केजीएमयू लव जिहाद केस : आरोपी डॉक्टर के ख़िलाफ़ NBW
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आरोपी डॉ रमीज़ की सम्पत्ति कुर्क करने की तैयारी

केजीएमयू लव जिहाद केस : आरोपी डॉक्टर के ख़िलाफ़ NBW

लखनऊ के लव जिहाद मामले में जल्द बड़ा एक्शन हो सकता है।आरोपी डॉ रमीज़ के ख़िलाफ़ NBW जारी किया गया है और उसकी संपत्ति कुर्क करने की भी तैयारी है।


Action in KGMU conversion-love jihad case : लखनऊ में लव जिहाद और कथित धर्मांतरण के आरोपी पर बड़ा एक्शन होने वाला है।फरार आरोपी डॉ रमीज़ मलिक के घर की कुर्की हो सकती है।डॉ रमीज़ मलिक फ़रार है।उसके ख़िलाफ़ ग़ैर ज़मानती वारंट जारी किया गया है और हज़ार का ईनाम भी रखा गया है।पुलिस गिरफ़्तारी के लिए लगातार अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही है लेकिन अब तक उसको गिरफ़्तार करने में कामयाबी नहीं मिली है।

आरोपी डॉ रमीज़ की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी-

लखनऊ के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में यौन शोषण, लव जिहाद और धर्मांतरण के लिए दबाव डालने के गंभीर आरोपों में घिरे जूनियर रेजिडेंट डॉ रमीज़ मलिक उर्फ रमीज़ुद्दीन नायक अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर है।आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट( NBW ) जारी होने के बाद अब पुलिस उसकी संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू करने वाली है।पुलिस के अनुसार जाँच तक आरोपी को लखनऊ में रहना था लेकिन वो फरार हो गया है। अगर आरोपी जल्द आत्मसमर्पण नहीं करता या गिरफ्तार नहीं होता तो कोर्ट की अनुमति से उसकी संपत्ति कुर्क की जाएगी।पुलिस ने आरोपी की संपत्ति चिन्हित कर ली है।

यूपी से लेकर उत्तराखंड तक कई ठिकानों पर दबिश-

पुलिस की टीमें आरोपी की तलाश में यूपी के बरेली से लेकर उत्तराखंड के खटीमा तक में अलग-अलग था ठिकानों पर दबिश दे चुकी है।आरोपी का फ़ोन स्विच ऑफ है।पुलिस को सूचना मिलती है कि आरोपी रमीज़ मालिक एक ठिकाने पर है पर पुलिस के पहुँचने से पहले ही आरोपी फरार हो जाता है।पुलिस ने रमीज़ मलिक पर 25 हज़ार का ईनाम भी घोषित कर दिया है। दरअसल FIR के बाद से रमीज़ मलिक फरार है और आखिरी बार 23 दिसंबर को लखनऊ में देखा गया था। पुलिस की तीन टीमें उत्तराखंड, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर रही हैं लेकिन आरोपी का मोबाइल बंद होने से लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो रहा है।इधर मामले का विरोध करते हुए हिंदूवादी संगठन लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और कानून के तहत सख्त सज़ा दिलाई जाएगी।

पीड़िता ने की मुख्यमंत्री से मुलाक़ात-

इस बीच पीड़िता ने अपने पिता के साथ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाक़ात की। मुख्यमंत्री ने पीड़िता को न्याय का भरोसा दिलाया और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।मुख्यमंत्री ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी को लेकर भी निर्देश दिए हैं।दिसंबर में केजीएमयू की महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत कर आरोप लगाया था कि साथ काम करने वाले जूनियर रेज़िडेंट डॉ रमीज मलिक ने शादी का झांसा देकर उनका यौन शोषण किया, निजी फोटो-वीडियो से ब्लैकमेल किया और पीड़िता के गर्भवती होने पर आरोपी ने जबरन गर्भपात कराया।जब पीड़िता ने शादी की बात की तो रमीज़ ने धर्म बदलने की शर्त रखी। इस दौरान पीड़िता को आरोपी की पत्नी के बारे में भी पता चला जिसने कथित तौर पर धर्मांतरण कर रमीज़ से शादी की थी।मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर पीड़िता ने आत्महत्या का प्रयास किया।उसके बाद पीड़िता की शिकायत पर केजीएमयू ने आरोपी को सस्पेंड कर कैंपस में प्रवेश पर रोक लगा दी। चौक थाने में यौन शोषण, धोखाधड़ी, ब्लैकमेल और उत्तर प्रदेश गैर-कानूनी धर्मांतरण निषेध अधिनियम के तहत FIR दर्ज़ की गई।

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