वाराणसी में गंगा में इफ्तार करने पर 14 युवक धरे गए, पुलिस का दावा-चिकन बिरयानी खाई
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वायरल वीडियो का ग्रैब

वाराणसी में गंगा में इफ्तार करने पर 14 युवक धरे गए, पुलिस का दावा-चिकन बिरयानी खाई

पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने रविवार को नाव पर इफ्तार का आयोजन किया था और इसका वीडियो मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया


गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी करने के आरोप में वाराणसी पुलिस ने मंगलवार को 14 युवकों को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि इन पर चिकन बिरयानी खाने और बचा हुआ खाना नदी में फेंकने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के आधार पर कार्रवाई करते हुए 20-25 वर्ष आयु वर्ग के 14 युवकों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया गया। बताया गया है कि ये सभी स्थानीय निवासी हैं और शहर में साड़ी की दुकानों पर काम करते हैं।

पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने रविवार को नाव पर इफ्तार का आयोजन किया था और इसका वीडियो मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया, जिसे कथित तौर पर सोशल मीडिया रील के लिए बनाया गया था।

इस मामले में एफआईआर भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष रजत जायसवाल की शिकायत पर दर्ज की गई है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 298 (पूजा स्थल को नुकसान पहुंचाना या अपवित्र करना), 299 (धार्मिक भावनाएं आहत करने के उद्देश्य से दुर्भावनापूर्ण कृत्य), 196 (विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य बढ़ाना), 270 (सार्वजनिक उपद्रव) और 223 (झूठे साक्ष्य का उपयोग) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके साथ ही जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई है।

पुलिस के अनुसार, शिकायत में कहा गया है कि गंगा सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए गहरी धार्मिक आस्था का केंद्र है और इसे आस्था के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु प्रतिदिन इसके तट पर आते हैं, पूजा-अर्चना करते हैं और इसके पवित्र जल का सेवन करते हैं।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि युवकों ने चिकन बिरयानी खाई और उसका बचा हुआ हिस्सा नदी में फेंक दिया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और लोगों में आक्रोश पैदा हुआ।

शिकायतकर्ता ने नाव संचालक के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है, जिसमें चालान काटने और लाइसेंस तत्काल रद्द करने की अपील शामिल है।

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