मायावती का खुला चैलेंज: न गठबंधन न समझौता, बसपा अकेले रचेगी इतिहास
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मायावती का खुला चैलेंज: न गठबंधन न समझौता, बसपा अकेले रचेगी इतिहास

मायावती ने गठबंधन की खबरों को फेक न्यूज बताया। यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में बसपा अकेले चुनाव लड़ेगी। दिल्ली में बंगला अलॉटमेंट पर भी बसपा प्रमुख ने दी सफाई।


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Mayawati On UP Elections 2027: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ी हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चल रही गठबंधन की खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। मायावती ने स्पष्ट किया कि बसपा साल 2027 का चुनाव किसी भी दल के साथ मिलकर नहीं लड़ेगी। उन्होंने इन चर्चाओं को विशुद्ध रूप से लोगों को गुमराह करने वाली "फेक न्यूज" करार दिया है। उनके अनुसार मीडिया में गठबंधन की चर्चा केवल बसपा समर्थकों को भ्रमित करने के लिए की जा रही है। बसपा प्रमुख ने साफ तौर पर कहा कि पार्टी अपने बलबूते पर चुनाव के मैदान में उतरेगी। यह बयान विरोधियों द्वारा फैलाए जा रहे प्रोपेगेंडा का एक कड़ा और सीधा जवाब माना जा रहा है। मायावती ने कार्यकर्ताओं से ऐसी किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की पुरजोर अपील की है। उन्होंने अपनी बात को मजबूती से रखते हुए 9 अक्टूबर 2025 की महारैली का विशेष जिक्र किया। उस महारैली में भी उन्होंने अकेले चुनाव लड़ने की खुली घोषणा पहले ही कर दी थी। अब इस गंभीर विषय पर किसी भी तरह की नई बहस की कोई गुंजाइश नहीं बची है।



गठबंधन की खबरों पर मायावती का प्रहार
मायावती ने मीडिया की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया को कटी पतंग जैसी खबरों से बचना चाहिए। ऐसी खबरें मीडिया जगत की अपनी विश्वसनीयता को नुकसान पहुँचाती हैं। बसपा प्रमुख ने विपक्षी राजनीतिक दलों पर तीखा प्रहार किया है।
उन्होंने सपा, भाजपा और कांग्रेस की सोच को दलित विरोधी बताया। उनके अनुसार इन दलों का गठबंधन केवल चुनावी स्वार्थ होता है। गठबंधन करने से बसपा के वोट बैंक को अक्सर नुकसान होता है। मायावती ने पुराने कड़वे अनुभवों के कारण गठबंधन से तौबा की है।

मिशन 2027 और कार्यकर्ताओं को कड़ा संदेश
उनका मानना है कि बसपा का कैडर अब सचेत हो चुका है। पार्टी कार्यकर्ता अब मिशन 2027 की सफलता में जुट गए हैं। मायावती ने कहा कि विरोधियों की साजिशें अब सफल नहीं होंगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को हाथी की मस्त चाल चलने की सलाह दी।
उनका मुख्य लक्ष्य 2007 की तरह पूर्ण बहुमत सरकार बनाना है। पार्टी के लोग अब पूरे जी जान से काम में लगे हैं। विरोधियों की चालें अब पार्टी को कमजोर नहीं कर पाएंगी। बसपा अब अपने दम पर सत्ता में वापसी का लक्ष्य रखेगी।

दिल्ली में टाइप 8 बंगला मिलने की सच्चाई
दिल्ली में टाइप 8 बंगला मिलने पर भी उन्होंने सफाई दी। उन्होंने बताया कि यह बंगला सुरक्षा श्रेणी के कारण मिला है। मायावती पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते इस बंगले की पूरी हकदार हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी उन्हें ऐसा ही बंगला मिला था।
इसे राजनीति से जोड़ना विरोधियों की एक बहुत संकीर्ण सोच है। उन्होंने सरकार द्वारा बंगला अलॉट करने की पूरी प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि सुरक्षा कारणों से कई बंगले पहले स्वीकार नहीं किए। अंत में सुरक्षा के मानकों पर सही उतरने वाला बंगला लिया।

विरोधियों की साजिशों से सावधान रहने की अपील
मायावती ने कार्यकर्ताओं से पूरी तरह एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि चुनाव आने पर विरोधी गंदे हथकंडे अपनाएंगे। सभी अंबेडकरवादियों को अपने नेतृत्व पर अटूट भरोसा रखना चाहिए। बसपा अब पूरी ताकत से आत्मसम्मान के मूवमेंट को बढ़ाएगी।
मायावती ने साफ किया कि वह किसी दबाव में नहीं आएंगी। उन्होंने विरोधियों के चुनावी दांत खट्टे करने का संकल्प दोहराया। पार्टी अब अकेले ही पूरे दम खम से चुनाव में उतरेगी। कार्यकर्ताओं को केवल अपने मिशन पर ध्यान देना बहुत जरूरी है।


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