
कानपुर लैंबोर्गिनी एक्सीडेंट: रईसज़ादे पर एक्शन में देरी से पुलिस पर उठे सवाल
कानपुर में लैंबोर्गिनी कार से लोगों को टक्कर मारने के मामले में रईसज़ादे शिवम के वकील का कहना है कि ड्राइवर कार चला रहा था जबकि पुलिस ने अब इस बात को माना है कि कार शिवम चला रहा था।
Kanpur Lamborghini crash: कानपुर में लैंबोर्गिनी कार से लोगों को टक्कर मारने का मामला सुर्खियों में है।इसपर जाँच तेज हो गई है।इस मामले में एक के बाद एक तथ्य सामने आ रहे हैं जिससे जाँच के घेरे में कारोबारी के के मिश्रा का शिवम मिश्रा भी आ गया है।तंबाकू व्यवसायी के बेटे शिवम मिश्रा के गाड़ी चलाने की बात सामने आ रही है जबकि शिवम मिश्रा के वकील ने इस बात को कहा है कि शिवम गाड़ी नहीं चला रहे थे।गाड़ी का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आ गया है।इस बीच शुरुआती कार्रवाई में पुलिस की लापरवाही पर भी सवाल उठ रहे हैं।
हाई स्पीड लैंबोर्गिनी ने कई लोगों को मारी टक्कर-
कानपुर में बड़े तंबाकू कारोबारी के के मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा की 10 करोड़ की लैंबोर्गिनी कार ने ग्वालटोली इलाके में लोगों को टक्कर मार दी।बाइक सवार और सड़क पर खड़े 6 लोग इसमें घायल हो गए।घटना रविवार दोपहर को हुई जहां तेज रफ्तार लैंबोर्गिनी रेवुएल्टो ( Lamborghini Revuelto) ने पहले एक ई-रिक्शा और फिर खड़ी मोटरसाइकिल को टक्कर मारी जिससे बाइक सवार दो लोग और एक राहगीर सहित कुल 6 लोग घायल हुए।कहा जा रहा है कि कार की टक्कर से बाइक सवार कई फीट ऊपर उछल कर गिरे और कार अनियंत्रित होकर फुटपाथ पर चढ़ गई और बिजली के खंभे से टकराकर रुकी।घटना के बाद गाड़ी को लोगों ने घेर लिया।पुलिस ने मामले में अज्ञात ड्राइवर के ख़िलाफ़ केस दर्ज़ कर लिया।
पुलिस ने शुरू में 'अज्ञात’ के ख़िलाफ़ केस दर्ज़ किया, बाद में शिवम मिश्रा का नाम शामिल किया-
इसके बाद सोशल मीडिया पर इस हाई प्रोफाइल हिट एंड रन केस को लेकर विरोध शुरू हो गया।इस बीच घटना के बाद के कई वीडियो भी वायरल हो गए।जिससे इससे मामले ने और तूल पकड़ लिया।एक वीडियो में साफ़ तौर पर नज़र आ रहा है घटना के बाद कार से प्राइवेट बाउंसर शिवम मिश्रा को ड्राइविंग सीट से निकाल कर ले जा रहे हैं।इधर घटना के बाद मल्टी मिलियनर कारोबारी के रईस बेटे को बचाने की कोशिश में शिवम मिश्रा के वकील ने दावा किया कि कार शिवम् नहीं चला रहे रहे थे बल्कि ड्राइवर चला रहा था।यह एक्सीडेंट का मामला है और शिवम मिश्रा पर कोई केस नहीं बनता।शुरुआत में स्थानीय पुलिस ने ‘अज्ञात’ ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज़ कर लिया जबकि मौजूद लोगों का आरोप था कि शिवम ही कार चला रहे थे।
मामला सोशल मीडिया में तूल पकड़ने लगा और पुलिस पर कारोबारी और वीआईपी के दबाव में कार्रवाई करने का आरोप लगा।पुलिस पर आरोप है कि पुलिस ने रईस कारोबारी के दबाव में शुरुआती कार्रवाई की।मामले के कई वीडियो वायरल होने के बाद ग्वालटोली थाने के इंस्पेक्टर को हटा दिया गया। कानपुर पुलिस का कहना है कि कार शिवम ही चला रहा था और एक दिन बाद शिवम का नाम भी शामिल कर लिया गया।कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल का कहना है कि ‘जांच, सीसीटीवी फुटेज,चश्मदीदों के बयान और अन्य सबूतों से साफ है कि कार शिवम मिश्रा ही चला रहे थे।कार जब्त कर ली गई है और आगे की जांच चल रही है।’ जबकि शिवम् के वकील का कहना है कि कार शिवम् नहीं ड्राइवर चला रहा था।
कारोबारी के के मिश्रा के बेटे हैं शिवम-
शिवम कानपुर के बड़े कारोबारी बंशीधर ग्रुप के मालिक केके मिश्रा के बेटे हैं।उन्हें लग्जरी कारों का शौक है और पोर्श, रोल्स-रॉयस, लैंबोर्गिनी जैसी महंगी गाड़ियाँ और प्राइवेट उनके कलेक्शन में हैं।के के मिश्रा पर पूर्व में आयकर छापे की वजह से उनका नाम चर्चा में आ चुका है।उस वक्त उनके घर से करोड़ों की नकदी, सोना और महंगी कारें बरामद हुई थीं।

