
बीएमसी में एक वोट दूसरे नगर निगमों में चार, क्या है नई मतदान व्यवस्था?
महाराष्ट्र में बीएमसी समेत 29 नगर महापालिकाओं के लिए मतदान जारी है। 2869 सीटों पर 15908 उम्मीदवारों की किस्मत 3.48 करोड़ मतदाता तय करेंगे।
Maharashtra Civic Polls News: महाराष्ट्र में मुंबई की बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) सहित 29 नगर महापालिकाओं के लिए मतदान की प्रक्रिया जारी है। इस चुनाव में कुल 3 करोड़ 48 लाख 79 हजार 337 मतदाता 15908 उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे। नगर महापालिका चुनावों में कुल 2869 सीटों के लिए वोटिंग हो रही है।
मुंबई की बीएमसी में 227 वार्ड हैं, जबकि राज्य की सभी 29 नगर महापालिकाओं को मिलाकर कुल 893 वार्डों में चुनाव कराया जा रहा है। एशिया की सबसे अमीर नगर पालिका बीएमसी पर सभी राजनीतिक दलों की खास नजर है। इसके साथ ही पुणे, ठाणे, नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर जैसे बड़े शहरों का सियासी भविष्य भी इन चुनावों से तय होगा।
2017 के बाद हो रहे हैं नगर महापालिका चुनाव
महाराष्ट्र की इन प्रमुख नगर महापालिकाओं में आखिरी बार चुनाव फरवरी 2017 में हुए थे। इनका पांच साल का कार्यकाल 2022 में समाप्त हो गया था, लेकिन ओबीसी आरक्षण विवाद और वार्ड परिसीमन को लेकर चले कानूनी विवादों के चलते चुनाव टलते रहे। आखिरकार अदालत के निर्देश के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने 15 दिसंबर 2025 को 29 नगर महापालिकाओं के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की।
मतदान प्रक्रिया में बड़ा बदलाव
इस बार नगर महापालिका चुनावों में मतदान प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। मुंबई की बीएमसी में मतदाता केवल एक वोट डालेंगे, जबकि शेष 28 नगर महापालिकाओं में मतदाता चार वोट डालेंगे। इसकी वजह यह है कि मुंबई को छोड़कर बाकी सभी नगर निगमों में बहु-सदस्यीय वार्ड प्रणाली (मल्टी-मेंबर वार्ड सिस्टम) लागू की गई है।निर्वाचन आयोग ने इस नई व्यवस्था को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं ताकि मतदाताओं को किसी प्रकार की असमंजस की स्थिति न हो।
इन नगर महापालिकाओं में हो रही है वोटिंग
राज्य की जिन 29 नगर महापालिकाओं में मतदान हो रहा है, उनमें बृहन्मुंबई (बीएमसी), छत्रपति संभाजीनगर, नवी मुंबई, वसई-विरार, कोल्हापुर, कल्याण-डोंबिवली, ठाणे, उल्हासनगर, नासिक, पुणे, पिंपरी-चिंचवड़, सोलापुर, अकोला, अमरावती, नागपुर, चंद्रपुर, लातूर, परभणी, भिवंडी-निजामपुर, मालेगांव, पनवेल, मीरा-भायंदर, नांदेड-वाघाळा, सांगली-मिरज-कुपवाड, जलगांव, धुले, अहिल्यानगर, इचलकरंजी और जालना शामिल हैं।इन चुनावों के नतीजे शुक्रवार को घोषित किए जाएंगे।
मुंबई में एक वोट, बाकी जगह चार वोट
मुंबई की बीएमसी में कुल 227 वार्ड हैं और यहां हर वार्ड से एक ही पार्षद चुना जाएगा। इसलिए बीएमसी क्षेत्र में एक मतदाता केवल एक वोट डालेगा। वहीं, बाकी 28 नगर महापालिकाओं में एक वार्ड से चार पार्षद चुने जाएंगे, इस वजह से वहां मतदाता सामान्य तौर पर चार वोट डालेंगे।
हालांकि कुछ वार्डों में उम्मीदवारों की संख्या के आधार पर मतदाताओं को तीन या पांच वोट डालने का विकल्प भी दिया गया है। वार्ड संरचना के अनुसार ईवीएम को सेट किया गया है।
893 वार्डों में 2,869 सीटों पर मुकाबला
राज्य की 29 नगर महापालिकाओं में कुल 893 वार्ड हैं, जिनमें 2,869 सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। इन सीटों के लिए 15,908 उम्मीदवार मैदान में हैं। राज्य सरकार ने नगर महापालिकाओं को चार वर्गों में बांटा है।
ए वर्ग: पुणे, नागपुर
बी वर्ग: ठाणे, नाशिक, पिंपरी-चिंचवड़
सी वर्ग: नवी मुंबई, कल्याण-डोंबिवली, वसई-विरार, छत्रपति संभाजीनगर
डी वर्ग: मीरा-भायंदर, भिवंडी-निजामपुर, उल्हासनगर, पनवेल समेत अन्य नगर निगम
क्या है मल्टी-मेंबर वार्ड सिस्टम?
महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों में से 28 में इस बार चार-सदस्यीय वार्ड प्रणाली लागू की गई है। शहरी विकास विभाग ने इसके लिए 2024 में अधिसूचना जारी की थी। इस व्यवस्था में वार्डों की संख्या वही रहती है, लेकिन हर वार्ड समूह से एक साथ चार पार्षद चुने जाते हैं।
राज्य सरकार का तर्क है कि इससे शहरी इलाकों में विकास योजनाओं और नागरिक सुविधाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा। चुने गए प्रतिनिधि अपने चारों वार्डों में विकास कार्य करा सकेंगे।
क्यों नहीं लागू हुआ यह सिस्टम मुंबई में?
मुंबई में एक वार्ड का क्षेत्रफल और आबादी अन्य नगर निगमों की तुलना में काफी ज्यादा है। ऐसे में बीएमसी में मल्टी-मेंबर वार्ड सिस्टम लागू करना व्यावहारिक रूप से मुश्किल माना गया, इसलिए यहां एकल-सदस्यीय वार्ड प्रणाली को बरकरार रखा गया है।
महाराष्ट्र में वार्ड सिस्टम का इतिहास
महाराष्ट्र में बहु-सदस्यीय वार्ड प्रणाली का इतिहास उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 2001 में विलासराव देशमुख सरकार ने तीन-सदस्यीय वार्ड प्रणाली लागू की। 2006 में इसे खत्म कर दिया गया था। 2011 में पृथ्वीराज चव्हाण सरकार ने दो और चार सदस्यीय प्रणाली शुरू की। 2016 में देवेंद्र फडणवीस सरकार ने चार-सदस्यीय प्रणाली लागू की। 2019 में महाविकास अघाड़ी सरकार ने इसे हटाकर एकल-सदस्यीय प्रणाली बहाल की। 2024 में एकनाथ शिंदे सरकार ने फिर से चार-सदस्यीय वार्ड प्रणाली लागू कर दी। इसी बदलाव के तहत इस बार मुंबई में एक वार्ड से एक पार्षद, जबकि बाकी 28 नगर महापालिकाओं में एक वार्ड से चार पार्षद चुने जाएंगे।

