
लापरवाही की बस इतनी कीमत! इंदौर नगर निगम कमिश्नर को नोटिस, हटाए गए अपर आयुक्त
Water Contamination: इंदौर जल संकट ने यह साफ कर दिया है कि लापरवाही की कीमत जान के रूप में चुकानी पड़ती है। वहीं, प्रदेश मेे डैमेज कंट्रोल के नाम पर महज अधिकारियों पर गाज गिर रही है।
Indore Water Crisis: इंदौर को स्वच्छता के लिए पूरे देश में सराहा जाता रहा, लेकिन अब लापरवाही का चेहरा बन गया है। 10 से ज्यादा लोगों की जान लेने वाली यह घटना महज पानी की समस्या नहीं, बल्कि सिस्टम की जवाबदेही की कमी की भी पहचान है। हालांकि, इतना कुछ होने के बाद अब सरकार नींद से जागती हुई दिखाई दी। फजीहत से बचने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्थिति की समीक्षा की और कुछ अधिकारियों पर गाज गिरा दी। लेकिन अभी भी सवाल बस इतना है कि क्या इतनी कार्रवाई करने मात्र से घटना को लेकर मध्य प्रदेश सरकार की छवि पर लगा दाग मिट पाएगा?
सरकार के डैमेज कंट्रोल करने को लेकर सीएम मोहन यादव ने कड़े फैसले लिए हैं। इंदौर नगर निगम के आयुक्त और अपर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अपर आयुक्त को तत्काल इंदौर से हटाने के आदेश दिए गए हैं।
प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य का प्रभार वापस लिया गया। नगर निगम में जरूरी पदों को तुरंत भरने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले भी कुछ अधिकारियों को सस्पेंड किया जा चुका है।
सीएम मोहन यादव ने सुबह मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें इंदौर के दूषित पेयजल मामले में की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। सीएम ने कहा कि इंदौर में हुई दुखद घटना के जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, पूरे प्रदेश में सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों को समयबद्ध योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएम ने सभी 16 नगर निगमों के महापौर, अध्यक्ष, आयुक्त, जिला कलेक्टर, स्वास्थ्य विभाग, नगरीय विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और अन्य मुख्यालय स्तर के अधिकारियों की वर्चुअल बैठक बुलाई। इस बैठक में पूरे प्रदेश की स्थिति की समीक्षा की जाएगी और आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
विपक्ष और जनता के निशाने पर सरकार
इंदौर की घटना के बाद सरकार पर विपक्ष और जनता दोनों का दबाव बढ़ गया है। शुरुआती जांच रिपोर्ट और स्थानीय शिकायतों के अनुसार, यह पूरी तरह लापरवाही का नतीजा है। सरकार के नगर विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और स्थानीय अधिकारी प्रभावित इलाकों में लगातार कैंप कर रहे हैं। आने वाले दिनों में कुछ और अधिकारियों पर कार्रवाई की संभावना है।

