Building Collapse In Kota Rajasthan : राजस्थान के कोटा शहर से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। शहर के इंद्रविहार इलाके में रविवार सुबह एक तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस भीषण हादसे में अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 13 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और राहत बचाव दल मौके पर युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं। कोटा के संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल ने बताया कि इमारत ऊपर से नीचे की ओर गिरी, जिससे वहां काम कर रहे मजदूरों और आसपास मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। शुरुआती जांच में निर्माण की गुणवत्ता में लापरवाही और अवैध ड्रिलिंग की बात सामने आ रही है। मलबे के नीचे अभी भी कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है, जिसके चलते एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
हादसे की वजह: लापरवाही या तकनीकी खराबी?
कोटा के इंद्रविहार में हुए इस हादसे ने निर्माण सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल के अनुसार, साइट पर नया निर्माण कार्य चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि वहां काफी समय से ड्रिलिंग का काम चल रहा था, जिसकी शिकायत भी की गई थी। अधिकारियों का मानना है कि निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री की खराब गुणवत्ता हादसे का मुख्य कारण हो सकती है। फिलहाल, जिला प्रशासन ने पूरे मामले की तकनीकी जांच के आदेश दे दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि इस बड़ी लापरवाही का जिम्मेदार कौन है।
युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
हादसे की सूचना मिलते ही कोटा जिला कलेक्टर पीयूष समारिया मौके पर पहुँचे। उन्होंने बताया कि मलबे से लोगों को निकालने के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF), स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) और अग्निशमन विभाग की टीमें जुटी हुई हैं। रविवार सुबह की तस्वीरों में मलबे का ढेर और चारों ओर चीख-पुकार देखी जा सकती है। घायलों को तुरंत पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है। प्रशासन का पूरा ध्यान अब मलबे के नीचे दबे संभावित जीवित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है।
ओम बिरला ने जताया दुख, दिए सख्त निर्देश
लोकसभा अध्यक्ष और कोटा के सांसद ओम बिरला ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर लिखा कि इंद्रविहार की घटना अत्यंत हृदयविदारक है। बिरला ने बताया कि वे लगातार जिला प्रशासन और कलेक्टर के संपर्क में हैं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राहत और बचाव कार्य में कोई कमी न छोड़ी जाए। साथ ही, उन्होंने घायलों को समय पर और बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट पर रहने को कहा है। बिरला ने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पड़ रही भारी
कोटा जैसे व्यस्त शहर में निर्माणाधीन इमारतों का गिरना एक बड़ी चेतावनी है। अक्सर देखा जाता है कि संकरी गलियों में मानकों की अनदेखी कर ऊंची इमारतें खड़ी कर दी जाती हैं। इस हादसे के बाद अब स्थानीय लोग अवैध निर्माण और लापरवाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, पूरा शहर घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है।
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