
गैस के लिए भटकते लोग, गाजियाबाद में डिलीवरी देरी से मचा बवाल
गाजियाबाद में एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी में देरी से लोग परेशान हैं। गैस एजेंसी के बाहर लंबी कतारें लगीं, वहीं कुछ लोगों ने सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग के आरोप लगाए।
गाजियाबाद में एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी में देरी और कथित ब्लैक मार्केटिंग को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती दिखाई दी। “AI With Sanket” की एक ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि लोग गैस एजेंसी के बाहर घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं। कई ग्राहकों का कहना है कि उनकी बुकिंग हफ्तों तक टाल दी जा रही है, जिसके कारण उन्हें बार-बार एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं ताकि किसी तरह घरेलू रसोई गैस मिल सके।
यह स्थिति गाजियाबाद के शाहबेरी इलाके में स्थित ख्वाजा गरीब नवाज इंडेन गैस सर्विस के बाहर देखने को मिली, जो एबीईएस इंजीनियरिंग कॉलेज के पीछे स्थित है। ग्राहकों का कहना है कि वे कई दिनों से एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन न तो उनकी बुकिंग कन्फर्म हो पा रही है और न ही सिलेंडर मिल रहा है। कई लोग खाली सिलेंडर मोटरसाइकिल, ऑटो और यहां तक कि हाथों में उठाकर भी एजेंसी तक पहुंच रहे थे। एजेंसी के बाहर लंबी कतार लग गई थी, जो परिसर से काफी दूर तक फैल गई।
सुबह से लगी लंबी कतार
मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक कई लोग सुबह से ही एजेंसी के बाहर इंतजार कर रहे थे। लाइन में बुजुर्ग, महिलाएं और पूरे परिवार खड़े थे, इस उम्मीद में कि शायद उनका नंबर आ जाए।एक ग्राहक ने बताया, “मैं पिछले चार दिनों से रोज यहां आ रहा हूं, लेकिन अभी तक मेरी बुकिंग ही कन्फर्म नहीं हुई है।
डिलीवरी में अप्रत्याशित देरी
एक अन्य ग्राहक ने सिलेंडर की डिलीवरी में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। उसने कहा, “हमने 3 तारीख को बुकिंग कराई थी, लेकिन अब कह रहे हैं कि सिलेंडर 25 तारीख को मिलेगा।” उसने अपनी रसीद भी दिखाई, जिसमें पहले की डिलीवरी तारीख लिखी हुई थी।कई ग्राहकों ने कहा कि पहले ऐसा कभी नहीं हुआ था। एक स्थानीय निवासी ने बताया, “पहले तो दो-तीन दिन में ही सिलेंडर मिल जाता था।”
बुकिंग होने के बाद भी इंतजार
कुछ लोगों का कहना था कि उनके पास वैध बुकिंग स्लिप होने के बावजूद उन्हें कई हफ्तों बाद आने को कहा जा रहा है। एक व्यक्ति ने अपनी रसीद दिखाते हुए कहा, “इसमें लिखा है कि गैस 13 मार्च को मिलेगी, लेकिन अब कह रहे हैं कि 25 मार्च को आना।
इसी बीच लाइन लगातार लंबी होती जा रही थी। आसपास के इलाकों जैसे बिहारिपुरा और आदर्श कॉलोनी से भी लोग खाली सिलेंडर लेकर एजेंसी पहुंच रहे थे। कई लोग उम्मीद लेकर आए थे कि उन्हें उसी दिन रिफिल मिल जाएगा, लेकिन उन्हें दूसरी तारीख पर आने को कहा गया।
ब्लैक मार्केटिंग के आरोप
इलाके के लोगों में इस स्थिति को लेकर काफी नाराजगी है। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि गैस सिलेंडर ब्लैक मार्केट में बेचे जा रहे हैं। एक निवासी ने कहा, पहले तो अगले दिन सिलेंडर मिल जाता था, लेकिन अब 20 दिन इंतजार करने को कहा जा रहा है। ऐसे में घर कैसे चलेगा?
एक अन्य व्यक्ति ने दावा किया कि सिलेंडर ब्लैक मार्केट में ज्यादा कीमत पर बेचे जा रहे हैं। उसने आरोप लगाया, ब्लैक में एक सिलेंडर 1900 रुपये में बिक रहा है। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि जब आम ग्राहकों को सिलेंडर नहीं मिल रहा, तो ब्लैक मार्केट में ये सिलेंडर कैसे पहुंच रहे हैं।
ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान यह भी देखा गया कि एजेंसी के अंदर कर्मचारी और ग्राहकों के बीच बहस हो रही थी। जबकि अक्सर अधिकारियों की ओर से कहा जाता है कि घरेलू एलपीजी की सप्लाई पर्याप्त है, लेकिन एजेंसी के बाहर की स्थिति से संकट और कमी का एहसास साफ दिखाई दे रहा था।

