पापा का हाथ थामा पर मां-भाई छूट गए जबलपुर क्रूज हादसा, मासूम का दर्द
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बरगी डैम हादसा।

'पापा का हाथ थामा पर मां-भाई छूट गए' जबलपुर क्रूज हादसा, मासूम का दर्द

जबलपुर के बरगी डैम में पर्यटकों से भरा क्रूज डूबा; तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण हुआ भीषण हादसा। अब तक 15 लोगों का रेस्क्यू, 9 शव बरामद...


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मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बरगी डैम में बीती रात एक अत्यंत हृदयविदारक और दर्दनाक हादसा घटित हुआ। नर्मदा नदी के बैकवाटर में पर्यटकों की सैर के लिए निकला एक क्रूज अचानक अनियंत्रित होकर पानी में समा गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब क्रूज नदी के गहरे बैकवाटर क्षेत्र के बीचों-बीच पहुंचा, तभी अचानक मौसम ने करवट ली और भीषण हवाएं चलने लगीं। पानी में उठीं ऊंची लहरों और तेज हवा के दबाव के कारण क्रूज अपना संतुलन खो बैठा और देखते ही देखते गहरे पानी में डूब गया।

'अचानक पलटा क्रूज और सब खत्म हो गया'

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय नाविकों, पुलिस प्रशासन और राहत दलों ने तुरंत मोर्चा संभाला और बड़े पैमाने पर बचाव अभियान (Rescue Operation) शुरू किया। अब तक की जानकारी के मुताबिक, करीब 15 पर्यटकों को सुरक्षित पानी से बाहर निकाल लिया गया है। हालांकि, त्रासदी की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बचाव दल अब तक 9 शव बरामद कर चुका है। कुछ लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में गोताखोरों और SDRF की टीमें निरंतर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

मासूम की आपबीती: 'मां और भाई का सुराग नहीं'

इस भीषण त्रासदी से सुरक्षित निकाली गई एक बच्ची का बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो किसी का भी कलेजा चीर दे। रेस्क्यू टीम की वैन में बेहद डरी-सहमी और कांपती आवाज में बच्ची ने उस खौफनाक मंजर को बयां किया। उसने बताया, "अचानक से क्रूज पलट गया था और पूरे क्रूज के अंदर पानी भर गया, जैसे कोई बाढ़ आ गई हो। सब लोग इधर-उधर बिखर गए। पानी के बीच मुझे जैसे-तैसे मेरे पापा मिल गए तो मैंने मजबूती से उनका हाथ पकड़ लिया। लेकिन मेरी मां और भाई का कुछ पता नहीं चल रहा है, वे नहीं मिल रहे। नानू (नानाजी) तो मिल गए हैं, लेकिन नानी की मौत हो गई, उनकी डेड बॉडी मिली है।"

लापरवाही या कुदरत का कहर? क्यों हुआ इतना बड़ा हादसा?

शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयानों से जो तथ्य सामने आए हैं, वे काफी चौंकाने वाले हैं। बताया जा रहा है कि जब क्रूज बैकवाटर में था, तब मौसम अचानक बिगड़ गया था और पानी में खतरनाक लहरें उठ रही थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, क्रूज पहले ही डगमगाने लगा था, लेकिन इसके बावजूद चालक ने उसे तुरंत सुरक्षित किनारे पर ले जाने की कोशिश नहीं की। चालक की यही देरी और निर्णय लेने की क्षमता में कमी इस बड़े हादसे का मुख्य कारण मानी जा रही है।

प्रशासनिक जांच और उठते गंभीर सवाल

इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। इस हादसे ने सुरक्षा मानकों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं...

क्या क्रूज में क्षमता से अधिक यात्रियों को सवार किया गया था?

क्या यात्रियों के पास लाइफ जैकेट और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण मौजूद थे?

जब मौसम विभाग ने खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी की थी तो क्रूज को पानी में ले जाने की अनुमति क्यों दी गई?

फिलहाल पूरा जबलपुर इस घटना से स्तब्ध है और लापता लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थनाएं की जा रही हैं।

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