हिमाचल प्रदेश की सैर होगी महंगी, ढाई गुना तक बढ़ी टूरिस्ट वाहनों की एंट्री-फीस
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हिमाचल प्रदेश की सैर होगी महंगी, ढाई गुना तक बढ़ी टूरिस्ट वाहनों की एंट्री-फीस

हिमाचल प्रदेश सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से बाहरी राज्यों के वाहनों के लिए प्रवेश शुल्क बढ़ा दिया है। प्राइवेट कारों की फीस 70 रुपये से बढ़ाकर 170 रुपये कर दी गई है, वहीं बसों और भारी वाहनों के शुल्क में भी बढ़ोतरी हुई है।


New Toll Rates in Himachal Pradesh: अगर आप इस गर्मी की छुट्टियों में हिमाचल प्रदेश की हसीन वादियों की सैर करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों के प्रवेश शुल्क में भारी बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। प्रदेश की नई टोल नीति के तहत विभिन्न वाहनों की दरों में 30 रुपये से लेकर 230 रुपये तक का इजाफा किया गया है। यह नई दरें 1 अप्रैल 2026 से पूरे राज्य में लागू हो जाएंगी।

क्यों और कैसे बढ़ी दरें?

हिमाचल प्रदेश टोल्स एक्ट, 1975 के तहत सरकार ने नई दरों को अधिसूचित कर दिया है। इस फैसले का सीधा असर न केवल पर्यटकों पर पड़ेगा, बल्कि राज्य में आने वाले मालवाहक वाहनों की वजह से सामान की ढुलाई भी महंगी हो सकती है। सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग के पर्यटकों पर पड़ेगा जो अपनी निजी कारों से पहाड़ों का रुख करते हैं।

किस वाहन के लिए कितनी होगी नई फीस?

सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, निजी वाहनों की एंट्री फीस में सबसे बड़ा उछाल देखा गया है:

प्राइवेट कार, जीप और वैन: पहले इन वाहनों को 70 रुपये देने होते थे, लेकिन अब इन्हें सीधे 170 रुपये देने होंगे। यानी सीधा 100 रुपये का इजाफा।

12+1 सीटर पैसेंजर वाहन: इनका शुल्क 110 रुपये से बढ़ाकर 130 रुपये कर दिया गया है।

मिनी बस (32 सीटर): पर्यटकों को लेकर आने वाली मिनी बसों के लिए अब 180 रुपये के बजाय 320 रुपये चुकाने होंगे।

कमर्शियल बसें: इनके लिए शुल्क लगभग दोगुना करते हुए 320 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है।

मालवाहक वाहन: बड़े मालवाहक वाहनों का शुल्क 720 रुपये से बढ़ाकर 900 रुपये और ट्रैक्टर के लिए 70 रुपये के बजाय 100 रुपये देने होंगे।

मशीनरी: निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की एंट्री फीस अब 570 रुपये के बजाय 800 रुपये होगी।

डबल एक्सल बस और ट्रक की फीस में कोई बदलाव नहीं किया गया है, यह 570 रुपये ही रहेगी।

फास्टैग और ऑनलाइन नीलामी की नई व्यवस्था

हिमाचल सरकार ने न केवल दरें बढ़ाई हैं, बल्कि वसूली की प्रक्रिया को भी आधुनिक बनाने का फैसला किया है। नई टोल बैरियर नीति के तहत अब टोल नाकों पर फास्टैग (Fastag) अनिवार्य किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि इससे टोल नाकों पर लगने वाले लंबे जाम से मुक्ति मिलेगी और वाहनों की आवाजाही सुगम होगी। इसके अलावा, बैरियरों के ठेके की नीलामी अब ऑनलाइन माध्यम से होगी, जिसकी निगरानी जिला स्तर पर डीसी (DC) की अध्यक्षता वाली कमेटी करेगी।

पर्यटन कारोबारियों में बढ़ी चिंता

सरकार के इस फैसले से हिमाचल के पर्यटन कारोबारी खुश नहीं हैं। शिमला और मनाली के होटल व्यवसायियों और टैक्सी ऑपरेटरों का मानना है कि एंट्री फीस में इस भारी बढ़ोतरी का सीधा असर पर्यटन पर पड़ेगा। होटेलियर अश्वनी सूद का कहना है कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे पर्यटकों के लिए यह अतिरिक्त बोझ होगा। उन्होंने सरकार से इस बढ़ोतरी को वापस लेने या कम करने की मांग की है। हर साल पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों से लाखों की संख्या में टूरिस्ट हिमाचल आते हैं। एंट्री फीस बढ़ने से टूर पैकेज और टैक्सी किराए में भी बढ़ोतरी होना तय है।

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