
मैं राहुलवादी तो कत्तई नहीं, आखिर क्यों इतने खफा हैं मणिशंकर अय्यर
केरल चुनाव से पहले मणिशंकर अय्यर ने पी विजयन की तारीफ और राहुल गांधी से दूरी बनाकर कांग्रेस में नई बहस छेड़ दी है।
इस साल केरल में विधानसभा के चुनाव होने हैं। कांग्रेस गठबंधन और लेफ्ट के बीच सीधी लड़ाई है। कांग्रेस के नेताओं का दावा है कि पी विजयन की जनता छुट्टी करने जा रही है। लेकिन कांग्रेस के कद्दावर नेता मणिशंकर अय्यर को ऐसा नहीं लगता। उन्होंने पी विजयन की तारीफ करते हुए कहा कि एक बार फिर केरल की जनता उन्हें चुनने जा रही है। अब इसकी आलोचना जब कांग्रेस में शुरू हुई तो अय्यर के बोल और तीखे हो गए। मणिशंकर अय्यर ने कहा कि वो नेहरू और राजीववादी हैं। लेकिन राहुलवादी तो कत्तई नहीं हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Mani Shankar Aiyar ने पार्टी प्रवक्ता Pawan Khera पर तीखा हमला बोला है। एक एजेंसी से बातचीत में अय्यर ने खेड़ा को “कठपुतली” और “तोता” करार देते हुए कहा कि वे पार्टी के अधिकृत प्रवक्ता नहीं, बल्कि महासचिव Jairam Ramesh के निर्देशों के अनुसार बोलते हैं।
अय्यर ने सवाल उठाया कि कांग्रेस जैसे बड़े दल में खेड़ा से बेहतर प्रवक्ता मौजूद हैं, फिर भी उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि पार्टी में लाखों कार्यकर्ता हैं जो इस भूमिका को अधिक प्रभावी ढंग से निभा सकते हैं। वामपंथी दलों के साथ कांग्रेस के गठबंधन के मुद्दे पर भी अय्यर ने असहमति जताई। उन्होंने कहा कि दिल्ली में M. A. Baby के साथ गठबंधन किया गया, जबकि केरल में Pinarayi Vijayan के संदर्भ में उनके रुख पर सवाल उठाए जा रहे हैं। अय्यर ने इसे दोहरे मापदंड का उदाहरण बताया।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर खेड़ा उन्हें कांग्रेस से बाहर करेंगे तो वे खुद ही पार्टी छोड़ देंगे और “पीछे से लात मारेंगे। इसी दौरान अय्यर ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री M. K. Stalin की खुलकर तारीफ की। उनका कहना था कि स्टालिन ने सूट-बूट की सरकार” या वोट चोर गद्दी छोड़ जैसे नारे नहीं दिए, बल्कि ठोस और जरूरी मुद्दे उठाए, जिसके दम पर उन्होंने सरकार बनाई।
अय्यर ने यह भी कहा कि विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक का अध्यक्ष यदि किसी को बनाया जाना चाहिए तो वह एम.के. स्टालिन हो सकते हैं। उनके इन बयानों से कांग्रेस के भीतर मतभेद और नेतृत्व को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि वे अब भी कांग्रेस के सदस्य हैं और पार्टी नहीं छोड़ी है। हालांकि, अगर उन्हें निकाला जाता है तो वे बिना हिचक पार्टी छोड़ देंगे।अय्यर के इन बयानों से कांग्रेस के भीतर मतभेद और अंदरूनी खींचतान की चर्चा तेज हो गई है।

