Nishant Kumar's Grand Entry In Politics : बिहार की राजनीति में आज एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने औपचारिक रूप से जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की सदस्यता ले ली है। पटना स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक भव्य समारोह में यह प्रक्रिया पूरी हुई। जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने उन्हें पार्टी का पटका पहनाकर सदस्यता दिलाई। निशांत कुमार की सक्रिय राजनीति में एंट्री को लेकर कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। काफी समय से पर्दे के पीछे रहने वाले निशांत अब पार्टी के मुख्य चेहरे के रूप में उभरेंगे। उनके इस कदम को भविष्य के मुख्यमंत्री और नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा है। मंच पर मौजूद तमाम दिग्गज नेताओं ने निशांत कुमार का गर्मजोशी से स्वागत किया। बिहार की राजनीति के लिए यह क्षण आने वाले दशकों की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।
शुभ मुहूर्त और भव्य शपथ ग्रहण समारोह
निशांत कुमार के राजनीति में आने की तैयारी पूरी सादगी और धार्मिक आस्था के साथ की गई। उन्होंने रविवार को विशेष शुभ मुहूर्त में सदस्यता ग्रहण करने का निर्णय लिया। पहले सदस्यता का समय दोपहर 1:00 बजे निर्धारित था। हालांकि ज्योतिषीय परामर्श के बाद इसे आधा घंटा आगे बढ़ाया गया। निशांत ने ठीक दोपहर 1:30 बजे जेडीयू की प्राथमिक सदस्यता ली। जैसे ही उन्होंने कागजों पर हस्ताक्षर किए, पूरा दफ्तर 'निशांत कुमार जिंदाबाद' के नारों से गूंज उठा।
नीतीश कुमार की गैर-मौजूदगी और पार्टी का संदेश
शपथ ग्रहण के दौरान मंच पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मौजूद नहीं थे। मंच पर निशांत के साथ संजय झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा प्रमुखता से दिखे। उमेश कुशवाहा ने मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि निशांत कुमार ने कार्यकर्ताओं की आवाज पर राजनीति में आने का मन बनाया है। पार्टी के पुराने नेताओं ने इसे एक स्वाभाविक प्रक्रिया बताया है। वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि निशांत एक ऊर्जावान युवा हैं। उनके आने से पार्टी के युवा विंग को एक नई संजीवनी मिलने की उम्मीद है।
डिप्टी सीएम बनने की अटकलें हुईं तेज
निशांत कुमार के जेडीयू में शामिल होते ही बिहार मंत्रिमंडल में बदलाव की चर्चा शुरू हो गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उन्हें जल्द ही बिहार का डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबरें भी अब जोर पकड़ रही हैं। अगर नीतीश दिल्ली का रुख करते हैं, तो निशांत बिहार में सरकार का चेहरा होंगे। बीजेपी और जेडीयू के बीच नए गठबंधन समीकरणों के तहत यह फैसला लिया जा सकता है। इससे पार्टी के भीतर भी नए नेतृत्व को लेकर संशय खत्म हो गया है।
निशांत कुमार ने स्पष्ट की अपनी भूमिका
सदस्यता लेने के बाद निशांत कुमार ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने अपने पिता नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले को निजी बताया। उन्होंने कहा कि वह अपने पिता के हर निर्णय का सम्मान करते हैं। निशांत ने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि वह उनकी उम्मीदों पर खरा उतरेंगे। उन्होंने वरिष्ठ नेताओं जैसे ललन सिंह और विजय चौधरी का आशीर्वाद लिया। निशांत ने कहा कि जिस तरह नीतीश जी ने 20 साल बिहार की सेवा की, वह भी उसी रास्ते पर चलेंगे।
जेडीयू के भविष्य की नई रणनीति
शनिवार को निशांत ने पार्टी के युवा विधायकों के साथ लंबी चर्चा की थी। इस बैठक में आगामी चुनावों और संगठन विस्तार पर बात हुई। निशांत कुमार अब राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा कर सकते हैं। उनका मुख्य फोकस युवाओं को पार्टी की विचारधारा से जोड़ना होगा। पार्टी कार्यालय के बाहर उनके समर्थकों का हुजूम देर शाम तक जमा रहा। बिहार की जनता अब निशांत कुमार की नई राजनीतिक पारी को उत्सुकता से देख रही है।