मणिकर्णिका घाट मामले में फ़र्ज़ी तस्वीरें शेयर करने पर सांसद संजय सिंह, पप्पू यादव समेत आठ को नोटिस
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मणिकर्णिका घाट मामले में फ़र्ज़ी तस्वीरें शेयर करने पर सांसद संजय सिंह, पप्पू यादव समेत आठ को नोटिस

मणिकर्णिका घाट मामले में सांसद संजय सिंह और पप्पू यादव समेत 8 लोगों की पुलिस ने नोटिस भेजकर 72 घंटे में जवाब देने के लिए कहा है।इन लोगों पर AI तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कर माहौल बिगाड़ने का आरोप है।


वाराणसी के मणिकर्णिका घाट में AI से बनी फोटो सोशल मीडिया पर साझा करने के मामले में दो सांसदों समेत आठ लोगों को नोटिस जारी किया गया है।इन सभी से 72 घंटे में जवाब मांगा गया है।आरोप है कि मणिकर्णिका घाट मामले में इन लोगों ने विश्वनाथ धाम के कुंभा महदेव की AI से बनी फोटो सोशल मीडिया पर डाली थी जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई और यह सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश है।इसके लिए विभिन्न धाराओं में 8 एफआईआर दर्ज़ की गई है।


संजय सिंह और पप्पू यादव समेत आठ को नोटिस :

वाराणसी के मणिकर्णिका घाट के सौंदर्यीकरण और उसके लिए घाट की मूर्तियों को तोड़े जाने के मामले में एक तरह विपक्ष हमलावर है तो वहीं दूसरी ओर यूपी पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।पुलिस ने आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस ( AI) से बनी फोटो साझा करने के मामले में 8 लोगों को नोटिस भेजा है।इसमें दो सांसद आम आदमी पार्टी के संजय सिंह और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव शामिल हैं।इन सभी से 72 घंटे में नोटिस का जवाब मांगा गया है।आरोप है कि मणिकर्णिका घाट और श्मशान के सौंदर्यीकरण मामले में वास्तविक तथ्यों से अलग इन लोगों ने भ्रामक जानकारी साझा की।इससे मीडिया और मीडिया में भ्रम को स्थिति फैली।आरोप है यह कि इस तरह को जानकारी से श्रद्धालुओं को गुमराह किया गया जिससे लोगों को सच्चाई का पता नहीं चला और नाराज़गी बढ़ी।

पाँच साल पुरानी तस्वीर साझा करने का आरोप-

वाराणसी पुलिस ने इन 8 लोगों के एक्स अकाउंट को देखते हुए इनके ख़िलाफ़ विभिन्न धाराओं में एफआईआर की है।पुलिस ने नोटिस में कहा है कि मामले में विश्वनाथ मंदिर के कुंभा महादेव की AI से बनी तस्वीर साझा करने के लिए ये लोग जवाब दें।72 घंटे में जवाब मांगा गया है।आप सांसद संजय सिंह और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के अलावा हरियाणा की कांग्रेस नेता जसविंदर कौर भी नोटिस भेजा गया है।इसके अलावा प्रागण्या गुप्ता, रितु राठौड़, मनीष सिंह और संदीप देव के ख़िलाफ़ भी मुक़दमा दर्ज कर उनको नोटिस भेजा गया है।दरअसल मणिकर्णिका में तोड़फोड़ की बात कहकर जिस तस्वीर को साझा किया गया वो 5 साल पुरानी तस्वीर है।विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के दौरान जब करता चल रहा था तब को तस्वीर में मलबा नज़र आ रहा है।

तमिलनाडु की कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर ने की थी शिकायत-

दरअसल मणिकर्णिका घाट सौंदर्यीकरण का काम तमिलनाडु की कंपनी कर रही है।मामले में कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर तमिलनाडु के रामनाथपुरम निवासी मनो पंचामल ने पुलिस से शिकायत की थी कि उनकी वाराणसी के मणिकर्णिका घाट महाश्मशान में सौंदर्यीकरण और सुविधाएं विकसित करने के लिए निर्माण कार्य कर रही है और सोशल मीडिया पर इसकी भ्रामक तस्वीर दिखाई का रही है।तहरीर में कहा गया है कि कुछ सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एआई से बनी तस्वीरें पोस्ट करने से भ्रम की स्थिति बनी श्रद्धालुओं में नाराज़गी बढ़ी।

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