
स्कूलों के बाहर लगने वाले जाम पर हाई कोर्ट सख्त, छह स्कूलों को नोटिस
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने शहर के प्रतिष्ठित छह स्कूलों के प्रिंसिपल और प्रबंधन को नोटिस जारी कर पूछा है कि उन्होंने अपने स्कूल के आस-पास ट्रैफिक व्यवस्था को ठीक करने के लिए क्या कदम उठाए हैं।
लखनऊ में स्कूलों के आसपास बढ़ते ट्रैफिक जाम और छात्रों की सुरक्षा को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सख्त रूख अपनाया है।हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच एक जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई करते हुए स्कूलों के आस-पास लगने वाले ट्रैफ़िक जाम को ख़त्म करने को लेकर 6 स्कूलों को नोटिस जारी किया है।इन स्कूलों से हाई कोर्ट ने पूछा है कि पहले दिए गए आदेश के क्रम में स्कूलों ने क्या कदम उठाए हैं।
स्कूलों ने ट्रैफ़िक व्यवस्था के लिए क्या कदम उठाए : हाई कोर्ट-
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने शहर के प्रतिष्ठित 6 स्कूलों के प्रिंसिपल और प्रबंधन को नोटिस जारी कर पूछा है कि उन्होंने अपने स्कूल के आस-पास ट्रैफिक व्यवस्था को ठीक करने के लिए क्या किया।हज़रतगंज के लामर्टीनियर गर्ल्स कॉलेज, गौतम पल्ली के लॉरेटो कॉन्वेंट, विशाल खंड के सिटी मोंटेसरी स्कूल, गोमती नगर विस्तार के सिटी मोंटेसरी स्कूल, स्टेशन रोड के सिटी मोंटेसरी स्कूल और गोमतीनगर के सेठ एम आर जयपुरिया स्कूल के प्रबंधन को जवाब देने के लिए कहा गया है।कोर्ट ने यह भी कहा है कि इन स्कूलों को अपने संस्थान के बाहर यातायात को ठीक करने के लिए सुझाव मांगे गए थे पर वो नहीं मिले।
स्कूल नियुक्त करे ट्रैफिक नोडल अधिकारी-
जस्टिस आलोक माथुर और जस्टिस बृजराज सिंह की बेंच ने स्कूलों के आस-पास ट्राफिक की स्थिति ठीक करने के लिए कई और निर्देश जारी लिए हैं।हाई कोर्ट ने हर स्कूल को एक समर्पित ट्रैफिक नोडल अधिकारी (Traffic nodal officer) नियुक्त करने के लिए कहा है जिस पर स्कूल के बाहर ट्रैफिक प्रबंधन की जिम्मेदारी होगी। कोर्ट ने यह निर्देश भी जारी किया है कि स्कूल खुलने और छुट्टी के समय स्टाफ और पैरेंट्स की गाड़ियाँ सिर्फ़ स्कूल कैंपस के अंदर ही पार्क की जाएँ।इसके बाद लखनऊ पुलिस ने स्कूल प्रबंधनों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।
स्टाफ और अभिभावकों की गाड़ियाँ निर्धारित जगह पार्क होंगी-
स्कूलों के आस-पास यातायात व्यवस्था की शिकायत करते हुए यह जनहित याचिका( PIL) शहर के गोमतीनगर रिवरबैंक रेजिडेंट्स( Gomtinagar Riverbank Residents) ने दाखिल की थी।हाई कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस की ओर से स्कूलों के साथ एक बैठक करके संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) बबलू कुमार( JCP Law and Order Babloo Kumar) ने स्पष्ट निर्देश दिया कि स्कूल खुलने और छूटने के समय अभिभावकों व स्टाफ की गाड़ियां केवल कैंपस के अंदर ही पार्क की जाएं। सड़क पर पार्किंग करने से ट्रैफिक जाम बढ़ता है, जिससे न केवल आम नागरिक परेशान होते हैं बल्कि बच्चों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है।लखनऊ पुलिस ने इन स्कूलों को एक विस्तृत प्लान सबमिट करने के लिए भी कहा है।
इससे पहले भी हाई कोर्ट ने पहले भी स्कूलों के आसपास ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए कई निर्देश दिए थे लेकिन इन स्कूलों ने उसका अनुपालन नहीं किया था जिसके बाद कोर्ट ने नाराजगी जताई थी। पहले दिए गए आदेश के तहत शहर के सबसे ज़्यादा भीड़भाड़ वाले इलाकों हजरतगंज और राजभवन क्षेत्र के स्कूलों में छोटी कक्षाओं के बच्चों को वैन से सड़क पर न उतारकर कैंपस के अंदर ड्रॉप करने के आदेश पहले ही जारी किया गया था।लखनऊ पुलिस का कहना है कि इन निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।मामले की अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी।

