
हॉर्स ट्रेडिंग का डर! BMC नतीजे के बाद सियासी हलचल तेज, शिंदे गुट के पार्षद होटल में शिफ्ट
Mumbai politics: फिलहाल, बीएमसी में मेयर पद और सत्ता गठन को लेकर स्थिति साफ नहीं है। एक तरफ बीजेपी बहुमत जुटाने की कोशिश में लगी है। दूसरी तरफ शिंदे गुट अपने पत्ते खोलने से पहले पूरी तरह सुरक्षित रणनीति अपना रहा है।
BMC elections 2026: मुंबई की सत्ता की जंग अब सिर्फ वोटों की नहीं, मंजिल की चाबियों की हो गई है। बीएमसी चुनाव के नतीजों के बाद सियासी चालें इतनी तेज हैं कि एक-एक पार्षद की कीमत बढ़ गई है। इसी बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ऐसा कदम उठाया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। शिंदे गुट के सभी पार्षद अब जनता के बीच नहीं, बल्कि फाइव स्टार होटल की निगरानी में हैं। शिंदे गुट की शिवसेना ने अपने सभी नवनिर्वाचित पार्षदों को मुंबई के बांद्रा इलाके में स्थित ताज लैंड्स एंड होटल में इकट्ठा होने का आदेश दिया है।
तीन दिन तक होटल में रहेंगे पार्षद
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिंदे गुट के सभी पार्षदों को दोपहर 3 बजे तक होटल पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। इन पार्षदों को अगले तीन दिनों तक होटल में ही ठहराया जाएगा, ताकि किसी भी तरह की हॉर्स ट्रेडिंग (पार्षदों की खरीद-फरोख्त) या टूट की कोशिश को रोका जा सके।
शिंदे गुट बना किंगमेकर
BMC चुनाव में शिंदे गुट की शिवसेना ने 29 सीटें जीती हैं। मौजूदा गणित के अनुसार, बीजेपी अपने दम पर बहुमत से दूर है। बीएमसी में सरकार बनाने के लिए शिंदे गुट का समर्थन बेहद जरूरी हो गया है। इसी वजह से शिंदे गुट को अब “किंगमेकर” की भूमिका में देखा जा रहा है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि शिंदे सेना के बिना बीजेपी के लिए BMC में सत्ता बनाना आसान नहीं है।
कोई जोखिम नहीं लेना चाहते एकनाथ शिंदे
रिपोर्ट्स के अनुसार, एकनाथ शिंदे खुद पूरे घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। उनका मानना है कि जब तक बीएमसी में सत्ता का औपचारिक दावा नहीं हो जाता, तब तक पार्षदों को एकजुट रखना बेहद जरूरी है। इसी रणनीति के तहत पार्षदों को 5-स्टार होटल में ठहराने का फैसला लिया गया है। शिंदे गुट को आशंका है कि विपक्षी दल या अन्य राजनीतिक खिलाड़ी उनके पार्षदों को तोड़ने की कोशिश कर सकते हैं, जिससे सत्ता का पूरा गणित बिगड़ सकता है।
कांग्रेस सांसद नसीर हुसैन का तंज
इस पूरे मामले पर कांग्रेस सांसद नसीर हुसैन ने एकनाथ शिंदे पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि उन्हें डर किस बात का है? कौन उनके पार्षदों को तोड़ सकता है और पार्षद तोड़ने का सबसे ज़्यादा अनुभव किसे है, यह देश जानता है। नसीर हुसैन ने आगे आरोप लगाया कि बीजेपी ने हमेशा सहयोगी दलों को तोड़कर और टूटे हुए गुटों के सहारे अपनी ताकत बढ़ाई है। महाराष्ट्र और बिहार में किस पार्टी का ‘स्ट्राइक रेट’ सबसे ज़्यादा रहा है, यह किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे जितनी जल्दी यह बात समझ लें, उतना ही उनके लिए बेहतर होगा।
बीएमसी में सत्ता को लेकर सस्पेंस बरकरार
फिलहाल, बीएमसी में मेयर पद और सत्ता गठन को लेकर स्थिति साफ नहीं है। एक तरफ बीजेपी बहुमत जुटाने की कोशिश में लगी है। दूसरी तरफ शिंदे गुट अपने पत्ते खोलने से पहले पूरी तरह सुरक्षित रणनीति अपना रहा है। आने वाले कुछ दिन तय करेंगे कि मुंबई की सत्ता किसके हाथ जाएगी।

