सात महीने बाद जगदीप धनखड़ ने तोड़ी चुप्पी, इस्तीफे की वजह बताई
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सात महीने बाद जगदीप धनखड़ ने तोड़ी चुप्पी, इस्तीफे की वजह बताई

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि उनका इस्तीफा बीमारी से नहीं, स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए था। बयान के बाद सियासी अटकलों पर विराम लगा।


21 जुलाई 2025, संसद के मानसून सत्र का पहला दिन। उस दिन रात में एक खबर आई जिसके बाद हर कोई अवाक था। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से एक ट्वीट के जरिए जानकारी दी कि उन्होंने अपने पद से निजी वजहों से इस्तीफा दे दिया है। अब उसके बाद सियासी गलियारों में चर्चा आम हो गई है, सरकार देश को बताए कि इस्तीफे की वजह क्या था। लोगों की जुबां पर तरह तरह की बातें मसलन सरकार से बन नहीं रही थी, जगदीप धनखड़ उस दिशा की तरफ बढ़ रहे थे जो उन्हें कांग्रेस के करीब ले जा रहा था। वहीं कांग्रेस की तरफ से सवाल कि आखिर बीजेपी या सरकार कुछ क्यों नहीं बो रही है।

अब करीब आठ-दस महीने बाद जगदीप धनखड़ ने राजस्थान के चुरू में एक जनसभा में कहा कि इस्तीफे की वजह क्या थी। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) ने अपने इस्तीफे को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उनका पद छोड़ना किसी गंभीर बीमारी का परिणाम नहीं था, बल्कि स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए लिया गया एक सोच-समझकर किया गया निर्णय था।

स्वास्थ्य को बताया प्राथमिकता

सभा में धनखड़ ने कहा, पहला सुख निरोगी काया होता है। मैंने कभी अपने स्वास्थ्य की अनदेखी नहीं की। जब मैंने इस्तीफे की घोषणा की, तब यह नहीं कहा कि मैं बीमार हूं। मैंने सिर्फ यह कहा था कि स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना आवश्यक है।उन्होंने याद दिलाया कि 21 जुलाई 2025 को राष्ट्रपति को सौंपे गए अपने त्यागपत्र में भी उन्होंने चिकित्सकीय सलाह का पालन करने और स्वास्थ्य देखभाल पर ध्यान देने की बात लिखी थी।

राहुल गांधी के सवाल

इस्तीफे के बाद इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग भी लिया था। अगस्त में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी Rahul Gandhi ने धनखड़ के अचानक पद छोड़ने पर सवाल उठाते हुए कहा था कि इसके पीछे एक बड़ी कहानी हो सकती है। उन्होंने यह भी पूछा था कि इस्तीफे के बाद पूर्व उपराष्ट्रपति सार्वजनिक रूप से चुप क्यों हो गए।

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