
बजट के बहाने ‘मिशन साउथ’ का संदेश… निर्मला सीतारमन की साड़ी में तमिलनाडु की परंपरा और विरासत की झलक
वित्त मंत्री के गृह प्रदेश तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए राज्य की हथकरघा, परंपरा और विरासत को दर्शाने वाली कांचीपुरम या कांजीवरम साड़ी को भी संदेश माना जा रहा है और बीजेपी के दक्षिण भारतीय कनेक्ट की भी चर्चा हो रही है।
वित्त मंत्री के रूप में नवीं बार बजट पेश करते हुए निर्मला सीतारमण क्या एक ख़ास संकेत और संदेश दे रही हैं? निर्मला सीतारमन की साड़ी एक बार फिर चर्चा में है।इसे बीजेपी के ‘मिशन साउथ’ के सबसे अहम राज्य और वित्त मंत्री के गृह प्रदेश तमिलनाडु को साधने की एक सांकेतिक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र राज्य की हथकरघा की और विरासत की परंपरा का प्रतीक कांचीपुरम या कांजीवरम साड़ी से भी संदेश मिल रहा है और दक्षिण भारतीय कनेक्ट की भी चर्चा हो रही है।
पारंपरिक कांचीपुरम साड़ी तमिलनाडु की समृद्ध विरासत की प्रतीक-
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन जब देश के नागरिकों की आकांक्षा और उम्मीदों के केंद्र आम बजट के पिटारे 'बजट के बही खाते’ को लेकर सामने आयीं तो सबकी नज़र हर उस संदेश पर थी जो इस साल पाँच राज्यों के चुनाव से पहले एनडीए सरकार इस बजट के ज़रिए देने वाली है।लेकिन इस तस्वीर से एक और सियासी संकेत मिल रहे हैं।हर बार अपने परिधान साड़ी से भारतीय हस्तशिल्पियों को समर्थन और प्रोत्साहन देने वालीं वित्त मंत्री की साड़ी इस बार एक फिर ख़ास संकेत दे रही है। यह केवल परंपरा या व्यक्तिगत पसंद तक सीमित नहीं बल्कि बीजेपी के आगामी लक्ष्य की ओर भी संकेत है।बजट पेश करते समय निर्मला सीतारमण ने तमिलनाडु की पारंपरिक हथकरघा विरासत की प्रतीक कांचीपुरम या कांजीवरम साड़ी पहनने का फ़ैसला किया।इस साड़ी पर हल्के सुनहरे रंग के चेक्स बुने गए हैं जिन्हें स्थानीय बुनकरी परंपरा में ‘कट्टम’ कहा जाता है।वित्त मंत्री के गृह प्रदेश तमिलनाडु की विरासत इस साड़ी का बॉर्डर और उस पर किया गया सूक्ष्म थ्रेड वर्क कांचीपुरम क्षेत्र की पारंपरिक बुनाई शैली को दर्शाता है।
मिशन साउथ है बीजेपी के लिए खास-
वित्त मंत्री के रूप में नवीं बार बजट पेश करते हुए निर्मला सीतारमन का यह पहनावा महज़ फैशन स्टेटमेंट नहीं माना जा सकता बल्कि तमिलनाडु की सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित करने का माध्यम भी कहा जा सकता है।ऐसे समय में जब बीजेपी दक्षिण भारत में अपनी राजनीतिक पकड़ मज़बूत करने की कोशिश में जुटी है और सामने ' मिशन साउथ’ की चुनौती है इस ख़ास पर दिन कांचीपुरम साड़ी का चयन तमिलनाडु सांस्कृतिक विरासत और लोगों के मन को साधने की कोशिश के तौर कर भी परिभाषित किया जा सकता है।साथ ही इसको यह संदेश देने की कोशिश के तौर कर भी देखा जा रहा है कि तमिलनाडु और दक्षिण भारत की परंपरा को केंद्र सरकार कितनी अहमियत देती है और स्थानीय हस्तशिल्प और विरासत के प्रति कितनी संवेदनशील है।
उत्तर बना दक्षिण के आरोपों के बीच प्रतीकात्मक संकेत-
तमिल नाडु में भी इस साल चुनाव होने हैं ऐसे में उत्तर बनाम दक्षिण की जंग की चर्चा है।डीएमके प्रमुख और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन कई बार तमिल पहचान, संस्कृति, भाषा की बात उठाकर बीजेपी को घेरते रहे हैं।ऐसे में उत्तर भारत की पार्टी मानी जाने बीजेपी की दक्षिण भारतीय वित्त मंत्री का यह संकेत ख़ास माना जा रहा है।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन तमिलनाडु से आती हैं इस रणनीति का एक अहम चेहरा हैं।बजट जैसे दिन उनकी अपनी पसंद सुरुचिपूर्ण पहनावे के साथ इसी बड़े राजनीतिक संदेश को भी पेश कर रहा है। राजनीति में प्रतीकात्मक संकेतों के महत्व से इनकार नहीं किया जा सकता।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ख़ुद हर मौक़े पर अपने पहनावे से संदेश देते हैं।ऐसे में बजट भाषण में निर्मला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन की साड़ी को भी राजनीतिक विश्लेषक प्रतीकों की भाषा में सकारात्मक पहल मान रहे हैं।

