
कोर्ट गलियारे में टकराए दो भाई: तेजस्वी का इशारा, तेजप्रताप का गुस्सा और खामोश परिवार
Lalu family: यह पहला मौका नहीं है, जब दोनों भाइयों का तनाव सार्वजनिक रूप से दिखा हो। हाल ही में विधानसभा चुनाव के दौरान पटना एयरपोर्ट पर भी तेजस्वी और तेज प्रताप का वीडियो वायरल हुआ था।
land-for-jobs scam: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में शुक्रवार को लालू यादव परिवार के लिए केवल कानूनी कार्रवाई नहीं, बल्कि पारिवारिक तनाव भी उजागर हो गया। जमीन के बदले नौकरी घोटाले में आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव समेत 41 आरोपियों पर आरोप तय होने के दिन कुछ ऐसा नजारा सामने आया, जिसने राजनीतिक गलियारों में बहस छेड़ दी। सुनवाई के दौरान मुख्य आरोपी लालू यादव और राबड़ी देवी स्वास्थ्य कारणों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट से जुड़े। जबकि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, उनकी बहन मीसा भारती और बड़े बेटे तेज प्रताप यादव अदालत में मौजूद रहे।
तेजस्वी और तेज प्रताप का आमना-सामना
महीनों बाद अदालत परिसर में जब तेजस्वी यादव अपने वकीलों और करीबी मित्र संजय यादव के साथ लिफ्ट से बाहर आए तो तेज प्रताप यादव अपने वकील के साथ सामने आए। यह पल कैमरों में कैद हो गया। तेजस्वी ने बड़े भाई तेज प्रताप की ओर देखा और इशारों में हालचाल पूछा। लेकिन तेज प्रताप की प्रतिक्रिया गंभीर और गुस्से भरी रही। बिना कुछ कहे उन्होंने आगे बढ़ना ही बेहतर समझा।
नाराजगी की वजह
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि तेज प्रताप की नाराजगी सिर्फ भाई से नहीं, बल्कि तेजस्वी के करीबी संजय यादव के कारण भी है। तेज प्रताप कई बार सार्वजनिक मंचों पर संजय यादव का जिक्र करते हुए 'जयचंद' शब्द का इस्तेमाल कर चुके हैं। कोर्ट में भी तेजस्वी के साथ संजय यादव की मौजूदगी ने तेज प्रताप की नाराजगी को और बढ़ाया।
पहले भी सामने आ चुकी है खटास
यह पहला मौका नहीं है, जब दोनों भाइयों का तनाव सार्वजनिक रूप से दिखा हो। हाल ही में विधानसभा चुनाव के दौरान पटना एयरपोर्ट पर भी तेजस्वी और तेज प्रताप का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें तेजस्वी का हल्का-फुल्का अंदाज और तेज प्रताप का भावुक-गुस्सैल चेहरा नजर आया।
पारिवारिक दूरी के बावजूद चर्चा में तेज प्रताप
तेज प्रताप यादव को लालू यादव ने छह साल के लिए पार्टी और परिवार से बाहर कर दिया है, लेकिन बड़ी घटनाओं में उनकी उपस्थिति और रुख हमेशा सुर्खियों में रहता है।
कानूनी संकट
लैंड फॉर जॉब घोटाले में कोर्ट ने इसे 'व्यापक आपराधिक साजिश' मानते हुए आरोप तय किए हैं। वहीं कोर्ट परिसर में परिवार के भीतर टूटती केमिस्ट्री भी साफ नजर आई। इशारों, नजरों और चेहरे के भावों ने मौन रहकर भी बहुत कुछ कह दिया। यह दिन लालू परिवार के लिए केवल कानूनी चुनौती ही नहीं, बल्कि भावनात्मक और राजनीतिक टकराव का भी वजह बन गया।

