
ममता बनर्जी ने जारी किया TMC का घोषणापत्र: EC और मोदी सरकार पर बड़ा हमला
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को बताया BJP की कठपुतली; राज्य में अघोषित राष्ट्रपति शासन का लगाया आरोप और द्वारे चिकित्सा समेत किए 10 बड़े वादे।
West Bengal Assembly Elections : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने शुक्रवार 20 मार्च 2026 को आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी पार्टी का घोषणापत्र जारी कर दिया है। घोषणापत्र जारी करने के दौरान ममता बनर्जी बेहद आक्रामक नजर आईं। उन्होंने चुनाव आयोग (EC) पर सीधे प्रहार करते हुए उसे भारतीय जनता पार्टी की कठपुतली करार दिया। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बंगाल में इस समय अघोषित राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि क्या उन्हें चुनाव जीतने के लिए ऐसे दमनकारी कदमों की जरूरत है?
ममता बनर्जी ने बंगाल के गौरव और इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि अंग्रेज भी बंगाल के लोगों के बौद्धिक स्तर और निडरता से डरकर अपनी राजधानी कोलकाता से ले गए थे। उन्होंने कहा कि आज की केंद्र सरकार भी बंगाल की भाषा और पहचान से जलती है। इसी वजह से बंगाल को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि वे केंद्रीय एजेंसियों के डर में न आएं और न ही किसी लालच में पड़ें। उन्होंने दावा किया कि यह अत्याचारी और किसान विरोधी सरकार जल्द ही सत्ता से बाहर होने वाली है।
ममता की 10 प्रतिज्ञाएं और घर घर तक पहुँचेगी स्वास्थ्य सेवा
TMC के घोषणापत्र में मुख्य रूप से कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। ममता बनर्जी ने अगले पांच वर्षों के लिए 10 प्रमुख प्रतिज्ञाएं पेश की हैं।
द्वारे चिकित्सा: इस योजना के तहत अब हर ब्लॉक और कस्बे में वार्षिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। ममता बनर्जी ने वादा किया कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं अब हर घर के आंगन तक पहुंचेंगी।
लक्ष्मी भंडार में वृद्धि: महिलाओं के लिए चल रही इस लोकप्रिय योजना के तहत मिलने वाली मासिक सहायता राशि को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है।
स्वास्थ्य अवसंरचना: राज्य भर में अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के नेटवर्क को और अधिक मजबूत किया जाएगा।
शिक्षा और रोजगार: युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बंगाल के दबदबे को बरकरार रखने का संकल्प लिया गया है।
चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप
ममता बनर्जी ने चुनाव से पहले IAS और IPS अधिकारियों के तबादले को लेकर चुनाव आयोग को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों को इसलिए बदला गया है ताकि सीमाओं के जरिए राज्य में अवैध कैश और हथियार लाए जा सकें। उन्होंने इसे बंगाल में हिंसा भड़काने की एक सोची समझी साजिश बताया। ममता बनर्जी ने परिसीमन के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को घेरा और कहा कि निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्निर्धारण केवल BJP को फायदा पहुँचाने के लिए किया जा रहा है।
सांप्रदायिक सद्भाव और पत्रकारों की आजादी पर बात
अपने संबोधन में ममता बनर्जी ने सभी धर्मों जैसे हिंदू और बौद्ध और सिख और जैन के लोगों से एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार पत्रकारों को भी डरा धमका रही है और यह तय कर रही है कि सुबह अखबारों में क्या छपना चाहिए और क्या नहीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अंत में जीत जनता की ही होगी। TMC सुप्रीमो ने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई बंगाल की अस्मिता और पहचान को बचाने की है जिसे केंद्र सरकार मिटाना चाहती है।
( एजेंसी इनपुट के साथ )

