जनकपुरी हादसे में हुई पहली गिरफ्तारी, पुलिस ने सूचना छिपाने पर सब-कॉन्ट्रैक्टर को किया गिरफ्तार
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जनकपुरी हादसे में हुई पहली गिरफ्तारी, पुलिस ने सूचना छिपाने पर सब-कॉन्ट्रैक्टर को किया गिरफ्तार

दिल्ली के जनकपुरी हादसे को लेकर पुलिस ने सब-कॉन्ट्रैक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले दिल्ली जल बोर्ड ने इस हादसे पर एक्शन लेते हुए 3 इंजीनियर्स को भी सस्पेंड कर दिया था।


दिल्ली के जनकपुरी इलाके में हुए दर्दनाक हादसे की जांच में एक नया मोड़ आया है। दिल्ली जल बोर्ड (DJB) द्वारा सीवर पाइपलाइन पुनर्वास परियोजना के लिए खोदे गए गड्ढे में एक बाइक सवार के गिरने की जानकारी पुलिस को समय पर न देने के आरोप में एक सब-कॉन्ट्रैक्टर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि यह मामला उस वक्त सामने आया जब जांच में यह पता चला कि घटना की जानकारी पुलिस को मिलने से कुछ घंटे पहले ही सब-कॉन्ट्रैक्टर को पता चल गया था। पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) दाराडे शरद भास्कर ने कहा कि जांच के दौरान कई साक्ष्य और चश्मदीदों के बयान मिले हैं।

चश्मदीद के बयान पर कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, चश्मदीद विपिन सिंह शादी से वापस अपने घर सागरपुर लौट रहे थे। उन्होंने देखा कि एक मोटरसाइकिल एक गड्ढे में गिरी हुई है। इसके बाद उन्होंने पास के एक गैरेज के सुरक्षा गार्ड को इसकी सूचना दी। गार्ड ने एक मजदूर योगेश को बुलाया। जब योगेश ने गड्ढे में देखा, तो उसने देखा कि मोटरसाइकिल की हेडलाइट जल रही थी और अंदर एक इंसान भी था।

सब-कॉन्ट्रैक्टर को रात को ही मिल गई थी सूचना

पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच की तो पता चला कि रात लगभग 12:22 बजे योगेश ने इस घटना की जानकारी सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश कुमार प्रजापति (47) को दी। प्रजापति ने 15–20 मिनट में मौके पर पहुंचकर गड्ढे में देखा, लेकिन उन्होंने पुलिस या किसी इमरजेंसी अथॉरिटी को सूचना नहीं दी। इसके बाद पुलिस को इस घटना की जानकारी अगले दिन सुबह करीब 8 बजे मिली।

पुलिस ने बताया कि प्रजापति उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और त्रि-नगर में रहता है। वह बी.कॉम ग्रेजुएट भी है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, योगेश का पता लगाने के लिए पुलिस की टीमें जुटी हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है ताकि घटना के सही क्रम का पता चल सके।

कब और कैसे हुआ हादसा?

गुरुवार रात को जनकपुरी में एक दर्दनाक हादसा हुआ था। जिसमें बाइक सवार कमल ध्यानी नाम के व्यक्ति अपनी बाइक समेत एक गड्ढे में गिर गए थे। कमल ध्यानी कैलाशपुरी के रहने वाले और एक प्राइवेट बैंक में कर्मचारी थे। वो घर लौट रहे थे, तभी दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए लगभग 15 फीट गहरे गड्ढे में गिर गए। उनके परिवार ने कई अस्पतालों में उनकी तलाश की, लेकिन किसी भी अस्पताल में उनका रिकॉर्ड नहीं मिला। मोबाइल फोन की लोकेशन डिटेल्स के आधार पर पुलिस और परिवार ने जनकपुरी इलाके में कई घंटे खोजबीन की। इसके बाद घटना स्थल का पता चला और गड्ढे में गिरे व्यक्ति की पहचान हुई। इस घटना को लेकर दिल्ली जल बोर्ड की तरफ से पहले ही एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर को सस्पेंड किया जा चुका है। साथ ही दिल्ली सरकार ने मृतक के परिजनों को मुआवजे की भी घोषणा की है।

जनकपुरी पुलिस स्टेशन में दिल्ली जल बोर्ड के ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) के तहत FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने कहा है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


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