
बिहार मंत्रिमंडल विस्तार: BJP- नीतीश कुमार का बड़ा कदम, जातिगत और क्षेत्रीय समीकरण को साधने की कवायद
Nitish Kumar cabinet expansion: नीतीश कुमार और बीजेपी ने मंत्रिमंडल में उन चेहरों को शामिल किया है, जो बिहार के विभिन्न क्षेत्रों और जातिगत समीकरणों का प्रतिनिधित्व करते हैं.
Bihar cabinet expansion: बिहार में इस साल अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनावी साल में ही नीतीश कुमार ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया है. इससे प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई. पिछले एक साल से इस विस्तार को लेकर अटकलें चल रही थीं. लेकिन चुनावी साल में अचानक इस फैसले ने सभी को चौंका दिया. इस विस्तार में बीजेपी के सात विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है. ऐसे में यह समझना और जानना जरूरी है कि इस फैसले के पीछे का असल मकसद क्या है.
जातिगत समीकरण
नीतीश कुमार और बीजेपी ने मंत्रिमंडल में उन चेहरों को शामिल किया है, जो बिहार के विभिन्न जातिगत समीकरणों का प्रतिनिधित्व करते हैं. इस कदम के जरिए दोनों दलों ने अपनी रणनीति को पुख्ता किया है. आइए, उन प्रमुख मंत्रियों और उनके जातिगत समीकरणों को समझने की कोशिश करते हैं.
कृष्ण कुमार मंटू
ये कुर्मी जाति से आते हैं. कुर्मी समाज के लोग नीतीश कुमार को परंपरागत रूप से वोट देते आए हैं. बीजेपी ने इस चुनावी साल में कृष्ण कुमार मंटू को मंत्री बनाकर इस वोट बैंक को और मजबूत किया है. इससे एनडीए को कुर्मी वोट उसी तरह मिल सकता है. जैसे जेडीयू को मिलता आया है.
जीवेश मिश्रा
ये भूमिहार जाति से आते हैं. इस समुदाय का वोट बैंक हमेशा से नीतीश कुमार और बीजेपी के साथ रहा है. लेकिन पिछले चुनावों में इस वोट बैंक में बिखराव देखा गया. तेजस्वी यादव ने इस जाति को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए रणनीतियां अपनाई थीं. अब, जीवेश मिश्रा को मंत्रिमंडल में शामिल कर बीजेपी और नीतीश कुमार ने यह संदेश दिया है कि भूमिहारों को सबसे ज्यादा सम्मान वही दे रहे हैं.
संजय सरावगी
वैश्य जाति से होने के कारण संजय सरावगी का बीजेपी से गहरा नाता रहा है. पिछले कुछ समय में लालू यादव ने तेजस्वी यादव के जरिए ओबीसी वोटरों में सेंधमारी की थी. इसलिए बीजेपी ने संजय सरावगी को मंत्री बनाकर अपनी कोर वोट बैंक के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है.
मोतीलाल प्रसाद
ये तेली जाति से आते हैं. जो मुख्य रूप से बीजेपी के पक्के वोटर माने जाते हैं. अति पिछड़े वर्ग से आने वाले मोतीलाल प्रसाद को मंत्री बनाकर नीतीश कुमार और बीजेपी ने इस वर्ग को सहेजने की कोशिश की है.
राजू सिंह
राजपूत जाति से होने के कारण, ये हमेशा से बीजेपी के साथ जुड़े रहे हैं. हालांकि, पहले बीजेपी के खिलाफ उनके असंतोष के कारण आरजेडी की ओर झुकाव बढ़ा था. अब राजू सिंह को मंत्री बनाकर नीतीश कुमार और बीजेपी ने राजपूत समाज को यह संदेश दिया है कि एनडीए में उन्हें पूरा सम्मान मिल रहा है.
विजय कुमार मंडल
ये केवट जाति से आते हैं. मुकेश सहनी के नेतृत्व में निषाद समाज की अधिकतर आबादी उनके साथ जुड़ चुकी थी. विजय कुमार मंडल को मंत्री बनाकर बीजेपी और नीतीश कुमार ने केवट जाति के लिए एक नया नेतृत्व पेश किया है. जिससे वे एनडीए को फिर से जोड़ने में सफल हो सकते हैं.
सुनील कुमार कुशवाहा
कुशवाहा जाति से होने के कारण, ये नीतीश कुमार के करीबी समर्थक माने जाते हैं. उपेंद्र कुशवाहा और सम्राट चौधरी के साथ इस जाति का राजनीतिक जुड़ाव पहले से ही था. अब सुनील कुमार कुशवाहा को मंत्री बनाकर नीतीश कुमार और बीजेपी ने इस वोट बैंक पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है.
क्षेत्रीय समीकरण
कृष्ण कुमार मंटू
ये छपरा के अमनौर से विधायक हैं और उनका प्रभाव क्षेत्र छपरा, सिवान, गोपालगंज के इलाकों में है. लालू यादव की पार्टी का इन इलाकों में प्रभाव अधिक है और मंटू के जरिए बीजेपी और नीतीश कुमार ने इस इलाके में अपनी स्थिति को मजबूत किया है.
जीवेश मिश्रा
दरभंगा के जाले विधानसभा से आने वाले जीवेश मिश्रा को मंत्री बनाकर बीजेपी और नीतीश कुमार ने इस इलाके में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. इससे यह संदेश गया है कि यह इलाका अब एनडीए के प्रभाव में आ चुका है.
संजय सरावगी
दरभंगा सदर से विधायक संजय सरावगी को मंत्री बनाकर बीजेपी और नीतीश कुमार ने इस इलाके में आरएसएस के स्वयंसेवकों को भी साधने की कोशिश की है.
मोतीलाल प्रसाद
सीतामढ़ी जिले से आने वाले मोतीलाल प्रसाद को मंत्री बनाकर बीजेपी और नीतीश कुमार ने इस इलाके में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ विभिन्न वर्गों को जोड़ने का प्रयास किया है.
राजू सिंह
मुजफ्फरपुर के साहिबगंज से आने वाले राजू सिंह को मंत्री बनाकर बीजेपी ने सवर्ण समाज में अपनी स्थिति को मजबूत किया है. खासतौर पर इस इलाके में अपनी पैठ को बढ़ाया है.
विजय कुमार मंडल
अररिया जिले के सिकटी से विधायक विजय कुमार मंडल को मंत्री बनाकर बीजेपी और नीतीश कुमार ने सीमांचल क्षेत्र के मुस्लिम बहुल इलाके में नए समीकरण बनाने की कोशिश की है.
सुनील कुमार कुशवाहा
बिहारशरीफ से विधायक सुनील कुमार कुशवाहा को मंत्री बनाकर जेडीयू और बीजेपी ने इस इलाके में अपने राजनीतिक गठजोड़ को और मजबूत किया है और यह संदेश भी दिया है कि दोनों दलों के बीच किसी भी तरह का मतभेद नहीं है.