घटनास्थल से मिले मोबाइल फोन को भी फॉरेंसिक जांच के लिए लैब भेजा जाएगा।

पिता का दावा और पुलिस की जांच

पुलिस की शुरुआती जांच में ऑनलाइन टास्क गेम खेलने के स्पष्ट सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन पिता चेतन कुमार का दावा है कि तीनों बेटियां पिछले तीन वर्षों से टास्क गेम खेल रही थीं और कोरिया जाने की जिद करती थीं। उन्होंने बताया कि कई बार बेटियों को समझाकर शांत कराया गया था। पोस्टमार्टम के बाद तीनों नाबालिग बहनों के शवों को अंतिम संस्कार के लिए निगम बोध घाट ले जाया गया।

स्कूल छोड़ने और पारिवारिक हालात

चेतन कुमार ने बताया कि तीनों बेटियां पहले परीक्षा में फेल होने के बाद शर्म के कारण स्कूल जाना छोड़ चुकी थीं। इसके बाद वे मोबाइल फोन पर ज्यादा समय बिताने लगीं। बुधवार को हादसे के बाद जब फॉरेंसिक टीम घर पहुंची, तो मोबाइल फोन में कुछ गेमिंग एप जरूर मिले। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि घटना से ठीक पहले वे गेम खेल रही थीं या किसी और गतिविधि में थीं।

पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि तीनों बहनें बेहद एकजुट थीं और हर काम साथ करती थीं। चाहे नहाना हो या खाना खाना। 14 वर्षीय प्राची को तीनों में लीडर माना जाता था और अक्सर वही तय करती थी कि तीनों को क्या करना है। परिवार के अनुसार, तीनों बहनें जिद्दी स्वभाव की थीं और हमेशा एक-दूसरे के साथ रहती थीं।

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