महिला क्रिकेट की पूर्व कप्तान झूलन गोस्वामी को SIR के तहत समन, TMC भड़की
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झूलन गोस्वामी भारत की महिला क्रिकेट टीम में तेज गेंदबाज़ रही हैं

महिला क्रिकेट की पूर्व कप्तान झूलन गोस्वामी को SIR के तहत समन, TMC भड़की

झूलन को समन भेजे जाने के मामले को लेकर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भारतीय जनता पार्टी पर एक राष्ट्रीय खेल आइकन को निशाना बनाने का आरोप लगाया।


पश्चिम बंगाल में चुनावी साल में एक बार फिर से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी तनातनी बढ़ गई है। इसकी वजह है भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान झूलन गोस्वामी को भेजा गया समन। सिर्फ झूलन ही नहीं, उनके दो भाई-बहनों को भी इसके तहत समन किया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स बता रही हैं कि SIR प्रक्रिया के तहत झूलन के पिता के नाम में अंतर पाया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक कुछ दस्तावेजों में झूलन के पिता का नाम निशीथ रंजन गोस्वामी दर्ज है, जबकि अन्य दस्तावेजों में निशीथ गोस्वामी लिखा हुआ है। इसीलिए झूलन और उनके भाई-बहनों को समन किया गया।

बताया जा रहा है कि यह सुनवाई 27 जनवरी को निर्धारित की गई थी। झूलन गोस्वामी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं थी और उन्होंने अपने आवास से ही इस मुद्दे का समाधान कर लिया, जबकि उनके दो भाई-बहन स्थानीय एक स्कूल में आयोजित सुनवाई में उपस्थित हुए।

झूलन गोस्वामी भारत की महिला क्रिकेट टीम में तेज गेंदबाज़ रही हैं। उन्होंने भारत के लिए 12 टेस्ट, 204 वनडे और 68 टी20 मुकाबलों में प्रतिनिधित्व किया है।

उनको समन भेजे जाने के मामले को लेकर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर एक राष्ट्रीय खेल आइकन को निशाना बनाने का आरोप लगाया।

तृणमूल कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2017 में झूलन गोस्वामी को 'भारत की शान' बताए जाने का हवाला देते हुए एक्स पर एक पोस्ट में कहा,“वही आइकन अब अपने पिता के नाम में मामूली अंतर के कारण यह साबित करने के लिए घसीटी जा रही है कि वह भारतीय भी हैं या नहीं।” पार्टी ने कहा,“पहले हमारे नायकों का फोटो-ऑप्स के लिए इस्तेमाल किया जाता है और फिर उन्हें अपमान, संदेह और राज्य प्रायोजित बेइज्जती का सामना करना पड़ता है।”

TMC ने यह भी कहा कि “जो पार्टी झूलन गोस्वामी की नागरिकता पर सवाल उठाती है, उसने अपनी सारी नैतिक विश्वसनीयता खो दी है।”

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