
मुस्लिम वोट बैंक पर नजर? सपा में शामिल होंगे नसीमुद्दीन
इस्तीफे के बाद सियासी हलकों में चर्चा थी कि नसीमुद्दीन बीएसपी लौट सकते हैं या किसी नई पार्टी की घोषणा कर सकते हैं।लेकिन अब उनका सपा में जाना तय माना जा रहा है।
Naseemuddin Siddiqui to join Samajwadi Party: कभी उत्तर प्रदेश की सियासत में बड़ा चेहरा माने जाने वाले पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकते हैं।कहा जा रहा है कि रविवार को उनकी जॉइनिंग ख़ुद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव करवा सकते हैं।हाल ही में नदीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस से इस्तीफ़ा दिया था जिसके बाद से ही उनके नए सियासी ठिकाने पर कयास लगाये जा रहे थे।
अखिलेश यादव रविवार को कराएंगे पार्टी में शामिल-
पूर्व कैबिनेट मंत्री और कभी मायावती के ख़ास रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकते हैं।कहा जा रहा है कि उनकी जॉइनिंग रविवार को होगी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव उनको पार्टी में शामिल कराएंगे। बीएसपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए नसीमुद्दीन ने 24 जनवरी को ही कांग्रेस से इस्तीफ़ा दिया था।तब से इस बात को लेकर अटकलें लगायी जा रही थीं कि नसीमुद्दीन सपा का दामन थाम सकते हैं।इस्तीफे के बाद सियासी हलकों में इस बात की भी चर्चा थी कि नसीमुद्दीन घर वापसी कर बीएसपी लौट सकते हैं या किसी नई पार्टी की घोषणा कर सकते हैं। लेकिन अब उनका सपा में जाना तय माना जा रहा है।सूत्रों के अनुसार नसीमुद्दीन सिद्दीकी के सपा में शामिल होने का औपचारिक ऐलान 15 फरवरी को हो सकता है।इस मौके पर उनके कुछ समर्थक भी सपा में शामिल होंगे जो बीएसपी छोड़कर उनके साथ कांग्रेस में गए थे।वरिष्ठ पत्रकार रचना सरन कहती हैं '' बीएसपी में किसी भी नेता की वापसी मुश्किल होती है।ऐसे में सपा ही नसीमुद्दीन के लिए सबसे मुफीद ठिकाना है।सपा में इस समय आज़म ख़ान जैसे अनुभवी नेता सक्रिय नहीं हैं ऐसे में नसीमुद्दीन जैसे बड़े मुस्लिम चेहरे के शामिल होने से फ़र्क़ तो पड़ेगा।बीएसपी में नसीमुद्दीन ने लंबे समय तक पश्चिमी यूपी में कोऑर्डिनेटर के तौर पर काम किया है।इसका भी लाभ सपा को मिल सकता है।’’
कांग्रेस में उचित भूमिका न मिलने की बात कहकर दिया था इस्तीफ़ा-
देखा जाए तो अभी तक नसीमुद्दीन सिद्दीकी की ओर से सपा में जॉइनिंग को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और सपा ने भी कोई औपचारिक जानकारी नहीं दी है लेकिन सूत्रों के अनुसार रविवार को उनका सपा में शामिल होना तय माना जा रहा है।ज़ाहिर है विधानसभा चुनाव से पहले सपा में नसीमुद्दीन के शामिल होने से सपा के मुस्लिम वोटरों को संदेश जा सकता है।हालाँकि अभी समाजवादी पार्टी का कांग्रेस के साथ गठबंधन है और विधानसभा चुनाव भी दोनों साथ मिलकर लड़ने का संदेश दे चुके हैं।ऐसे में कांग्रेस छोड़कर सपा जॉइन करने की बात पर भी लोगों की नज़र है।ख़ास बात यह है कि नसीमुद्दीन ने अपने इस्तीफे में पार्टी में उचित भूमिका न मिलने और संगठनात्मक असंतोष को वजह बताई थी।
कभी बीएसपी का मुस्लिम चेहरा और मायावती के ख़ास माने जाते थे नसीमुद्दीन-
नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने राजनीति की शुरुआत बीएसपी से की थी।नसीमुद्दीन पहली बार 1991 में विधायक बने थे और उन्हें बीएसपी का मुस्लिम चेहरा माना काटा था।कभी मायावती के ख़ास रहे नसीमुद्दीन मायावती सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे।नसीमुद्दीन सिद्दीकी 2017 में बीएसपी से निष्कासित होने के बाद 2018 में कांग्रेस में शामिल हुए थे।अब कांग्रेस छोड़कर सपा की ओर बढ़ रहे हैं।

