
जनता बीमार और अफसर बेखबर, इंदौर के भागीरथपुरा में दिखा सिस्टम का असली रंग
भागीरथपुरा में नर्मदा पानी में ड्रेनेज मिलने से लोग बीमार हैं। पार्षद ने नगर निगम अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया।
Indore Water Crisis News: जिस दिन से इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में लोग बीमार पड़ने लगे उस दिन से हम टैंकरों से नर्मदा का पानी सप्लाई कर रहे हैं। यह कहना है बीजेपी पार्षद (वार्ड 11) कमल वाघेला का। लोगों का भरोसा वापस जीतने में समय लगेगा। जब मैं तीन साल पहले चुना गया था, तो उन्होंने नर्मदा पानी सप्लाई की ड्रेनेज लाइन में बदलाव की मांग की थी। यहां, ड्रेनेज लाइन ऊपर और नीचे दोनों तरफ से गुजरती है; जिसके कारण नर्मदा पाइपलाइन खराब हो गई है...
नर्मदा पानी की ज़िम्मेदारी नगर निगम अधिकारी संजीव श्रीवास्तव की है। नई पाइपलाइन के लिए टेंडर जारी करने के बावजूद, उन्होंने छह महीने से काम रोक रखा है। अधिकारी हमारा काम जल्दी नहीं करते... अब छह दिन हो गए हैं, फिर भी नर्मदा पाइपलाइन में ड्रेनेज का पानी मिलने का कारण पता नहीं चला है। बता दें कि मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सीएम मोहन यादव को रीढ़विहीन तक कहा। पटवारी ने कहा कि बीजेपी के लोगों की आदत पड़ चुकी है कि कुछ भी हो दूसरों को दोष दो। पिछले बीस साल से आप सत्ता में हैं। इंदौर के साफ होने का छोल पीटते हैं। लेकिन गलत दावों पर से पर्दा उठ ही जाता है।
जीतू पटवारी(Jitu Patwari) ने कहा कि हकीकत तो यह है कि इंदौर जहां से सभी विधायक बीजेपी के हैं। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) भी यहीं से हैं लेकिन उनसे कोई पत्रकार सवाल पूछता है तो उन्हें फोकट नजर आता है। सवाल को वो घंटा समझते हैं। ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि मध्य प्रदेश की सरकार में क्या कुछ हो रहा है। बता दें कि अभी यह साफ नहीं हो पा रहा है कि वास्तव में मौत कितनों की हुई है। सीएम मोहन यादव चार का आंकड़ा, इंदौर के मेयर सात का और स्थानीय लोगों का दावा तेरह का है। कांग्रेस (Congress) का यह भी कहना है कि मुआवजा पच्चीस लाख देने की बात कही गई। लेकिन दो दो लाख का चेक पकड़ा कर इतिश्री कर दिया गया है।

