
लखनऊ में जश्न से लौटे छात्र की कार बनी काल, पांच को रौंद डाला
लखनऊ के बंथरा इलाके में तेज रफ्तार कार ने कई लोगों को कुचला। हादसे में 6 वर्षीय बच्चे की मौत हुई और कई घायल हैं।
Lucknow Accident: लखनऊ में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने सबको झकझोर कर रख दिया है। कानपुर हाईवे पर बंथरा इलाके में गुरुवार यानी 12 फरवरी की देर शाम तेज रफ्तार कार ने बाइक, ऑटो और ई-रिक्शा को टक्कर मारते हुए सड़क किनारे खड़े लोगों को कुचल दिया। इस हादसे में छह वर्षीय मासूम दीक्षांत की मौत हो गई जबकि पांच से छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बता दें कि पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया है।
फेयरवेल पार्टी से लौटते समय हुआ हादसा
शुरुआती जांच में सामने आया है कि कार चला रहा युवक एक निजी स्कूल का छात्र था। वह अपने सहपाठी के साथ मोहान रोड पर आयोजित स्कूल की फेयरवेल पार्टी से लौट रहा था। कार कानपुर की ओर जा रही थी। बंथरा हनुमान मंदिर के पास एक किशोरी कार से उतरी, जिसके तुरंत बाद वाहन अनियंत्रित हो गया। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि कार चला रहे लड़के ने रफ्तार कम करने के बजाय और तेज कर दी जिससे हादसा और भी भयावह हो गया।
कई लोगों को मारी टक्कर
तेज रफ्तार कार ने सबसे पहले सहिजनपुर निवासी बाइक सवार प्रमोद को टक्कर मारी। इसके बाद कार बेकाबू हो गई और सड़क किनारे खड़े लोगों को कुचल दिया। हादसे में उन्नाव के अटवा-खुर्द निवासी संजय पटेल की पत्नी साधना पटेल (35), उनकी मां मीना देवी (60), 12 वर्षीय अरमान और छह वर्षीय दीक्षांत गंभीर रूप से घायल हो गए। दीक्षांत को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।इसके अलावा सोहरामऊ निवासी 42 साल के अवध बिहारी जो ई-रिक्शा लेकर खड़े थे वो भी घायल हुए। कार की टक्कर से एक ऑटो और ई-रिक्शा भी क्षतिग्रस्त हो गए। घायलों का इलाज जारी है और कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
चालक फरार, जांच जारी
हादसे के बाद चालक कार लेकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने कार से उतरी किशोरी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। एसीपी कृष्णानगर रजनीश वर्मा के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कार चला रहा युवक बनी गांव का रहने वाला और एक निजी स्कूल का छात्र है।पुलिस ने कार बरामद कर ली है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें गठित की हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
फिर उठे नाबालिग ड्राइविंग पर सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर नाबालिगों और छात्रों द्वारा वाहन चलाने के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। बिना वैध लाइसेंस के वाहन चलाना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है। मृतक दीक्षांत के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। माता-पिता ने अपने बेटे के लिए बड़े सपने देखे थे, जो इस हादसे के साथ ही टूट गए। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

