बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन बिहार से जाएंगे राज्यसभा, बंगाल में पार्टी का चुनावी दांव
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नितिन नबीन बिहार सरकार में मंत्री थे, जब उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया था।

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन बिहार से जाएंगे राज्यसभा, बंगाल में पार्टी का चुनावी दांव

श्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने की वजह से बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा की लॉटरी लगने वाली है। उन्हें बीजेपी ने राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। पार्टी ने कुल 9 उम्मीदवारों की लिस्ट एक साथ जारी की है।


बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन अब विधायकी छोड़कर राज्यसभा के जरिये संसद पहुंचने वाले हैं। बीजेपी ने उन्हें बिहार से राज्यसभा भेजने का फैसला किया है, जहां उनका जीतना तय माना जा रहा है। इसके अलावा बिहार से शिवेश कुमार को भी राज्यसभा का टिकट दिया गया है। पश्चिम बंगाल में चुनाव को देखते हुए बीजेपी ने राहुल सिन्हा को भी राज्यसभा भेजने का फैसला किया है।

नितिन नबीन बिहार सरकार में मंत्री थे, जब उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया था। अब उन्होंने विधायकी की बजाय राज्यसभा की राह चुनी है। बिहार से बीजेपी ने नितिन नवीन के अलावा शिवेश कुमार को भी राज्यसभा का टिकट दिया है। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने की वजह से बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा की लॉटरी लगने वाली है। उन्हें बीजेपी ने राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। वहीं छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा राज्यसभा जाएंगी। इस तरह पार्टी ने कुल 9 उम्मीदवारों की लिस्ट एक साथ जारी की है।

असम में भी चुनाव होने वाले हैं। बीजेपी ने वहां की दो राज्यसभा सीटों के लिए असम के पथ निर्माण मंत्री जोगेन मोहन और विधायक तेराश गोवाला को उम्मीदवार बनाया गया है। ओडिशा से पार्टी ने मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल सामल को कैंडिडेट बनाया है तो वहीं सुजीत कुमार को फिर से मौका दिया गया है।

हरियाणा से संजय भाटिया को राज्यसभा भेजा जाएगा, जो पहले लोकसभा के सांसद रहे हैं। वहीं शिवेश कुमार बिहार भाजपा के महामंत्री हैं। उन्हें भी मौका मिला है। पूरी लिस्ट को देखें तो भाजपा ने ज्यादातर ऐसे लोगों को मौका दिया है, जो संगठन में काम कर रहे हैं। इसके अलावा असम से दो नेताओं को राज्यसभा भेजा है। साफ है कि अब पार्टी उनकी सेवाएं राज्य की बजाय केंद्रीय राजनीति में भी लेना चाहती है।

पश्चिम बंगाल में अप्रैल-मई में ही चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में राहुल सिन्हा को राज्यसभा भेजने का फैसला अहम माना जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि वह कायस्थ समाज से आते हैं, जिसकी बड़ी आबादी पश्चिम बंगाल में है। इस वर्ग का बड़ा हिस्सा अब तक टीएमसी को वोट डालता रहा है, लेकिन भाजपा उन्हें लुभाने की कोशिश में जुटी है।

यहां तक कि जब नितिन नबीन अध्यक्ष बनाए गए तो उन्हें लेकर भी यही कहा गया था कि पार्टी ने बंगाल चुनाव को साधने के लिए यह फैसला लिया है। इसके अलावा राहुल सिन्हा पार्टी के पुराने नेता हैं और मुश्किल वक्त में राज्य में संगठन खड़ा करने के लिए भी मेहनत से काम किया है।

इस तरह बिहार में एनडीए ने पांचवां कैंडिडेट राज्यसभा में खड़ा कर दिया है। उसके पास अपने दम पर 4 कैंडिडेट जिताने का बहुमत है, लेकिन पांचवां कैंडिडेट उपेंद्र कुशवाहा को उतारकर उसने मुकाबला रोचक कर दिया है। बता दें कि बिहार से जेडीयू ने नीतीश कुमार के बेटे निशांत को राजनीति में उतारने का फैसला लिया है। उन्हें राजनीति में लाने के लिए लंबे समय से कोशिशें होती रही हैं और अब जेडीयू की रणनीति सफल होती दिख रही है।

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