कपसाड़ में दहशत: मां की हत्या और बेटी के अपहरण के बाद गांव में कर्फ्यू जैसे हालात
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कपसाड़ में दहशत: मां की हत्या और बेटी के अपहरण के बाद गांव में कर्फ्यू जैसे हालात

Kapsad village में हालात तनावपूर्ण हैं। पुलिस ने बाहरी लोगों को रोक रखा है। ग्रामीणों का कहना है कि सोशल मीडिया पर उनकी गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जा रही है।


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Meerut murder case: मेरठ का कपसाड़ गांव इन दिनों चुप्पी और सन्नाटे की चपेट में है, लेकिन अंदर की हलचल किसी तूफान से कम नहीं है। एक तरफ मां की हत्या और बेटी का अपहरण तो दूसरी तरफ पुलिस और प्रशासन का कड़ा पहरा। ऐसा लगता है जैसे गांव पूरे देश की निगाहों के केंद्र में आ गया हो। हर गली, हर छत और हर एंट्री प्वाइंट पर कैमरे और बैरिकेडिंग और लोग घरों में कैद। अब कपसाड़ सिर्फ एक गांव नहीं, बल्कि सुरक्षा, सियासत और डर का जीता-जागता उदाहरण बन चुका है।

8 जनवरी की सुबह मेरठ के कपसाड़ गांव में सनसनीखेज मामला सामने आया। पारस सोम ने अपनी प्रेमिका रूबी की मां सुनीता की हत्या कर दी और रूबी को अपने साथ ले भागा। 2 दिन बाद 130 किलोमीटर दूर सहारनपुर में पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। रूबी को उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया, जबकि पारस को जेल भेजा गया। गिरफ्तारी से पहले उसने खुद को बेगुनाह बताया और कहा कि वह फंसाया गया है। हालांकि, रूबी ने कोर्ट में कहा कि मुझे जबरन ले जाया गया। मेरी मां मुझसे छीन ली गई। उसके पास तमंचा था और मुझे धमकी दी कि जैसे मां को मारा, मुझे भी मार दूंगा।

कपसाड़ में कर्फ्यू जैसे हालात

इस घटना के बाद कपसाड़ गांव यूपी की सियासत का केंद्र बन गया। कांग्रेस ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। वहीं पुलिस ने गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। पुलिस ने गांव के 14 एंट्री पॉइंट पर बैरिकेडिंग कर रखी है। गांव में बिना पहचान पत्र दिखाए कोई भी प्रवेश नहीं कर सकता है। पुलिस ने पीड़िता रूबी के घर के चारों ओर CCTV कैमरे लगवाए हैं। महिला पुलिस और PAC की एक बटालियन तैनात है। गांव में लोगों को केवल खेतों में काम करने की अनुमति है, वीडियो या फोटो लेने पर रोक है। गांव में लोग घरों में कैद हैं और दैनिक जीवन प्रभावित हुआ है। सब्जी, फल और राशन की कमी हो गई है। स्कूल बंद हैं, केवल परीक्षा में शामिल बच्चों को टीचर घर से लेकर स्कूल और वापस लाती हैं।

पारस के भागने का सफर

पुलिस के अनुसार, पारस रूबी को पहले खतौली अपनी रिश्तेदारी ले गया, फिर दिल्ली के होटल और गुरुग्राम में रुके। बाद में ट्रेन से सहारनपुर पहुंचे। इस दौरान पुलिस ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखी। पुलिस कस्टडी में पारस ने बताया कि वह तीन साल से रूबी को पसंद करता था। दोनों ने साथ भागने का फैसला किया। क्योंकि परिवार ने रूबी की शादी तय कर दी थी। पुलिस ने पारस के बयान को सिरे से मानने से इनकार किया और युवती रूबी के बयान को आधार बनाकर आगे की कार्रवाई शुरू की गई।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

पुलिस ने गांव में हर गली और चौराहे पर निगरानी रखी। ADG भानु भास्कर के अनुसार, युवती के बयान दर्ज हो चुके हैं। पुलिस रोजाना सीनियर ऑफिसर की ब्रीफिंग के तहत सिक्योरिटी का रिव्यू कर रही है। मुकदमे में अन्य धाराओं को जोड़कर लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखा गया है।

ग्राउंड रिपोर्ट

कपसाड़ गांव में हालात तनावपूर्ण हैं। पुलिस ने बाहरी लोगों को रोक रखा है। ग्रामीणों का कहना है कि सोशल मीडिया पर उनकी गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जा रही है। लोग सिर्फ अपने घरों में रह रहे हैं और जीवन सामान्य रूप से ठप्प है।

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