Lamborghini's Accident Case : उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुए हाई-प्रोफाइल लैम्बोर्गिनी क्रैश मामले में आज एक नया मोड़ आया है। मशहूर तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को आज सुबह चार दिनों की मशक्कत के बाद गिरफ्तार किया गया था। लेकिन कुछ ही घंटों बाद दोपहर में उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया। यह मामला पिछले चार दिनों से पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि शिवम की 10 करोड़ रुपये की 'लैम्बोर्गिनी रेवुएल्टो' ने वीआईपी रोड पर कोहराम मचाया था। इस तेज रफ्तार कार ने एक ऑटो और मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मारी थी। इस हादसे में करीब छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार शिवम ही चला रहे थे। हालांकि, उसके रसूख और पुलिस की शुरुआती ढिलाई ने इस केस को और भी ज्यादा विवादित बना दिया। जनता में इस बात को लेकर काफी नाराजगी देखी जा रही है।
ड्राइवर का चौंकाने वाला बयान: "साहब को पड़ा मिर्गी का दौरा"
इस मामले में सबसे बड़ा ट्विस्ट बुधवार को आया जब शिवम के ड्राइवर मोहन ने कोर्ट में सरेंडर किया। उसने दावा किया कि एक्सीडेंट के वक्त कार वह खुद चला रहा था। ड्राइवर ने गवाही दी कि ड्राइविंग के दौरान बगल में बैठे शिवम मिश्रा को अचानक मिर्गी (Epilepsy) का दौरा पड़ा। मोहन के अनुसार, शिवम उसके ऊपर गिर गए जिससे कार से उसका नियंत्रण खो गया। उसने यह भी बताया कि कार के ऑटो-लॉकिंग सिस्टम में खराबी आ गई थी। इस वजह से उसे शिवम को ड्राइवर सीट की तरफ धकेलना पड़ा ताकि वे बाहर निकल सकें। शिवम की लीगल टीम ने भी कोर्ट में इसी थ्योरी को दोहराया है। वकील का कहना है कि शिवम निर्दोष हैं और उनकी बीमारी ही हादसे की असली वजह है।
रसूख का खेल: बाउंसर्स ने हटा दी गाड़ी की नंबर प्लेट
हादसे के बाद का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस 36 सेकंड के वीडियो में शिवम का एक निजी सुरक्षाकर्मी यानी बाउंसर कार की नंबर प्लेट हटाने की कोशिश कर रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि वहां मौजूद पुलिसकर्मी उसे रोकने के बजाय तमाशबीन बने खड़े रहे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस शुरू से ही रसूखदार परिवार को बचाने की कोशिश कर रही है। शुरुआत में एफआईआर 'अज्ञात' लोगों के खिलाफ दर्ज की गई थी। भारी जन आक्रोश के बाद ही एफआईआर में शिवम मिश्रा का नाम शामिल किया गया। इस लापरवाही पर कार्रवाई करते हुए पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने ग्वालटोली थाना प्रभारी को सस्पेंड कर दिया है।
चश्मदीदों की जुबानी: 10 फीट हवा में उछल गया था युवक
यह खौफनाक हादसा सोमवार दोपहर करीब सवा तीन बजे ग्वालटोली के वीआईपी रोड पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दिल्ली नंबर की काली लैम्बोर्गिनी इतनी रफ्तार में थी कि उसने बाइक सवार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि युवक करीब 10 फीट ऊपर हवा में उछलकर दूर जा गिरा। कार ने मोटरसाइकिल को कई मीटर तक घसीटा और अंत में एक बिजली के खंभे से टकराकर रुकी। घायल सोनू त्रिपाठी ने बताया कि वह अपनी बाइक के पास खड़ा था, तभी मौत बनकर आई कार ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया। हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने मौके पर विरोध प्रदर्शन भी किया था।
तंबाकू टायकून के बेटे की मुश्किल बढ़ी या घटी?
शिवम मिश्रा के पिता केके मिश्रा 'बंशीधर एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड' के मालिक हैं। हाल ही में उनका नाम इनकम टैक्स की रेड के कारण भी सुर्खियों में रहा था। अब बेटे की इस लग्जरी कार के हादसे ने परिवार को फिर से कानूनी पचड़े में डाल दिया है। हालांकि शिवम को जमानत मिल गई है, लेकिन कार को मैकेनिकल जांच के लिए जब्त किया गया है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों की बारीकी से जांच कर रही है। सवाल यह है कि क्या ड्राइवर का बयान सच है या यह सिर्फ गिरफ्तारी से बचने का एक जरिया है। कानपुर की जनता अब इस मामले में निष्पक्ष न्याय की उम्मीद कर रही है।