
चुनाव की घोषणा से पहले सीएम ममता ने चला दांव, पुजारियों-मुअज्जिनों का बढ़ाया भत्ता
यह घोषणा आदर्श आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले की गई है। चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही आचार संहिता लागू हो जाती है और इसके बाद सरकारें ऐसी नई नीतिगत घोषणाएँ या वित्तीय फैसले नहीं कर सकतीं जो मतदाताओं को प्रभावित कर सकते हों।
पश्चिम बंगाल के लिए विधानसभा चुनाव की तारीखों के एलान के कुछ घंटे पहले ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा ऐलान किया। सियासी दांव चलते हुए ममता ने पुजारियों और मुअज्जिनों का भत्ता बढ़ा दिया है। वहीं, राज्य कर्मचारियों के डीए एरियर को लेकर भी बड़ा ऐलान किया है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को पश्चिम बंगाल में पुजारियों और मुअज्जिनों के मासिक मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि की घोषणा की। यह घोषणा उस समय की गई जब कुछ ही घंटों बाद चुनाव आयोग चार चुनावी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के लिए विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा करने वाला है।
उन्होंने यह भी बताया कि तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने पुजारियों और मुअज्जिनों द्वारा दिए गए सभी नए आवेदनों को भी मंजूरी दे दी है।
यह घोषणा आदर्श आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले की गई है। चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही आचार संहिता लागू हो जाती है और इसके बाद सरकारें ऐसी नई नीतिगत घोषणाएँ या वित्तीय फैसले नहीं कर सकतीं जो मतदाताओं को प्रभावित कर सकते हों।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य सरकार ने पुजारियों (पुरोहितों) और मुअज्जिनों के मासिक मानदेय में 500 रुपये बढ़ाने का फैसला किया है।
उन्होंने लिखा,“मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि हमारे पुरोहितों और मुअज्जिनों को दिए जाने वाले मासिक मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि की जा रही है। उनकी सेवा हमारे समाज के आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस संशोधन के बाद उन्हें अब हर महीने 2,000 रुपये मिलेंगे।”
इस संशोधन के बाद दोनों वर्गों को मिलने वाला मासिक भुगतान बढ़कर 2,000 रुपये हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि मानदेय के लिए पुजारियों और मुअज्जिनों द्वारा जमा किए गए सभी नए आवेदनों को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है।
ममता बनर्जी ने कहा कि यह फैसला समाज में धार्मिक कार्यकर्ताओं की भूमिका को सम्मान देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने लिखा,“हमें ऐसे माहौल को बढ़ावा देने पर गर्व है जहां हर समुदाय और हर परंपरा को महत्व दिया जाता है और मजबूत किया जाता है। हमारी कोशिश है कि जो लोग राज्य की आध्यात्मिक परंपराओं को सुरक्षित रखते हैं, उन्हें उचित सम्मान और सहयोग मिले।”

