
चुनावी साल में पंजाब सरकार ने सस्ती की बिजली, प्रति यूनिट डेढ़ रुपये तक की कटौती
नई दरों के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली टैरिफ में 55 पैसे से लेकर 1.55 रुपये प्रति यूनिट तक की कमी की गई है।
पंजाब में विधानसभा चुनाव के लिए अब लगभग ग्यारह महीने रह गए हैं। ऐसे में चुनावी साल में आम आदमी पार्टी की भगवंत मान सरकार ने पंजाब में बिजली सस्ती करने का फैसला लिया है। आने वाले 1 अप्रैल से पंजाब में बिजली दरों में 50 पैसे से लेकर 1.50 रुपये प्रति यूनिट तक की कटौती की गई है।
पंजाब राज्य बिजली विनियामक आयोग (PSERC) द्वारा जारी किए गए नए टैरिफ आदेश के अनुसार, यह दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी। आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले राज्य में वर्ष 2026-27 के लिए सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 50 पैसे से लेकर 1.50 रुपये प्रति यूनिट तक की कमी की गई है। इस फैसले से बिजली उपभोक्ताओं को कुल मिलाकर 7,851.91 करोड़ रुपये की राहत मिलने का अनुमान है।
आयोग के अनुसार बिजली आपूर्ति की औसत लागत भी घटकर 7.15 रुपये प्रति किलोवाट घंटा (kWh) से 6.15 रुपये प्रति किलोवाट घंटा हो गई है। बिजली दरों में कमी से सरकार को भी फायदा होगा, क्योंकि इससे बिजली सब्सिडी पर पड़ने वाला बोझ कम होगा।
नई दरों के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली टैरिफ में 55 पैसे से लेकर 1.55 रुपये प्रति यूनिट तक की कमी की गई है। वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को 50 पैसे से 79 पैसे प्रति यूनिट तक राहत मिलेगी, जबकि औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 12 पैसे से 75 पैसे प्रति यूनिट तक की कटौती की गई है।
इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के लिए बिजली टैरिफ घटाकर 5 रुपये प्रति kVAh कर दिया गया है, जिसे देश में सबसे कम दरों में से एक माना जा रहा है।

