
हाई-स्पीड रेल से लेकर हथकरघा तक, बजट 2026 में यूपी को बड़ी सौगात
उत्तर प्रदेश में ख़ास तौर पर पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को वित्तमंत्री ने कई सौगातें दी हैं तो वहीं 5 लाख से ज़्यादा आबादी वाले शहरों के लिए विकास का खांका खींचकर यूपी के 25 शहरों को सौगात दी है।
वित्त मंत्री के रूप में निर्मला सीतारमन ने नवीं बार बजट पेश किया तो हर क्षेत्र की नज़रें बजट और उस क्षेत्र को मिलने वाली सौगातों पर थी।उत्तर प्रदेश में ख़ास तौर पर पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को वित्तमंत्री ने कई सौगातें देकर पूर्वांचल के विकास को गति देने की ओर कदम बढ़ाया है तो 5 लाख से ज़्यादा आबादी वाले शहरों के लिए विकास का खांका खींचकर यूपी के 25 शहरों को सौगात दी है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने रविवार को केंद्रीय बजट पेश किया तो अलग अलग सेक्टर्स और राज्यों को इससे कई उम्मीदें थीं। देश के सबसे ज़्यादा आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में भी हर वर्ग की इसपर नज़र थी। हालाँकि पहले से ही राजनीतिक विश्लेषकों का मानना था कि चुनावी राज्यों पर फोकस रह सकता है।बजट में उत्तर प्रदेश को कई सौगातें मिली हैं।इसमें हाई स्पीड रेल कॉरिडोर से लेकर हैंडलूम के विकास के लिए योजना की शुरुआत तक की घोषणा है जिससे यूपी में पहले से चल रहे वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट( ODOP) को लाभ मिलेगा।
काशी में हाई स्पीड रेल कॉरिडोर और शिप रिपेयर पोर्ट-
केंद्रीय बजट में प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र काशी का ख़ास ख्याल रखा गया है।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन में पानी के जहाजों की मरम्मत के लिए वाराणसी में पोर्ट( ship repair port) बनाने की घोषणा की।इसके अलावा जो 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई है उसमें दो उत्तर प्रदेश में होंगे। यूपी को 1500 किलोमीटर के दो कॉरिडोर की सौगात मिली है और दोनों काशी से गुज़रेंगे।पहला हाई स्पीड रेल कॉरिडोर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से वाराणसी तक होगा।वहीं दूसरा वाराणसी से सिलीगुड़ी के बीच बनेगा।शिप रिपेयर पोर्ट के निर्माण से जहाँ स्थानीय स्तर पर रोज़गार बढ़ेगा वहीं हाई स्पीड रेल कॉरिडोर से यूपी और पूर्वांचल की कनेक्टिविटी बढ़ेगी।अगले साल होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव की दृष्टि से यह दोनों घोषणाएं अहम हैं।
5 लाख से ज़्यादा आबादी वाले शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, यूपी को लाभ-
वित्त मंत्री के बजट भाषण में ग्रामीण के साथ शहरों के विकास का भी खांका खींचा गया है।देश में 5 लाख से ज़्यादा आबादी वाले शहरों के विकास के लिए विशेष संसाधन विकसित किए जाएँगे।टियर-2, टियर-3 शहरों में 12.2 लाख करोड़ रुपए से इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने की घोषणा की गई है। देश के सबसे ज़्यादा आबादी वाले राज्य यूपी को उसका लाभ मिलेगा।यूपी में 5 लाख से ज़्यादा आबादी वाले 25 शहर हैं जिसमें लखनऊ, कानपुर, नोएडा, ग़ाज़ियाबाद, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, सहारनपुर, मुरादाबाद, अलीगढ़, अयोध्या जैसे शहर शामिल हैं। इससे यहाँ कि विकास को ख़ास गति मिलने की उम्मीद है।
यूपी के एक जिला एक उत्पाद को मिलेगी रफ़्तार, महात्मा गांधी हैंडलूम की घोषणा-
इस साल के बजट में हथकरघा को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी हैंडलूम योजना की शुरुआत की घोषणा की गई है।उत्तर प्रदेश में 2018 में शुरू हुई योजना वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट से हर जिले के उत्पादों के व्यवसाय को गति मिली है।इसमें कई जिलों में हथकरघा प्रोडक्ट्स भी शामिल हैं।केंद्र सरकार द्वारा इस योजना की घोषणा के बाद यूपी में पहले से चल रही ODOP योजना को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। उद्योगपति और वाणिज्य एक्सपर्ट रजत मोहन पाठक कहते हैं '' इस बजट में 5 लाख से ज़्यादा आबादी वाले शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट और टेक्सटाइल क्षेत्र पर विशेष फोकस यह दर्शाता है कि बजट बड़े औद्योगिक समूहों की बजाय छोटे कारोबारी और कारीगरों को सशक्त बनाने पर केंद्रित है।बनारस जैसे पारंपरिक टेक्सटाइल् केन्द्रों में टेक्सटाइल पार्क और यह नीतिगत घोषणाएं मल्टीप्लायर इफ़ेक्ट पैदा कर सकती है।’’
सेमीकंडक्टर क्षेत्र पर फोकस, नोएडा बन रहा सेमीकंडक्टर हब-
केंद्र सरकार ने बजट से पहले ही सेमीकंडक्टर क्षेत्र में फोकस करने का संकेत दिया था।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सेमीकंडक्टर 2.0 की घोषणा की।यूपी में सेमीकंडक्टर क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए पहले से ही सेमीकंडक्टर पार्क बन रहा है।इस योजना के बाद नोएडा में इसका लाभ मिलेगा और रोज़गार के अवसर सृजित होंगे।यूपी में सेमीकंडक्टर को लेकर पहले से ही योजना तैयार की गई है।ऐसे में इस घोषणा के बाद इसका विस्तार होगा।
यूपी में चमड़ा उद्योग और स्पोर्ट्स मैनुफैक्चरिंग में आएगी तेज़ी-
बजट में लेदर गुड्स को सस्ता करने की बात कही गई है।यूपी के दो बड़े औद्योगिक शहर कानपुर और आगरा चमड़ा उद्योग के लिए जाने जाते हैं जहाँ से बड़े पैमाने पर देश के बाक़ी राज्यों में सामान पहुंचता है और विदेशों में निर्यात भी होता है।इन दोनों शहरों में इस इंडस्ट्री को लाभ होगा।बजट घोषणा को देखें तो सरकार ने स्पोर्ट्स गुड्स( खेल के सामान) की मैनुफैक्चरिंग को गति देने की नीति को अपनाया है।यूपी में मेरठ को इसका सीधा लाभ मिलेगा जहाँ खेल का सामान बनाने का उद्योग है।
स्वास्थ्य से लेकर शिक्षा तक के क्षेत्र में घोषणाओं का यूपी पर बड़ा असर-
केंद्रीय बजट में स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में जो घोषणाएं की गई हैं उनका भी बड़ा लाभ मिलने को उम्मीद है।हालाँकि एक्सपर्ट्स के अनुसार अभी चुनावी राज्यों में फोकस किया गया है और यूपी पर अलग से बहुत ध्यान नहीं दिया गया है।कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि स्वास्थ्य से लेकर शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं के विकास तक जो भी घोषणा ओय गई है उसका बड़ा लाभ स्वाभाविक रूप से उत्तर प्रदेश को मिलने वाला है।हर शहर में जहाँ उच्च शिक्षा के संस्थान हैं वहाँ गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा की गई है।यूपी के सभी 75 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल होंगे।वहीं जिला अस्पतालों की क्षमता 50 प्रतिशत बढ़ाने की घोषणा की गई है।यूपी के सभी 75 जिलों में इन अस्पतालों में इससे सुविधाओं में इज़ाफ़ा होगा।हर जिले में ट्रामा सेंटर की सुविधा होगी।

