
Ghaziabad Triple Suicide में आया नया मोड़, 'हम कोरियन है तो, भारतीय से शादी कैसे...?'
गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड मामले में नया मोड़ सामने आया है। बच्चियों ने आत्महत्या से पहले 8 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा है और इस नोट में रोती हुई सूरत वाली इमोजी भी बनी है।
सॉरी पापा, आई एम रियली सॉरी। ये वो शब्द हैं, जो गाज़ियाबाद में 3 नाबालिग बहनों के सुसाइड नोट में लिखे मिले। इन शब्दों ने सभी को झकझोर दिया है। दिल दहला देने वाली यह घटना साहिबाबाद की भारत सिटी सोसायटी में घटी। ऑनलाइन गेम की लत के चलते नौवीं मंजिल की अपनी बालकनी से कूदकर 3 सगी बहनों ने जान दे दी। पुलिस के मुताबिक, तीनों बहनें मोबाइल फोन की लत और कोरियाई लवर गेम खेलने की आदी थी, लेकिन फोन छीन लिए जाने के बाद तीनों नाबालिग लड़कियों ने ये कदम उठाया। घटना देर रात करीब दो बजे घटी और पुलिस को लड़कियों के कमरे से एक पॉकेट डायरी मिली है। इस डायरी में 8 पेज़ का एक सुसाइड नोट मिला है। इस नोट में कुछ ऐसी बातें लिखी गईं हैं जिन्हें जानकर आप हैरान रह जाएंगे।
कोरियन गेम के चंगुल में फंसी लड़कियां
पुलिस को दिए अपने बयान में मृत लड़कियों के पिता चेतन कुमार ने बताया कि तीनों बहनों को मोबाइल फोन की गंभीर लत थी और वो रोज घंटों कोरियाई गेम खेला करती थीं। तीनों को कोरियन गेम की ऐसी लत थी कि उन्होंने अपने करियाई नाम तक रख लिए थे। तीनों ने अपने नाम बदलकर मारिया, अलीजा और सिंडी रख लिए थे। चेतन ने बताया, तीन दिन पहले उन्होंने बेटियां से फोन छीन लिए थे। इस बात से तीनों बेहद परेशान थीं और छिपकर माता-पिता का फोन इस्तेमाल करती थीं। पुलिस के मुताबिक, किशोरियां टास्क आधारित कोरियाई लव गेम के फेर में फंस गई थीं। वह पिछले दो साल से स्कूल भी नहीं जा रही थीं।
छोड़ा 8 पन्ने का सुसाइड नोट
पुलिस के मुताबिक लड़कियों के पिता के बताया कि, तीनों बहनें मोबाइल फोन ना मिलने से परेशान थीं। इसी वजह से वो बार-बार मोबाइल की जिद कर रहीं थीं। दो दिन पहले उन्होंने बेटियों को डांटते हुए जल्द शादी करवाने की चेतावनी दी थी। इसके बाद बच्चियों ने 8 पन्ने का सुसाइड नोट छोड़ा और अपने कमरे की बालकनी से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। 8 पन्ने के सुसाइड नोट में रोती हुई सूरत वाली इमोजी बनी है। नोट में लिखा है-सॉरी पापा, आई एम रियली सॉरी। सुसाइड नोट में कोरियाई संस्कृति से प्रेम व आकर्षण होने की बात भी लिखी है। पिता से माफी मांगते हुए लिखा कि आप भारतीय हैं और हम कोरियाई। हम किसी भारतीय से शादी कैसे कर सकते हैं। इसके अलावा जिस कमरे की खिड़की से तीनों बहनों ने छलांग लगाई, उसकी दीवारों पर आई एम वेरी वेरी अलोन, मेक मी ए हॉर्ट ऑफ ब्रोकन जैसे स्लोगन लिखे हैं। ये दर्शाता है कि बच्चियां जानती थीं कि वो एक ऐसा कदम उठा रही हैं, जिससे परिवार परेशान होगा, लेकिन उन्हें कोरियन गेम की इतनी भयंकर लत लग चुकी थी कि वो इस गेम के बिना नहीं रह सकती थीं।
ऐसे में अब सवाल ये है कि कैसे इन ऑनलाइन गेम्स से बचा जाए? कैसे इनके चंगुल से बाहर निकला जाए?
कैसे करें इन जानलेवा गेम्स से बचाव ?
अपने बच्चों के फोन और इंटरनेट की गतिविधि पर ध्यान रखें। बच्चों से लगातार बात करते रहे और उनकी मानसिक स्थिति पर नजर रखें। किस-किस से उनकी दोस्ती है, इस पर भी नज़र रखे। उन्हें सिखाएं कि किसी भी गेम में खुद को चोट पहुँचाने जैसी बातें गलत हैं। इसके अलावा उन्हें समझाएं कि ऑनलाइन अजनबियों से दोस्ती न करें। किसी भी अनजान लिंक या गेम को क्लिक न करें। अगर कोई गेम आपको डराए, परेशान करे या दबाव बनाए, तो तुरंत बाहर निकलें और जरूरत पड़ने पर साइबर पुलिस या हेल्पलाइन से संपर्क करें।

