
IDFC First Bank Fraud: 590 करोड़ की सेंध में 4 आरोपी गिरफ्तार, जानिए कैसे किया 'महा-घोटाला'?
IDFC फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ शाखा में 590 करोड़ रुपये के बैंकिंग घोटाले का खुलासा हुआ है। इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमे से दो बैंक के पूर्व अधिकारी हैं।
IDFC Bank Fraud Case: हरियाणा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने चंडीगढ़ स्थित IDFC फर्स्ट बैंक की शाखा में हुए 590 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है। इस मामले में बैंक के दो पूर्व कर्मचारियों सहित चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
कौन हैं इस घोटाले के मास्टरमाइंड?
ACB के महानिदेशक ए.एस. चावला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस धोखाधड़ी के पीछे चार मुख्य चेहरे हैं। पहला आरोपी है रिभव ऋषि। यह आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की सेक्टर 32 शाखा का हेड था। दूसरा आरोपी है अभय कुमार। यह बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर था। इसने पिछले साल ही इस्तीफा दिया था। इसके अलावा स्वाति सिंगला और अभिषेक सिंगला भी आरोपी हैं। ये दोनों भाई-बहन है 'स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट' नामक एक निजी फर्म चलाते हैं। स्वाति, आरोपी अभय कुमार की पत्नी भी है।
कैसे हुआ करोड़ों का गबन?
जांच में सामने आया कि हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के लगभग 590 करोड़ रुपये इस बैंक शाखा में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के रूप में रखे थे। आरोपियों ने इसमें से करीब 300 करोड़ रुपये जालसाजी कर अपनी निजी फर्म 'स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट' के खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद इस पैसे को अन्य खातों में भेज दिया गया। दिलचस्प बात यह है कि बैंक चंडीगढ़ में है, विभाग हरियाणा के हैं और पैसा मोहाली के एक अन्य बैंक (AU Small Finance Bank) में ट्रांसफर किया गया।
पैसे की रिकवरी का क्या हुआ?
हरियाणा सरकार का पैसा होने के कारण ACB ने पंचकूला में FIR दर्ज की। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी गंगा राम पुनिया की देखरेख में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया, जिसने तकनीकी सबूतों के आधार पर 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। IDFC फर्स्ट बैंक ने मंगलवार को बयान जारी कर बताया कि उसने हरियाणा सरकार के विभागों का 100% मूलधन और ब्याज (कुल 583 करोड़ रुपये) वापस कर दिया है। ए.एस. चावला ने पुष्टि की कि जनता का पैसा अब सुरक्षित है।
ACB चीफ ने स्पष्ट किया कि यह मामला बहुत बड़ा है और इसमें कई विभाग शामिल हैं, इसलिए इसकी जांच लंबी चलेगी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस खेल में कुछ और लोग भी शामिल थे।

